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Charkhi Dadri News: शहर की सफाई व्यवस्था मिली कचरा...
Fri, 08 Dec 2023 10:19 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Fri, 08 Dec 2023 10:19 PM IST
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एमआरएफ सेंटर पर एजेंसी के चालक से पूछताछ करते हुए मुख्यमंत्री उड़नदस्ता में शामिल अधिकारी। संव
चरखी दादरी।
मुख्यमंत्री के उड़नदस्ते ने शुक्रवार सुबह से दोपहर तक शहर की सफाई व्यवस्था का निरीक्षण किया। इसमें सारी व्यवस्था कचरा मिली। टीम को डंपिंग प्वाइंट्स पर कचरे के ढेर मिले। गलियों में भी झाडू न लगाने की शिकायत मिली। टीम ने एमआरएफ सेंटर पर पहुंचकर वजन मशीन, सीसीटीवी, रिकॉर्ड और एजेंसी के लिए काम करने वाले कर्मचारियों की गणना की। करीब चार घंटे के निरीक्षण में सफाई व्यवस्था में कई खामियां मिलीं। इससे सफाई व्यवस्था की पोल खुल गई।
मुख्यमंत्री का उड़नदस्ता शुक्रवार सुबह 10 बजे गुप्तचर विभाग इकाई को साथ लेकर नगर परिषद कार्यालय में पहुंचा। यहां ईओ से बातचीत कर सफाई की मौजूदा व्यवस्था का जायजा लिया। अधिकारी ने बताया कि शहर में सफाई का काम परिषद के कर्मचारी करते हैं जबकि कचरे का उठान एजेंसी करती है। इसके बाद टीम ने परिषद की ओर से दिए गए एजेंसी को वाहनों का ब्योरा जाना और फिर 10:40 बजे धरातल पर सफाई व्यवस्था का जायजा लेने निकली।
निरीक्षण के दौरान टीम ने शहर में छह जगहों का जायजा लिया और ज्यादातर जगहों पर व्यवस्था को लेकर नाराजगी जताई। दो डंपिंग प्वाइंट से कचरे का उठान नहीं किया गया था। एक गली में पिछले दो माह से सफाई नहीं की गई थी। टीम के सवाल पूछने पर एजेंसी के कर्मचारी जवाब नहीं दे सके।
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शहर में जायजा लेने के बाद टीम एमआरएफ सेंटर पहुंची और वहां लगे सीसीटीवी, धर्मकांटा, एजेंसी के कर्मचारियों की संख्या जांची। निरीक्षण के दौरान ड्यूटी मजिस्ट्रेट के तौर पर कृषि विभाग के एसडीओ मदनपाल टीम के साथ रहे।
जानिये... कब, कहां पहुंची टीम और क्या मिली स्थिति
1- मेजबान चौक : 9:51 पर टीम मेजबान चौक पर पहुंची। यहां टीम को एक जेसीबी और एक ट्रैक्टर खड़ा मिला। टीम के सामने वहां से थोड़ा कचरा उठाया गया। उसी दौरान टीम ने एजेंसी के प्रतिनिधि को तलब किया। वहां उससे सभी कर्मचारियों की सूची देकर और उन्हें एमआरएफ सेंटर पर बुलाने के निर्देश दिए।
2- चरखी दरवाजा : 11:10 पर टीम चरखी दरवाजा पहुंच गई। वहां टीम को कचरे का ढेर मिला और छह गोवंश कचरे में चारा खोजते मिले। इसके बाद टीम के सदस्यों ने मोबाइल फोन से कचरे की फोटो ली और ईओ समेत स्थानीय लोगों से बातचीत की। टीम के समक्ष दो महिला स्वच्छकों ने रेहड़ी में कचरा लाकर डंपिंग प्वाइंट पर डाला।
3- गोशाला चौक : 11:30 बजे टीम गोशाला चौक से महेंद्रगढ़ चुंगी की तरफ जाने वाली सड़क पर पहुंची। वहां सड़क किनारे काफी कचरा पड़ा मिला जबकि तीन गोवंश कूड़े में चारा खोजते मिले। वहां तैनात एजेंसी के कर्मचारियों ने बताया कि वह हर तीन दिन में यहां से कचरा उठाते हैं लेकिन टीम ने उनके इस तर्क को नकार दिया और कचरा तत्काल उठाने का आदेश दिया।
