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पटाखों बेचने और आतिशबाजी करने पर दर्ज होगा केस
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चरखी दादरी। सरकार की ओर से जिले में दिवाली पर पटाखों की बिक्री करने व बजाने पर रोक लगाई हुई है। इसके चलते जिले में कोई भी व्यक्ति पटाखे बेचते या बजाते पकड़ा जाता है तो उसके खिलाफ केस दर्ज किया जाएगा। इसके साथ ही सारा माल भी जब्त कर लिया जाएगा। इसके लिए प्रशासन की ओर से कमेटी का गठन किया गया है, जोकि लगातार इस पर निगरानी रखेगी। पिछले साल शहर में पटाखा बिक्री के लिए 15 लाइसेंस जारी किए गए थे।
दिवाली पर आतिशबाजी के चलते हर बार प्रदूषण का स्तर बढ़ जाता है। इससे दुष्प्रभाव एक माह तक बना रहता है और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसको देखते हुए सरकार ने प्रदेश के कई जिलों में पटाखा की बिक्री व बजाने पर प्रतिबंध लगा दिया है। इन जिलों में चरखी दादरी भी शामिल है। जिले में दीपावली पर अगर कोई भी व्यक्ति पटाखे बेचते या बजाते पकड़ा जाता है तो उसके खिलाफ केस दर्ज किया जाएगा। इसके साथ ही सारा माल भी जब्त कर लिया जाएगा। इस पर निगरानी रखने के लिए जिला प्रशासन की ओर से एक कमेटी का गठन भी किया गया है। इस कमेटी में विभिन्न विभाग के अधिकारी शामिल हैं और एसडीएम को इंचार्ज बनाया गया है।
पिछले साल 15 विक्रेताओं को जारी किए गए थे लाइसेंस
पिछले साल प्रशासन ने शहर में 15 विक्रेताओं को पटाखा बिक्री के लिए लाइसेंस जारी किए थे लेकिन इस बार लाइसेंस प्रक्रिया को भी बंद रखा गया है। बाजारों में कई दुकानदार चोरी छिपे पटाखा बिक्री करने की कोशिश करते हैं। इनकी भी विशेष निगरानी रखी जाएगी।
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एक सप्ताह में 170 से 212 पहुंचा एक्यूआई
दिवाली के समीप जिले में प्रदूषण का स्तर पहले के मुकाबले में बढ़ा है। मंगलवार को प्रदूषण का अधिकतम स्तर 212 एक्यूआई दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम स्तर 168 एक्यूआई दर्ज किया गया। एक सप्ताह पहले जिले का एक्यूआई 170 तक सीमित था। एक सप्ताह में प्रदूषण की मात्रा करीब 42 एक्यूआई बढ़ा है।
जो भी व्यक्ति पटाखों की बिक्री या आतिशबाजी करेगा उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज होगी। इसके साथ ही उसका माल भी जब्त कर लिया जाएगा। यह निर्देश 21 नवंबर तक लागू रहेंगे। लोगों को चाहिए कि वे पटाखा रहित दिवाली मनाएं।
सुरेश कुमार, फायर ऑफिसर, कमेटी सदस्य।
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दिवाली पर आतिशबाजी के चलते हर बार प्रदूषण का स्तर बढ़ जाता है। इससे दुष्प्रभाव एक माह तक बना रहता है और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसको देखते हुए सरकार ने प्रदेश के कई जिलों में पटाखा की बिक्री व बजाने पर प्रतिबंध लगा दिया है। इन जिलों में चरखी दादरी भी शामिल है। जिले में दीपावली पर अगर कोई भी व्यक्ति पटाखे बेचते या बजाते पकड़ा जाता है तो उसके खिलाफ केस दर्ज किया जाएगा। इसके साथ ही सारा माल भी जब्त कर लिया जाएगा। इस पर निगरानी रखने के लिए जिला प्रशासन की ओर से एक कमेटी का गठन भी किया गया है। इस कमेटी में विभिन्न विभाग के अधिकारी शामिल हैं और एसडीएम को इंचार्ज बनाया गया है।
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पिछले साल 15 विक्रेताओं को जारी किए गए थे लाइसेंस
पिछले साल प्रशासन ने शहर में 15 विक्रेताओं को पटाखा बिक्री के लिए लाइसेंस जारी किए थे लेकिन इस बार लाइसेंस प्रक्रिया को भी बंद रखा गया है। बाजारों में कई दुकानदार चोरी छिपे पटाखा बिक्री करने की कोशिश करते हैं। इनकी भी विशेष निगरानी रखी जाएगी।
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एक सप्ताह में 170 से 212 पहुंचा एक्यूआई
दिवाली के समीप जिले में प्रदूषण का स्तर पहले के मुकाबले में बढ़ा है। मंगलवार को प्रदूषण का अधिकतम स्तर 212 एक्यूआई दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम स्तर 168 एक्यूआई दर्ज किया गया। एक सप्ताह पहले जिले का एक्यूआई 170 तक सीमित था। एक सप्ताह में प्रदूषण की मात्रा करीब 42 एक्यूआई बढ़ा है।
जो भी व्यक्ति पटाखों की बिक्री या आतिशबाजी करेगा उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज होगी। इसके साथ ही उसका माल भी जब्त कर लिया जाएगा। यह निर्देश 21 नवंबर तक लागू रहेंगे। लोगों को चाहिए कि वे पटाखा रहित दिवाली मनाएं।
सुरेश कुमार, फायर ऑफिसर, कमेटी सदस्य।