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Charkhi Dadri News: शौचालय बदहाल, 16 जगह से टूटी है चहारदीवारी...ये है रावलधी राजकीय स्कूल
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फोटो: 33 राजकीय स्कूल के शौचालय के पास उगी झाड़ियां।
- फोटो : CharkhiDadri
चरखी दादरी। गांव रावलधी स्थित शहीद राजकुमार राजकीय स्कूल में बने शौचालयों की हालत खस्ता है जबकि चहारदीवारी भी कंडम पड़ी है। बदहाल शौचालयों के चलते विद्यार्थी और स्टाफ सदस्य परेशान हैं जबकि टूटी चहारदीवार से गोवंश स्कूल के अंदर घूमते रहते हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से स्कूल की चहारदीवारी निर्माण के साथ शौचालयों की दशा सुधारने की मांग की है।
गांव रावलधी शहर के साथ लगता है और यहां स्थित राजकीय स्कूल में 215 विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण करते हैं। स्कूल का चहारदीवारी 16 जगहों से टूटी हुई है। इसके चलते जहां विद्यार्थी शिक्षकों की आंखों से बचकर बाहर निकल जाते हैं तो वहीं पशु अंदर प्रवेश कर जाते हैं। इतना ही नहीं स्कूल के समीप स्थित आईटीआई के विद्यार्थी भी दूरी कम करने के चक्कर में स्कूल से ही गुजरते हैं। पूर्व सरपंच अशोक कुमार, पूर्व सरपंच प्रतिनिधि राजेश कुमार व पूर्व पंच भूप सिंह ने बताया कि चहारदीवारी ठीक करवाने के लिए वो कई बार संबंधित विभाग के अधिकारियों से मिल चुके हैं, लेकिन अभी तक कोई भी समाधान नहीं हुआ है।
11 हजार फुट लंबी है चाहरदीवारी
शहीद राजकुमार राजकीय विद्यालय के चारों तरफ बनी चहारदीवारी लगभग 11 हजार फुट लंबी है। चहारदीवारी चारों तरफ से टूटी होने के कारण राजकीय स्कूल पशुओं की शरणस्थली बना हुआ है। इतना ही नहीं गांव के किसान भी अपने खेतों में जाने के लिए स्कूल के अंदर से होकर गुजरते हैं।
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पांच में केवल दो शौचालय ही ठीक
स्कूल में विद्यार्थियों और स्टाफ सदस्यों के लिए पांच शौचालय बने हुए हैं, लेकिन इन पांच में से केवल स्टाफ सदस्यों के दो शौचालयों की हालात ही ठीक है। बाकी तीन शौचालय ग्राउंड का भरत होने के बाद नीचे पड़ गए हैं। वहीं, प्राइमरी स्कूल के शौचालय में लगे पाइप टूटे हुए हैं और यहां गंदगी की भरमार है।
स्कूल में पढ़ती हैं 120 छात्राएं
गांव रावलधी में बने स्कूल में लगभग 250 विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण करने के लिए आते हैं। छठीं से दसवीं कक्षा तक 85 छात्र और 75 छात्राएं हैं। प्राइमरी स्कूल में 40 छात्र और 50 छात्राएं पढ़ती हैं। ऐसे में स्कूल में बनी शौचालयों की कमी के चलते विद्यार्थियों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
ग्रामीण बोले : चहारदीवारी कंडम होने दिखता है बाहर का नजारा, भटकता है ध्यान
स्कूल की चहारदीवारी कंडम होने से विद्यार्थियों को बाहर का नजारा दिखता है और उनक मन पढ़ाई से भटकता है। जल्द से जल्द विभाग को चहारदीवारी का निर्माण कराना चाहिए।
-ईश्वर सिंह, ग्रामीण
स्कूल के पीछे तालाब बना हुआ है। चहारदीवारी न होने से छोटे बच्चे भूलवश वहां तक पहुंच सकते हैं और इसके चलते कभी भी कोई हादसा हो सकता है। इसलिए चहारदीवारी निर्माण जरूरी है।
-सुखवीर चैनी, ग्रामीण
ग्रामीणों ने अपने खेत में जाने के लिए स्कूल से ही रास्ता बनाया हुआ है। खेत की दूरी कम करने के लिए किसान स्कूल समय के दौरान भी यहीं से गुजरते हैं और इससे विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित होती है।
- राजेंद्र सिंह, ग्रामीण
स्कूल में चहारदीवारी टूटी होने के कारण रात के समय यहां शरारती लोग शराब पीने के लिए पहुंच जाते हैं। विभाग को चहारदीवारी के साथ स्कूल में बने शौचालय की सुध लेकर इन्हें दुरुस्त कराना चाहिए।
-अनिल कुमार, ग्रामीण,