4- वार्ड-12 : 11:45 बजे टीम वाल्मीकि बस्ती होकर अनाज मंडी के सामने वाली गली में पहुंची। यहां सड़क और इसके किनारे काफी कचरा मिली। वहां तैनात महिला स्वच्छक काफी देर बाद मौके पर पहुंचीं और उन्होंने कबूल किया कि दो माह से गली में झाडू नहीं लगाई गई है। कचरा उठान न होने पर एजेंसी कोई जवाब नहीं दे सकी।
5- नई अनाज मंडी : टीम नई अनाज मंडी के गेट के सामने पहुंची तो सड़क पार करते ही काफी मात्रा में कचरा पड़ा मिला। इसके बाद मार्केट कमेटी और मंडी की सफाई की ठेकेदार एजेंसी के प्रतिनिधि से बातचीत कर आवश्यक हिदायतें दी गईं। मार्केट कमेटी का ठेकेदार कचरा डालने वाली जगह नहीं बता पाया।
6- एमआरएफ सेंटर : टीम करीब 12 बजे एमआरएफ सेंटर पर पहुंची और दो बजे तक वहीं डटी रही। इस दौरान एजेंसी के कर्मचारियों की गिनती की गई। पांच कर्मचारी अनुपस्थित मिले। टीम ने सभी कर्मचारियों के आधार कार्ड चेक किए। हालांकि धर्मकांटे की जांच के बाद टीम को गड़बड़ी का अंदेशा भी हुआ।
- लोग बोले : आज अफसर आए तो वार्ड में लग गई ऑटो टीपर और ट्रैक्टरों की कतार
टीम जहां भी निरीक्षण करने पहुंची वहां कुछ देर बाद ही नगर परिषद के वाहन पहुंच गए। कुछ जगहों पर तीन ऑटो टीपर समेत ट्रैक्टर और जेसीबी भी मिली। चरखी दरवाजा के लोगों ने तो नगर परिषद के अधिकारियों के सामने ही बोल दिया कि आज पहली बार इतनी संख्या में नगर परिषद के वाहन एकसाथ आए हैं। लोगों ने बताया कि चरखी दरवाजा से कचरे का उठान तो होता है, लेकिन डंपिंग प्वाइंट से कचरा कभी खत्म नहीं होता।
मुख्यमंत्री उड़नदस्ते के निरीक्षण के लिए मुझे ड्यूटी मजिस्ट्रेट तैनात किया गया था। निरीक्षण के दौरान सफाई व्यवस्था बदहाल मिली। कुछ गलियों में झाडू लगी नहीं मिली तो कुछ जगहों पर कचरे के ढेर मिले। निरीक्षण की रिपोर्ट बनाकर उच्चाधिकारियों को सौंपी जाएगी। - मदनपाल, एसडीओ कृषि विभाग एवं ड्यूटी मजिस्ट्रेट।
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मुख्यमंत्री के उड़नदस्ते ने शुक्रवार सुबह से दोपहर तक शहर की सफाई व्यवस्था का निरीक्षण किया। इसमें सारी व्यवस्था कचरा मिली। टीम को डंपिंग प्वाइंट्स पर कचरे के ढेर मिले। गलियों में भी झाडू न लगाने की शिकायत मिली। टीम ने एमआरएफ सेंटर पर पहुंचकर वजन मशीन, सीसीटीवी, रिकॉर्ड और एजेंसी के लिए काम करने वाले कर्मचारियों की गणना की। करीब चार घंटे के निरीक्षण में सफाई व्यवस्था में कई खामियां मिलीं। इससे सफाई व्यवस्था की पोल खुल गई।
मुख्यमंत्री का उड़नदस्ता शुक्रवार सुबह 10 बजे गुप्तचर विभाग इकाई को साथ लेकर नगर परिषद कार्यालय में पहुंचा। यहां ईओ से बातचीत कर सफाई की मौजूदा व्यवस्था का जायजा लिया। अधिकारी ने बताया कि शहर में सफाई का काम परिषद के कर्मचारी करते हैं जबकि कचरे का उठान एजेंसी करती है। इसके बाद टीम ने परिषद की ओर से दिए गए एजेंसी को वाहनों का ब्योरा जाना और फिर 10:40 बजे धरातल पर सफाई व्यवस्था का जायजा लेने निकली।
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निरीक्षण के दौरान टीम ने शहर में छह जगहों का जायजा लिया और ज्यादातर जगहों पर व्यवस्था को लेकर नाराजगी जताई। दो डंपिंग प्वाइंट से कचरे का उठान नहीं किया गया था। एक गली में पिछले दो माह से सफाई नहीं की गई थी। टीम के सवाल पूछने पर एजेंसी के कर्मचारी जवाब नहीं दे सके।
