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एक माह में हरी लकड़ियों से भरे 12 वाहन पकड़े, 13.10 लाख का जुर्माना
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हरी लकड़ियों से भरी पकड़ी गाडिय़ों के साथ वन विभाग की टीम के सदस्य।
- फोटो : CharkhiDadri
बाढड़ा। क्षेत्र में हरी लकड़ियों की तस्करी का कार्य जोरों पर है। पिछले एक माह की अगर बात करें तो वन विभाग की टीमें हरी लकड़ियां ले जा रहे 12 वाहनों को जब्त कर चुकी है। इनसे 360 क्विंटल लकड़ियां बरामद हुईं और वाहन मालिकों पर 13 लाख दस हजार का जुर्माना लगाया गया। उपमंडल वन अधिकारी जयप्रकाश लाखलान ने इसकी पुष्टि की है।
उन्होंने बताया कि वन विभाग की टीमें रात्रि गश्त के दौरान विभिन्न मार्गों से लकड़ियां लेकर जाने वाले वाहनों पर लगातार कार्रवाई कर रही है। विभिन्न गांवों के समीप से 12 वाहनों को हरी लकड़ी ले जाते हुए पकड़ा गया है जिसमें 9 पिकअप डाला, दो टोके व एक टाटा 407 शामिल है। बुधवार रात को गांव उमरवास के पास वन विभाग की टीम ने गश्त के दौरान तीन वाहन पकड़े हैं। उन्होंने कहा कि उपमंडल क्षेत्र में हरे पेड़ों की कटाई को किसी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
कीमती पेड़ों की हो रही तस्करी, रहेड़ा व शीशम की संख्या हुई कम
आसपास के क्षेत्र से शीशम व रहेड़ा की तस्करी करके बड़े शहरों में पहुंचाया जाता है, जिससे तस्कर बहुत मुनाफा कमा रहे हैं। तस्करी के चलते उपमंडल क्षेत्र में बहुत ही कम मात्रा में देशी शीशम व रहीड़ा के वृक्ष रह गए हैं। इसे लेकर भी वन विभाग सतर्क है।
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उन्होंने बताया कि वन विभाग की टीमें रात्रि गश्त के दौरान विभिन्न मार्गों से लकड़ियां लेकर जाने वाले वाहनों पर लगातार कार्रवाई कर रही है। विभिन्न गांवों के समीप से 12 वाहनों को हरी लकड़ी ले जाते हुए पकड़ा गया है जिसमें 9 पिकअप डाला, दो टोके व एक टाटा 407 शामिल है। बुधवार रात को गांव उमरवास के पास वन विभाग की टीम ने गश्त के दौरान तीन वाहन पकड़े हैं। उन्होंने कहा कि उपमंडल क्षेत्र में हरे पेड़ों की कटाई को किसी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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कीमती पेड़ों की हो रही तस्करी, रहेड़ा व शीशम की संख्या हुई कम
आसपास के क्षेत्र से शीशम व रहेड़ा की तस्करी करके बड़े शहरों में पहुंचाया जाता है, जिससे तस्कर बहुत मुनाफा कमा रहे हैं। तस्करी के चलते उपमंडल क्षेत्र में बहुत ही कम मात्रा में देशी शीशम व रहीड़ा के वृक्ष रह गए हैं। इसे लेकर भी वन विभाग सतर्क है।
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