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नए सफाई कर्मियों की भर्ती नहीं, कचरे से अटे डंपिंग प्वाइंट की गंदगी से जीना दुभर

Thu, 09 Jul 2020 10:21 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 09 Jul 2020 10:21 PM IST
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रोहतक रोड स्थित डंपिंग प्वाइंट पर पड़ा कचरा। - फोटो : CharkhiDadri
80 सफाई कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाने के बाद से शहर में सफाई व्यवस्था चरमराई हुई है। बुुधवार को बूंदाबांदी होने से वार्डों के करीब 90 डंपिंग प्वाइंटों पर पड़ा कचरा सड़ रहा है। कचरा उठान न होने से शहरवासी परेशान हैं जबकि कर्मचारियों को नए सिरे से भर्ती करने की प्रक्रिया अभी तक पूरी नहीं हुई है। भर्ती प्रक्रिया में हो रही देरी का खामियाजा शहर की अस्सी हजार की आबादी को भुगतना पड़ रहा है।
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नगर परिषद ने करीब दस दिन पहले कांट्रेक्ट पूरा होने के बाद 80 सफाई कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया था। इनमें नंदीशाला में तैनात कर्मचारियों के अलावा सफाई कर्मी और कचरा उठान करने वाले वाहनों के चालाक भी शामिल थे। अभी तक नई भर्ती प्रक्रिया सिरे नहीं चढ़ पाई है। फिलहाल नगर परिषद के पास 147 कर्मचारी हैं जिनमें से प्रतिदिन करीब 100 ही काम पर आ रहे हैं। इन्हीं कर्मचारियों की ड्यूटी नप कार्यालय के अलावा अधिकारियों के आवासों की सफाई और कचरा उठान में लगाई जाती है। हालांकि नगर परिषद ने डोर-टू-डोर कचरा उठान सेवा को जैसे-तैसे कर सुचारु रखा हुआ है।
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कर्मचारियों की कमी के चलते वार्डों से कचरा लेने नप के ऑटो टीपर कभी दो तो कभी तीन दिन में पहुंच रहे हैं। इसके चलते ज्यादातर लोग सड़ने के डर से कचरा खुले में डाल रहे हैं। शहर के डंपिंग प्वाइंटों की हालत तो बेहद खराब बनी हुई है। यहां काफी कचरा पड़ा हुआ है जिसके पिछले एक सप्ताह से उठान नहीं हुआ है। पार्षदों की मानें तो एक वार्ड में चार से पांच बड़े डंपिंग प्वाइंट पर हैं जिन पर कई गलियों के लोग कचरा डालते हैं। वहीं, एक वार्ड में 10 से 15 छोटे डंपिंग प्वाइंट भी हैं। इन सभी डंपिंग प्वाइंटों से पिछले दस दिन से कचरे का उठान नहीं हुआ है।
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ये है सफाई संबंधी मौजूदा संसाधनों का ब्योरा
संसाधन संख्या
ऑटो टीपर 21
ई-रिक्शा 20
ट्रैक्टर-ट्रॉली 5
डंपर प्लेजर 2
लोडर 1
स्वीपिंग मशीन 1
तीन पहिया ऑटो 1
पक्के कर्मचारी 56
डेली बेसिस कर्मचारी 91
डीसी ऑफिस से भर्ती को मंजूरी मिलने का इंतजार
नप सूत्रों के अनुसार कर्मचारियों को नए सिरे से भर्ती करने की फाइल डीसी कार्यालय में नगर परिषद ने भेज रखी है। वीरवार तक इस पर स्वीकृति नहीं मिल पाई जिसके चलते भर्ती प्रक्रिया फिलहाल लटकी हुई है। नई भर्ती होने के बाद भी शहर की बेपटरी सफाई व्यवस्था के पटरी पर लौटने की उम्मीद है। डीसी कार्यालय से अनुमति मिलने में हो रही देरी से शहरवासी भी परेशान हैं।
पार्षद बोले: डंपिंग प्वाइंटों पर फैला है कचरा, नहीं आते सफाईकर्मी
वार्ड के पांच डंपिंग प्वाइंटों पर पिछले दस दिनों से कचरा पड़ा हुआ है। बूंदाबांदी के चलते कचरा सड़ रहा है और वार्डवासी परेशान हैं। पिछले दस दिनों से मेरे वार्ड में न गलियों की सफाई हुई है और न डंपिंग प्वाइंट साफ हुए हैं।
- दीपक श्योराण, उप-प्रधान, नगर परिषद
डंपिंग प्वाइंटों से नगर परिषद कूड़ा नहीं उठवा रही है। घरों से कचरा लेने के लिए भी गाड़ी कभी दो तो कभी तीन दिन में आ रही है। डंपिंग प्वाइंटों पर पड़ा कचरा सड़ रहा है, लेकिन नगर परिषद कर्मचारी वार्ड में नहीं आ रहे हैं।
- विरेंद्र पप्पू, पार्षद, वार्ड-19
वार्ड में डोर-टू-डोर कचरे का उठान करने के लिए ऑटो टीपर नहीं आ रहा है। डंपिंग प्वाइंटों पर भी कचरे की भरमार है। पिछले दस दिनों से वार्ड की सफाई व्यवस्था चौपट है और वार्डवासी परेशान हैं। गलियों में भी कचरा फैला है।
- ज्योति देवी, पार्षद, वार्ड-12
कर्मचारी हटाने के बाद से मेरे वार्ड की सफाई व्यवस्था चरमराई हुई है। वार्ड में पांच बड़े डंपिंग प्वाइंट हैं और वहां से कचरे का उठान नहीं हो रहा। वार्डवासी बेहद परेशान हैं। गलियों की सफाई नहीं हो रही है और कचरा फैला हुआ है।
- सुमन देवी, पार्षद, वार्ड-17
लोग बोले: दो से तीन दिन घरों में पड़ा रहता है कचरा
वार्ड में पहले कचरा लेने नियमित ऑटो टीपर आता था लेकिन पिछले दस दिनों से कभी दो तो कभी तीन दिन में नगर परिषद की गाड़ी कचरा लेने आती है। तब तक कचरा घर में रखे डस्टबिन में ही पड़ा रहता है।
- अजय
घरों से कचरे का उठान नियमित नहीं हो रहा है। इस मौसम में कचरा जल्दी सड़क जाता है। पहले निर्धारित समय पर ऑटो टीपर कचरा लेने आ जाता था लेकिन पिछले दस दिनों से व्यवस्था गड़बड़ाई हुई है।
- अमित
घरों में गीला और सूखा कचरा डालने के लिए हमने दो डस्टबिन लगाए हुए हैं। बाहर फेंकने की बजाय हम कचरा नप की गाड़ी में ही डालते हैं। पिछले दस दिनों से कचरा उठान करने वाले ऑटो टीपर नियमित नहीं आ रहे।
- कृष्ण
48 से 72 घंटे तक गीला कचरा घर में पड़ा सड़ता रहता है लेकिन नगर परिषद की टीम कचरा लेने नहीं आती। घर के समीप ही लोग कचरा फेंक रहे हैं और वहां से कचरे का उठान नहीं किया जाता। इस मौसम में कचरा सड़ रहा है।

- जगदीश
नए सिरे से कर्मचारियों की भर्ती की फाइल हमने डीसी ऑफिस भेजी हुई है। जल्द ही मंजूरी मिल जाएगी और इसके तुरंत बाद कर्मचारियों की भर्ती कर ली जाएगी। जितने कर्मचारी हमारे पास हैं उनसे व्यवस्था बनाने का हरसंभव प्रयास कर रहे है।
- राजकुमार, चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टर
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