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शहर में जायजा लेने के बाद टीम एमआरएफ सेंटर पहुंची और वहां लगे सीसीटीवी, धर्मकांटा, एजेंसी के कर्मचारियों की संख्या जांची। निरीक्षण के दौरान ड्यूटी मजिस्ट्रेट के तौर पर कृषि विभाग के एसडीओ मदनपाल टीम के साथ रहे।
जानिये... कब, कहां पहुंची टीम और क्या मिली स्थिति
1- मेजबान चौक : 9:51 पर टीम मेजबान चौक पर पहुंची। यहां टीम को एक जेसीबी और एक ट्रैक्टर खड़ा मिला। टीम के सामने वहां से थोड़ा कचरा उठाया गया। उसी दौरान टीम ने एजेंसी के प्रतिनिधि को तलब किया। वहां उससे सभी कर्मचारियों की सूची देकर और उन्हें एमआरएफ सेंटर पर बुलाने के निर्देश दिए।
2- चरखी दरवाजा : 11:10 पर टीम चरखी दरवाजा पहुंच गई। वहां टीम को कचरे का ढेर मिला और छह गोवंश कचरे में चारा खोजते मिले। इसके बाद टीम के सदस्यों ने मोबाइल फोन से कचरे की फोटो ली और ईओ समेत स्थानीय लोगों से बातचीत की। टीम के समक्ष दो महिला स्वच्छकों ने रेहड़ी में कचरा लाकर डंपिंग प्वाइंट पर डाला।
3- गोशाला चौक : 11:30 बजे टीम गोशाला चौक से महेंद्रगढ़ चुंगी की तरफ जाने वाली सड़क पर पहुंची। वहां सड़क किनारे काफी कचरा पड़ा मिला जबकि तीन गोवंश कूड़े में चारा खोजते मिले। वहां तैनात एजेंसी के कर्मचारियों ने बताया कि वह हर तीन दिन में यहां से कचरा उठाते हैं लेकिन टीम ने उनके इस तर्क को नकार दिया और कचरा तत्काल उठाने का आदेश दिया।
4- वार्ड-12 : 11:45 बजे टीम वाल्मीकि बस्ती होकर अनाज मंडी के सामने वाली गली में पहुंची। यहां सड़क और इसके किनारे काफी कचरा मिली। वहां तैनात महिला स्वच्छक काफी देर बाद मौके पर पहुंचीं और उन्होंने कबूल किया कि दो माह से गली में झाडू नहीं लगाई गई है। कचरा उठान न होने पर एजेंसी कोई जवाब नहीं दे सकी।
5- नई अनाज मंडी : टीम नई अनाज मंडी के गेट के सामने पहुंची तो सड़क पार करते ही काफी मात्रा में कचरा पड़ा मिला। इसके बाद मार्केट कमेटी और मंडी की सफाई की ठेकेदार एजेंसी के प्रतिनिधि से बातचीत कर आवश्यक हिदायतें दी गईं। मार्केट कमेटी का ठेकेदार कचरा डालने वाली जगह नहीं बता पाया।
6- एमआरएफ सेंटर : टीम करीब 12 बजे एमआरएफ सेंटर पर पहुंची और दो बजे तक वहीं डटी रही। इस दौरान एजेंसी के कर्मचारियों की गिनती की गई। पांच कर्मचारी अनुपस्थित मिले। टीम ने सभी कर्मचारियों के आधार कार्ड चेक किए। हालांकि धर्मकांटे की जांच के बाद टीम को गड़बड़ी का अंदेशा भी हुआ।
- लोग बोले : आज अफसर आए तो वार्ड में लग गई ऑटो टीपर और ट्रैक्टरों की कतार
टीम जहां भी निरीक्षण करने पहुंची वहां कुछ देर बाद ही नगर परिषद के वाहन पहुंच गए। कुछ जगहों पर तीन ऑटो टीपर समेत ट्रैक्टर और जेसीबी भी मिली। चरखी दरवाजा के लोगों ने तो नगर परिषद के अधिकारियों के सामने ही बोल दिया कि आज पहली बार इतनी संख्या में नगर परिषद के वाहन एकसाथ आए हैं। लोगों ने बताया कि चरखी दरवाजा से कचरे का उठान तो होता है, लेकिन डंपिंग प्वाइंट से कचरा कभी खत्म नहीं होता।
मुख्यमंत्री उड़नदस्ते के निरीक्षण के लिए मुझे ड्यूटी मजिस्ट्रेट तैनात किया गया था। निरीक्षण के दौरान सफाई व्यवस्था बदहाल मिली। कुछ गलियों में झाडू लगी नहीं मिली तो कुछ जगहों पर कचरे के ढेर मिले। निरीक्षण की रिपोर्ट बनाकर उच्चाधिकारियों को सौंपी जाएगी। - मदनपाल, एसडीओ कृषि विभाग एवं ड्यूटी मजिस्ट्रेट।