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Charkhi Dadri News: ग्रामीणों ने 167 साल मनाई होली
Sat, 15 Mar 2025 10:36 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Sat, 15 Mar 2025 10:36 PM IST
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गांव चांदवास में 167 साल बाद फाग खेलते ग्रामीण। संवाद
फोटो -28
गांव चांदवास में 167 साल बाद फाग खेलते ग्रामीण। स्रोत : संवाद
होली की रात को गांव में जल गई थीं सभी झोपडिय़ां, धुलंडी को मनाते आ रहे थे काला दिन
संवाद न्यूज एजेंसी
बाढड़ा। गांव चांदवास में इस बार 167 साल बाद धूमधाम से फाग उत्सव मनाया गया। एक-दूसरे को रंग-गुलाल लगाकर बधाई दी गई। गांव में प्राचीन समय में घटित एक घटना के कारण गांव के लोग होली नहीं मनाते थे।
पूर्व चेयरमैन सुरेश चंद्र शर्मा, सहकारी बैंक के चेयरमैन सुधीर चांदवास, गांव के पूर्व सरपंच धनपत सिंह, सुमेर सिंह जांगड़ा, पैक्स समिति चेयरमैन रविंद्र श्योराण व आप नेता राकेश चांदवास ने बताया कि गांव में लगभग 167 साल पहले लोग होलिका दहन कर रहे थे। इस दौरान बस्ती की झोपड़ियों में आग लग गई थी। इससे सारी झोपड़ियां राख में तब्दील हो गई थीं। इसके बाद लोगों के सहयोग से लकड़ी काटकर नई झोपड़ियां तैयार की गई थीं। उसके बाद से लोेग होली पर्व नहीं मनाते थे।
इस बार होली एवं फाग पर्व मनाया गया। ग्रामीणों ने 13 को होलिका पर्व व 14 मार्च को फाग मनाया। इस दौरान एक-दूसरे को रंग-गुलाल लगाकर बधाई दी।
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गांव चांदवास में 167 साल बाद फाग खेलते ग्रामीण। स्रोत : संवाद
होली की रात को गांव में जल गई थीं सभी झोपडिय़ां, धुलंडी को मनाते आ रहे थे काला दिन
संवाद न्यूज एजेंसी
बाढड़ा। गांव चांदवास में इस बार 167 साल बाद धूमधाम से फाग उत्सव मनाया गया। एक-दूसरे को रंग-गुलाल लगाकर बधाई दी गई। गांव में प्राचीन समय में घटित एक घटना के कारण गांव के लोग होली नहीं मनाते थे।
पूर्व चेयरमैन सुरेश चंद्र शर्मा, सहकारी बैंक के चेयरमैन सुधीर चांदवास, गांव के पूर्व सरपंच धनपत सिंह, सुमेर सिंह जांगड़ा, पैक्स समिति चेयरमैन रविंद्र श्योराण व आप नेता राकेश चांदवास ने बताया कि गांव में लगभग 167 साल पहले लोग होलिका दहन कर रहे थे। इस दौरान बस्ती की झोपड़ियों में आग लग गई थी। इससे सारी झोपड़ियां राख में तब्दील हो गई थीं। इसके बाद लोगों के सहयोग से लकड़ी काटकर नई झोपड़ियां तैयार की गई थीं। उसके बाद से लोेग होली पर्व नहीं मनाते थे।
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इस बार होली एवं फाग पर्व मनाया गया। ग्रामीणों ने 13 को होलिका पर्व व 14 मार्च को फाग मनाया। इस दौरान एक-दूसरे को रंग-गुलाल लगाकर बधाई दी।