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सीबीएसई : होनहारों की मेधा चमकी
Thu, 14 May 2026 01:03 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Thu, 14 May 2026 01:03 AM IST
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परीक्षा परिणाम के बाद एचडी स्कूल में खुशी मनाते हुए विद्यार्थी।
- फोटो : 1
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। हरियाणा बोर्ड के बाद अब बुधवार को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने भी बारहवीं कक्षा का परीक्षा परिणाम जारी कर दिया है। इन परीक्षा परिणामों में जिले के होनहार विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है।
जिले में सीबीएसई से संबद्ध 19 स्कूलों के करीब 1,200 विद्यार्थियों ने 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं दी थीं। इनमें से अधिकांश विद्यार्थी अच्छे अंकों के साथ उत्तीर्ण हुए हैं।
अनन्य गोयल ने प्राप्त किए 99.2 प्रतिशत अंक
दादरी निवासी और बेस मॉडल स्कूल के विद्यार्थी अनन्य गोयल ने वाणिज्य संकाय में 99.2 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं। उनके पिता सतीश गोयल हड़ोदिया किरयाणा सामान का थोक व्यापार करते हैं और मां सविता गोयल गृहिणी है। अनन्य ने बताया कि उन्होंने नियमित तौर पर पढ़ाई की और जो भी डाउट आए, उनको साथ-साथ क्लियर किया। सफलता का श्रेय स्कूल स्टाफ व माता-पिता को दिया। सोशल मीडिया का सीमित इस्तेमाल किया। अनन्य का लक्ष्य आईआईएम से एमबीए कर एंटरप्रेन्योर बनना है। उनकी बहन प्रियांशी गोयल ने सीए परीक्षा में ऑल इंडिया में आठवीं रैंक हासिल की थी। वहीं दूसरी बहन इशिका गोयल भी सीए हैं।
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आईएएस बनना चाहती हैं प्राची महला
गांव सातौर निवासी और एचडी स्कूल बिरोहड़ की छात्रा प्राची महला ने कला संकाय में 489 अंक के साथ 97.8 प्रतिशत अंक प्राप्त करते हुए शानदार सफलता प्राप्त की है। पिता नरेश महला भारतीय सेना से सेवानिवृत्त हैं और वर्तमान में दिल्ली पुलिस में कार्यरत हैं। माता सोनिया गृहिणी हैं। प्राची महला ने बताया कि उन्होंने कोचिंग या ट्यूशन के बजाय सेल्फ स्टडी को महत्व दिया और शिक्षकों द्वारा बताए अनुसार पढ़ाई की। पाठ्यक्रम में जो भी डाउट होते थे उन्हें शिक्षकों से समझ कर दूर किया। उन्होंने सफलता का श्रेय शिक्षकों व माता-पिता को दिया है। उनका सपना आईएएस अधिकारी बन देश की सेवा करना है।
रिया लौर ने प्राप्त किए 97.4 प्रतिशत अंक
गांव रानीला निवासी और सर्वोदय स्कूल ऑफ साइंस की छात्रा रिया लौर ने 487 अंकों के साथ 97.4 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं। रिया के पिता दिनेश भारतीय सेना से सेवानिवृत्त हैं और वर्तमान में पटवारी के पद पर कार्यरत हैं। माता नवीन देवी गृहिणी हैं। रिया ने यह सफलता स्कूल और सेल्फ स्टडी के आधार पर हासिल की है। स्कूल में प्री-बोर्ड परीक्षाओं में भी काफी मेहनत की और अच्छे अंक हासिल किए। घर में नियमित तौर पर तीन-चार घंटे पढ़ाई की। सोशल मीडिया से दूरी बनाकर रखी। सफलता का श्रेय शिक्षकों व अभिभावकों को दिया है। रिया का लक्ष्य आईएएस बनना है। इसी के चलते उन्होंने कला संकाय चुना।
यश ने प्राप्त किए 96.6 प्रतिशत अंक
गांव पातुवास निवासी और सर्वोदय स्कूल आफ साइंस इमलोटा के छात्र यश ने ह्यूमिनिटी स्ट्रीम से 12वीं कक्षा में 96.6 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं। उनके पिता मुरारी लाल पेशे से सरकारी अध्यापक हैं और मां सरला गृहिणी है। उन्होंने स्कूल में शिक्षकों द्वारा पढ़ाए गए विषयों का अनुसरण किया। यश का कहना है कि पहले अपने परफेक्ट शिक्षक का चुनाव करो। उसके बाद आंखें बंद कर उन पर विश्वास करो और उनके बताए अनुसार पढ़ाई करो तो सफलता जरूर मिलती है। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय स्कूल स्टाफ, माता पिता व बड़े भाई राहुल को दिया है। सेल्फ स्टडी के आधार पर सफलता प्राप्त की और सोशल मीडिया का इस्तेमाल नहीं किया। उनका लक्ष्य राजनीतिक विज्ञान में शोध विश्लेषक बनना है।
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चरखी दादरी। हरियाणा बोर्ड के बाद अब बुधवार को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने भी बारहवीं कक्षा का परीक्षा परिणाम जारी कर दिया है। इन परीक्षा परिणामों में जिले के होनहार विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है।
जिले में सीबीएसई से संबद्ध 19 स्कूलों के करीब 1,200 विद्यार्थियों ने 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं दी थीं। इनमें से अधिकांश विद्यार्थी अच्छे अंकों के साथ उत्तीर्ण हुए हैं।
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अनन्य गोयल ने प्राप्त किए 99.2 प्रतिशत अंक
दादरी निवासी और बेस मॉडल स्कूल के विद्यार्थी अनन्य गोयल ने वाणिज्य संकाय में 99.2 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं। उनके पिता सतीश गोयल हड़ोदिया किरयाणा सामान का थोक व्यापार करते हैं और मां सविता गोयल गृहिणी है। अनन्य ने बताया कि उन्होंने नियमित तौर पर पढ़ाई की और जो भी डाउट आए, उनको साथ-साथ क्लियर किया। सफलता का श्रेय स्कूल स्टाफ व माता-पिता को दिया। सोशल मीडिया का सीमित इस्तेमाल किया। अनन्य का लक्ष्य आईआईएम से एमबीए कर एंटरप्रेन्योर बनना है। उनकी बहन प्रियांशी गोयल ने सीए परीक्षा में ऑल इंडिया में आठवीं रैंक हासिल की थी। वहीं दूसरी बहन इशिका गोयल भी सीए हैं।
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आईएएस बनना चाहती हैं प्राची महला
गांव सातौर निवासी और एचडी स्कूल बिरोहड़ की छात्रा प्राची महला ने कला संकाय में 489 अंक के साथ 97.8 प्रतिशत अंक प्राप्त करते हुए शानदार सफलता प्राप्त की है। पिता नरेश महला भारतीय सेना से सेवानिवृत्त हैं और वर्तमान में दिल्ली पुलिस में कार्यरत हैं। माता सोनिया गृहिणी हैं। प्राची महला ने बताया कि उन्होंने कोचिंग या ट्यूशन के बजाय सेल्फ स्टडी को महत्व दिया और शिक्षकों द्वारा बताए अनुसार पढ़ाई की। पाठ्यक्रम में जो भी डाउट होते थे उन्हें शिक्षकों से समझ कर दूर किया। उन्होंने सफलता का श्रेय शिक्षकों व माता-पिता को दिया है। उनका सपना आईएएस अधिकारी बन देश की सेवा करना है।
रिया लौर ने प्राप्त किए 97.4 प्रतिशत अंक
गांव रानीला निवासी और सर्वोदय स्कूल ऑफ साइंस की छात्रा रिया लौर ने 487 अंकों के साथ 97.4 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं। रिया के पिता दिनेश भारतीय सेना से सेवानिवृत्त हैं और वर्तमान में पटवारी के पद पर कार्यरत हैं। माता नवीन देवी गृहिणी हैं। रिया ने यह सफलता स्कूल और सेल्फ स्टडी के आधार पर हासिल की है। स्कूल में प्री-बोर्ड परीक्षाओं में भी काफी मेहनत की और अच्छे अंक हासिल किए। घर में नियमित तौर पर तीन-चार घंटे पढ़ाई की। सोशल मीडिया से दूरी बनाकर रखी। सफलता का श्रेय शिक्षकों व अभिभावकों को दिया है। रिया का लक्ष्य आईएएस बनना है। इसी के चलते उन्होंने कला संकाय चुना।
यश ने प्राप्त किए 96.6 प्रतिशत अंक
गांव पातुवास निवासी और सर्वोदय स्कूल आफ साइंस इमलोटा के छात्र यश ने ह्यूमिनिटी स्ट्रीम से 12वीं कक्षा में 96.6 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं। उनके पिता मुरारी लाल पेशे से सरकारी अध्यापक हैं और मां सरला गृहिणी है। उन्होंने स्कूल में शिक्षकों द्वारा पढ़ाए गए विषयों का अनुसरण किया। यश का कहना है कि पहले अपने परफेक्ट शिक्षक का चुनाव करो। उसके बाद आंखें बंद कर उन पर विश्वास करो और उनके बताए अनुसार पढ़ाई करो तो सफलता जरूर मिलती है। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय स्कूल स्टाफ, माता पिता व बड़े भाई राहुल को दिया है। सेल्फ स्टडी के आधार पर सफलता प्राप्त की और सोशल मीडिया का इस्तेमाल नहीं किया। उनका लक्ष्य राजनीतिक विज्ञान में शोध विश्लेषक बनना है।