हमने जिले के चार स्कूलों की चहारदीवारी निर्माण का प्रपोजल बनाकर भेजा हुआ है। जल्द ही प्रपोजल को मंजूरी मिल जाएगी और इसके बाद समस्या का समाधान करवा दिया जाएगा। अगर शौचालयों की हालत खराब है तो स्कूल मुखिया अपने बजट से इन्हें ठीक करवा सकता है।
-जलधीर कलकल, डिप्टी डीईओ
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गांव रावलधी शहर के साथ लगता है और यहां स्थित राजकीय स्कूल में 215 विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण करते हैं। स्कूल का चहारदीवारी 16 जगहों से टूटी हुई है। इसके चलते जहां विद्यार्थी शिक्षकों की आंखों से बचकर बाहर निकल जाते हैं तो वहीं पशु अंदर प्रवेश कर जाते हैं। इतना ही नहीं स्कूल के समीप स्थित आईटीआई के विद्यार्थी भी दूरी कम करने के चक्कर में स्कूल से ही गुजरते हैं। पूर्व सरपंच अशोक कुमार, पूर्व सरपंच प्रतिनिधि राजेश कुमार व पूर्व पंच भूप सिंह ने बताया कि चहारदीवारी ठीक करवाने के लिए वो कई बार संबंधित विभाग के अधिकारियों से मिल चुके हैं, लेकिन अभी तक कोई भी समाधान नहीं हुआ है।
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11 हजार फुट लंबी है चाहरदीवारी
शहीद राजकुमार राजकीय विद्यालय के चारों तरफ बनी चहारदीवारी लगभग 11 हजार फुट लंबी है। चहारदीवारी चारों तरफ से टूटी होने के कारण राजकीय स्कूल पशुओं की शरणस्थली बना हुआ है। इतना ही नहीं गांव के किसान भी अपने खेतों में जाने के लिए स्कूल के अंदर से होकर गुजरते हैं।
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पांच में केवल दो शौचालय ही ठीक
स्कूल में विद्यार्थियों और स्टाफ सदस्यों के लिए पांच शौचालय बने हुए हैं, लेकिन इन पांच में से केवल स्टाफ सदस्यों के दो शौचालयों की हालात ही ठीक है। बाकी तीन शौचालय ग्राउंड का भरत होने के बाद नीचे पड़ गए हैं। वहीं, प्राइमरी स्कूल के शौचालय में लगे पाइप टूटे हुए हैं और यहां गंदगी की भरमार है।
स्कूल में पढ़ती हैं 120 छात्राएं
गांव रावलधी में बने स्कूल में लगभग 250 विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण करने के लिए आते हैं। छठीं से दसवीं कक्षा तक 85 छात्र और 75 छात्राएं हैं। प्राइमरी स्कूल में 40 छात्र और 50 छात्राएं पढ़ती हैं। ऐसे में स्कूल में बनी शौचालयों की कमी के चलते विद्यार्थियों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
ग्रामीण बोले : चहारदीवारी कंडम होने दिखता है बाहर का नजारा, भटकता है ध्यान
स्कूल की चहारदीवारी कंडम होने से विद्यार्थियों को बाहर का नजारा दिखता है और उनक मन पढ़ाई से भटकता है। जल्द से जल्द विभाग को चहारदीवारी का निर्माण कराना चाहिए।
-ईश्वर सिंह, ग्रामीण
स्कूल के पीछे तालाब बना हुआ है। चहारदीवारी न होने से छोटे बच्चे भूलवश वहां तक पहुंच सकते हैं और इसके चलते कभी भी कोई हादसा हो सकता है। इसलिए चहारदीवारी निर्माण जरूरी है।
-सुखवीर चैनी, ग्रामीण
ग्रामीणों ने अपने खेत में जाने के लिए स्कूल से ही रास्ता बनाया हुआ है। खेत की दूरी कम करने के लिए किसान स्कूल समय के दौरान भी यहीं से गुजरते हैं और इससे विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित होती है।
- राजेंद्र सिंह, ग्रामीण
स्कूल में चहारदीवारी टूटी होने के कारण रात के समय यहां शरारती लोग शराब पीने के लिए पहुंच जाते हैं। विभाग को चहारदीवारी के साथ स्कूल में बने शौचालय की सुध लेकर इन्हें दुरुस्त कराना चाहिए।
-अनिल कुमार, ग्रामीण,
हमने जिले के चार स्कूलों की चहारदीवारी निर्माण का प्रपोजल बनाकर भेजा हुआ है। जल्द ही प्रपोजल को मंजूरी मिल जाएगी और इसके बाद समस्या का समाधान करवा दिया जाएगा। अगर शौचालयों की हालत खराब है तो स्कूल मुखिया अपने बजट से इन्हें ठीक करवा सकता है।
-जलधीर कलकल, डिप्टी डीईओ