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सनसनवाल गौत्र के पास 35 साल तक रही है महराणा की चौधर

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 19 Oct 2022 12:33 AM IST
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Chaudhar of Maharana village has been with Sansanwal Gautra for 35 years
चरखी दादरी। करीब 4000 की आबादी वाले गांव महराणा में सनसनवाल गौत्र के लोगों ने 35 साल तक गांव की चौधर की है। इस गौत्र में भी एक ही परिवार से सरपंच चुने गए हैं। इस परिवार में पिता-पुत्र भी सरपंच रह चुके हैं। इन चुनावों में गांव में सरपंच पद के लिए चार उम्मीदवारों के नाम सामने आ रहे हें। इस बार सरपंच पद बीसी-ए वर्ग के लिए आरक्षित है। नए सरपंचों के लिए पंचायती चुनावों में पानी व रास्ते के निर्माण का मुद्दा हावी रहेगा।
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गांव महराणा में सनसनवाल, श्योराण, चाहर व कालीरमन गौत्र के अलावा अन्य वर्गों के लोग भी हैं। जहां तक सरपंची की बात है अब तक सनसनवाल गौत्र ने ही गांव में सबसे ज्यादा समय तक चौधर की है। सनसनवाल गौत्र में भी एक ही परिवार ने 35 साल तक सरपंची की है।
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ग्रामीणों के अनुसार सन 1977 तक सनसनवाल गौत्र से सूरत सिंह लगातार 15 साल तक गांव के सरपंच रहे। इसी प्रकार इसी परिवार में मनीराम भी दो बार सरपंच बने। मनीराम ने 10 साल तक गांव की सेवा की। इसी परिवार की अगली पीढ़ी में भगवान सिंह सरपंच बने। भगवान सिंह 1978 से 1982 तक सरपंच रहे। उसके बाद भगवान सिंह के पुत्र भगत सिंह 2005 से 2010 तक सरपंच रहे। ऐसे में इस परिवार ने कुल 35 साल गांव में सरपंची की है। पूर्व सरपंच भगत सिंह सन 2001 में हरियाणा लैंड मोरगेज बैंक के चेयरमैन भी रह चुके हैं।
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इनके अलावा महावीर सिंह ने गांव में दो योजना सरपंची की है। महावीर सिंह 1982 से 1987 व 1991-95 में सरपंच रहे। गांव में दो बार अनुसूचित वर्ग से सरपंच चुने गए हैं। गांव की चौधर दो बार महिलाओं के हाथ भी लगी है। एक बार महिला सामान्य वर्ग तो दूसरी महिला अनुसूचित जाति वर्ग से बनी थी।
चार जता रहे उम्मीदवारी, नामांकन के बाद स्थिति होगी साफ
फिलहाल सरपंच चुनाव के लिए चार उम्मीदवारों के नाम सामने आ रहे हैं। नामांकन के बाद ही सही तस्वीर साफ हो पाएगी। इस बार सरपंच पद बीसी ए वर्ग के लिए आरक्षित है और महाराणा भी चुनावी माहौल में रम चुका है।
ये मुद्दे रहेंगे हावी
पंचायत चुनावों में पानी का मुद्दा हावी रहेगा। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में जमीनी पानी खारा हो चुका है। आने वाले दिनों में पीने के पानी का भी संकट गहराएगा। ग्रामीणों का कहना है गांव में कई रास्ते खराब हैं और उनके निर्माण की भी जरूरत है। नए सरपंच के लिए इन समस्याओं का समाधान करवाना चुनौती से कम नहीं होगा।

महाराणा के ये हैं आंकड़े
आबादी- 4000
मतदाता- 2300
पुरुष मतदाता- 1300
महिला मतदाता- 1000
गांव का आपसी भाईचारा है बढ़िया
पूर्व सरपंच भगत सिंह व राजेंद्र सिंह महराणा का कहना है कि गांव का आपसी भाईचारा बढ़िया है। पंचायत चुनाव के दौरान कुछ दिन मामूली मनमुटाव होता है उसके बाद वहीं समरसता एवं आपसी सद्भावना देखने को मिलती है। ग्रामीण सामूहिक समस्याओं व बुराइयों का मिल-बैठकर समाधान करते हैं। इसी गांव निवासी आनंद सिंह महराणा दादरी शहर में दो बार पार्षद भी चुने जा चुके हैं।
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