फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Charkhi Dadri News ›   charkhi dadri news

Charkhi Dadri News: 47 गांवों में लगाए जाएंगे सिंचाई क्षमता संवर्धन कैंप

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 09 Dec 2022 06:00 AM IST
विज्ञापन
charkhi dadri news
फोटो 11 जिले से गुजरने वाली लोहारू कैनाल। - फोटो : CharkhiDadri
चरखी दादरी। सिंचाई क्षमता संवर्धन के लिए भू-जल विभाग 48 गांवों में किसानों के लिए ट्रेनिंग शिविर लगाएगा। इस काम में युवा मित्र एजेंसी की मदद ली जाएगी। कैंप के जरिये किसानों से सिंचाई में इस्तेमाल होने वाले पानी की एक-एक बूंद बचाने का आह्वान किया जाएगा। जिला का बाढड़ा एरिया तो डार्क जोन में शामिल है और यहां किसानों को सतर्क होने की काफी जरूरत है।
विज्ञापन

सिंचाई ही नहीं पीने योग्य शुद्ध जल का भी आने वाले समय में संकट बढ़ना स्वाभाविक है। नहरों का 55 प्रतिशत तक पानी अब पेयजल में इस्तेमाल करना पड़ रहा है। पुराने समय में लोग कुएं आदि का पीने में इस्तेमाल करते थे लेकिन अब कुओं का अस्तित्व खत्म हो गया है। लोग अब जलघरों पर ही आश्रित रह गए हैं। इन जलघरों में नहरी पानी ही डाला जाता है। ऐसे में अब 55 प्रतिशत तक नहरी पानी पेयजल के रूप में इस्तेमाल होने लगा है।
विज्ञापन

पर्यावरण क्लब के नोडल अधिकारी डॉ.चंद्रमोहन का कहना है कि धरती के बढ़ते तापमान की वजह से ग्लेशियर पिघलने लगे हैं। सर्दी कम पड़ने की वजह से ग्लेशियरों पर पहले जितनी बर्फ का जमाव नहीं हो पा रहा है। ग्लोबल वार्मिंग के तहत समुद्र का जलस्तर भी अपने आप बढ़ना शुरू हो गया है। धरती पर मनुष्य के लिए पीने योग्य शुद्ध पानी मात्र दो प्रतिशत ही जल वैज्ञानिक मान रहे हैं। ऐसे में सिंचाई में इस्तेमाल होने वाले पानी की बचत करना जरूरी होता जा रहा है। किसानों को बारिश के सीजन में जल प्रबंधन पर ध्यान देने की जरूरत है। बारिश का पानी व्यर्थ बह जाता है। किसान इसका सूक्ष्म सिंचाई सिस्टम लगाकर इस्तेमाल कर सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

एक गांव में लगेंगे 6 कैंप
सिंचाई क्षमता संवर्धन के तहत एक गांव में छह कैंप लगाए जाएंगे। इन कैंप में जल विशेषज्ञ किसानों को विविध जानकारी देकर पानी की बचत के प्रति जागरूक करेंगे। इसके लिए युवा मित्र एजेंसी की ओर से यह कार्य पूरा करवाया जाना है। एक दिसंबर से यह अभियान शुरू हो चुका है। जिला में 166 ग्राम पंचायतें हैं। इस अभियान के तहत 48 ग्राम पंचायतों को इसमें शामिल किया जाएगा। जल विशेषज्ञ किसानों को विविध जानकारी देंगे।

आज किसान को भी पानी की एक-एक बूंद बचाने के लिए सोचना है। सिंचाई के पानी का सही दिशा में इस्तेमाल हो। बारिश के पानी का संचयन करना चाहिए। विभाग जिला के 48 गांवों में यह अभियान चलाएगा।
खुर्शीद अहमद, भू-जल विशेषज्ञ
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed