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16 एमएम बारिश से खुशनुमा हुआ मौसम, 5.7 डिग्री लुढ़का तापमान
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फोटो-=40 वीरवार को बारिश के दौरान लोहारू रोड से गुजरते बाइक सवार।
- फोटो : CharkhiDadri
चरखी दादरी। क्षेत्र में वीरवार को शहर के अलावा विभिन्न भागों में हल्की बारिश हुई। सुबह से लेकर शाम तक 16 एमएम बारिश दर्ज की गई। बारिश से मौसम का मिजाज बदल गया और गर्मी का प्रकोप कम हो गया। दूसरी ओर इससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई। अधिकतम तापमान 5.7 डिग्री और न्यूनतम तापमान 111 डिग्री लुढ़का है। बारिश से खरीफ की फसलों में फायदा पहुंचने की उम्मीद है।
वीरवार सुबह ही आसमान में काली घटाएं छा गई और बूंदाबांदी शुरू हो गई। कुछ देर तक बूंदाबांदी हुई और इसके बाद हवा चल गई। इसके बाद दोपहर को और फिर शाम को भी हल्की बारिश हुई। सुबह से शाम तक 16 एमएम बारिश हुई और इससे मौसम खुशनुमा हो गया। बारिश के बाद वीरवार को न्यूनतम तापमान 25.3 डिग्री और अधिकतम तापमन 28.2 डिग्री दर्ज किया गया। पिछले 24 घंटों में न्यूनतम तापमान एक डिग्री और अधिकतम तापमान साढ़े पांच डिग्री से अधिक लुढ़का है।
किसान माडू्राम ने बताया कि बारिश से खरीफ की फसलों में फायदा हुआ है। उनका कहना है कि अभी बारिश की और जरूरत है क्योंकि मानसून सीजन में जिला में सूखा ही रहा है। बाजरा की फसल का ठीक प्रकार से पकाव भी नहीं हो सका। अब ज्यादा मात्रा में बारिश हो जाती है तो किसान रबी की सरसों की बिजाई आसानी से बिना सिंचाई किए कर सकेंगे। इससे किसान का प्रति एकड़ लागत खर्च कम हो जाएगा।
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वीरवार सुबह ही आसमान में काली घटाएं छा गई और बूंदाबांदी शुरू हो गई। कुछ देर तक बूंदाबांदी हुई और इसके बाद हवा चल गई। इसके बाद दोपहर को और फिर शाम को भी हल्की बारिश हुई। सुबह से शाम तक 16 एमएम बारिश हुई और इससे मौसम खुशनुमा हो गया। बारिश के बाद वीरवार को न्यूनतम तापमान 25.3 डिग्री और अधिकतम तापमन 28.2 डिग्री दर्ज किया गया। पिछले 24 घंटों में न्यूनतम तापमान एक डिग्री और अधिकतम तापमान साढ़े पांच डिग्री से अधिक लुढ़का है।
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किसान माडू्राम ने बताया कि बारिश से खरीफ की फसलों में फायदा हुआ है। उनका कहना है कि अभी बारिश की और जरूरत है क्योंकि मानसून सीजन में जिला में सूखा ही रहा है। बाजरा की फसल का ठीक प्रकार से पकाव भी नहीं हो सका। अब ज्यादा मात्रा में बारिश हो जाती है तो किसान रबी की सरसों की बिजाई आसानी से बिना सिंचाई किए कर सकेंगे। इससे किसान का प्रति एकड़ लागत खर्च कम हो जाएगा।
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