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Charkhi Dadri News: बदले मौसम का वार, बढ़े सर्दी-खांसी के मरीज
Wed, 06 May 2026 01:58 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Wed, 06 May 2026 01:58 AM IST
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चरखी दादरी। क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से मौसम के मिजाज में हो रहे बदलाव ने लोगों के स्वास्थ्य को भी प्रभावित किया है। दिन में कभी तेज धूप तो कभी बारिश, रात के समय तापमान में गिरावट के कारण लोग मौसमी बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं।
जिला नागरिक अस्पताल की सामान्य रोग ओपीडी में देखी जा सकती है। अस्पताल में सुबह से ही काफी संख्या में मरीज उपचार करवाने के लिए पहुंच रहे हैं। नागरिक अस्पताल से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से सामान्य रोग ओपीडी में हर रोज करीब 200 मरीज पहुंच रहे हैं। अस्पताल में सुबह से ही रजिस्ट्रेशन काउंटर और चिकित्सक कक्ष के बाहर मरीजों की लंबी कतार लग जाती है।
अस्पताल पहुंचने वाले अधिकांश मरीज खांसी, जुकाम, बुखार और गले में दर्द जैसी शिकायतों से पीड़ित हैं। चिकित्सकों का कहना है कि तापमान में अचानक आने वाले बदलाव की वजह से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। वहीं हाल ही में हुई फसल कटाई का भी स्वास्थ्य पर हल्का असर देखा जा रहा है। खेतों में उड़ने वाली धूल और अवशेषों के बारीक कण सांस के जरिए फेफड़ों तक पहुंच रहे हैं जिससे अस्थमा और एलर्जी के मरीजों की मुश्किलें और अधिक बढ़ गई हैं।
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सावधानियां बरतने की जरूरत
इस मौसम में लोगों को विशेष सावधानियां बरतने की जरूरत है। इस मौसम में लापरवाही भारी पड़ सकती है। बीमारियों से बचाव को देखते हुए संक्रमण से बचने के लिए पानी को उबालकर और ठंडा करके ही पीएं। सुबह और शाम के समय तापमान कम रहता है, इसलिए सैर पर जाते समय शरीर को उचित कपड़ों से ढककर रखें। फसल अवशेषों के धुएं और धूल भरी हवाओं से बचने के लिए मास्क का प्रयोग करें। पेट के संक्रमण से बचने के लिए बाहर के खुले और बिना ढके हुए खाद्य पदार्थों का सेवन न करें। घर का बना ताजा भोजन ही प्राथमिकता पर रखें।
-- डॉ. उपेंद्र श्योराण, एमबीबीएस, डीएनबी फैमिली मेडिसिन।
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जिला नागरिक अस्पताल की सामान्य रोग ओपीडी में देखी जा सकती है। अस्पताल में सुबह से ही काफी संख्या में मरीज उपचार करवाने के लिए पहुंच रहे हैं। नागरिक अस्पताल से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से सामान्य रोग ओपीडी में हर रोज करीब 200 मरीज पहुंच रहे हैं। अस्पताल में सुबह से ही रजिस्ट्रेशन काउंटर और चिकित्सक कक्ष के बाहर मरीजों की लंबी कतार लग जाती है।
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अस्पताल पहुंचने वाले अधिकांश मरीज खांसी, जुकाम, बुखार और गले में दर्द जैसी शिकायतों से पीड़ित हैं। चिकित्सकों का कहना है कि तापमान में अचानक आने वाले बदलाव की वजह से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। वहीं हाल ही में हुई फसल कटाई का भी स्वास्थ्य पर हल्का असर देखा जा रहा है। खेतों में उड़ने वाली धूल और अवशेषों के बारीक कण सांस के जरिए फेफड़ों तक पहुंच रहे हैं जिससे अस्थमा और एलर्जी के मरीजों की मुश्किलें और अधिक बढ़ गई हैं।
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सावधानियां बरतने की जरूरत
इस मौसम में लोगों को विशेष सावधानियां बरतने की जरूरत है। इस मौसम में लापरवाही भारी पड़ सकती है। बीमारियों से बचाव को देखते हुए संक्रमण से बचने के लिए पानी को उबालकर और ठंडा करके ही पीएं। सुबह और शाम के समय तापमान कम रहता है, इसलिए सैर पर जाते समय शरीर को उचित कपड़ों से ढककर रखें। फसल अवशेषों के धुएं और धूल भरी हवाओं से बचने के लिए मास्क का प्रयोग करें। पेट के संक्रमण से बचने के लिए बाहर के खुले और बिना ढके हुए खाद्य पदार्थों का सेवन न करें। घर का बना ताजा भोजन ही प्राथमिकता पर रखें।