{"_id":"5ea1cdd08ebc3e907b73df14","slug":"canal-water-charkhidadri-news-rtk5520802103","type":"story","status":"publish","title_hn":"नहरों में 24 दिन बाद पहुंचा पानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नहरों में 24 दिन बाद पहुंचा पानी
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लोहारू कैनाल में बहता पानी।
- फोटो : CharkhiDadri
जिले की नहरों में 24 दिन बाद पानी पहुंचा है। अब जिले के 58 जलघर और करीब 100 तालाबों में पानी डालने के लिए जनस्वास्थ्य और सिंचाई विभाग अधिकारियों को सजगता से काम करने की जरूरत है ताकि पेयजल और मवेशियों के लिए पानी का संकट न गहराने पाए। इस समय शहर के अलावा गांवों के जलघर भी खाली पड़े हैं। जिले को 700 क्यूसेक पानी मिला है।
जिले की नहरों में बुधवार को पानी पहुंच गया है। सिंचाई विभाग ने 700 क्यूसेक पानी का इंडेंट भेजा था। सिंचाई विभाग अधिकारियों का मानना है कि अब रबी की फसलों में सिंचाई की इतनी जरूरत नहीं है इसलिए 200 क्यूसेक पानी कम मंगवाया गया है। इस पानी से जलघर और तालाबों में पानी की आपूर्ति आसानी से हो जाएगी।
जिले में 58 जलघर हैं और करीब 100 तालाब हैं। तालाबों के जरिए मवेशियों के लिए पानी उपलब्ध होता है। गर्मी का मौसम आ गया है।अब पानी की खपत आए दिन बढना स्वाभाविक है।शहर और गांवों के जलघर इस समय खाली पड़े हैं। अगर सिंचाई विभाग व जनस्वास्थ्य विभाग ने तालमेल के साथ दृढ़ इच्छा शक्ति के साथ इस पानी का सही प्रकार से प्रबंधन करते हुए सदुपयोग नहीं किया तो आने वाले कुछ ही दिनो में पेयजल को लेकर विकट स्थिति बन सकती है क्योंकि इसके बाद 24 दिन में नहरी पानी मिलेगा जबकि जलघरों की स्टोरेज क्षमता मात्र 12 दिन ही है।
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जिले में 90 बोरिंग ट्यूबवेलों का भी सहारा ले रहा विभाग
जिले में इस समय 90 बोरिंग ट्यूबवेेल के जरिए भी पेयजल की सप्लाई की जा रही है। जनस्वास्थ्य विभाग ने कई गांवों में यह ट्यूबवेल बोरिंग कर रखे हैं। इन गांवों में जलघरों की कमी है। ट्यूबवेल भी लगातार जल दोहन के चलते बीच-बीच में जवाब दे जाते हैं। इस पर विभाग को फिर से नया बोरिंग करना पड़ता है।
बधवाना डिस्ट्रीब्यूटरी में शनिवार को छोड़ा जाएगा पानी
जिले की मेन लोहारू कैनाल में पानी पहुंच गया है। शनिवार को बधवाना डिस्टीब्यूट्री में भी पानी छोड़ा जाना है। इन दोनो नहरों से शहर के दोनो जलघरों में पानी डाला जाता है। लोहारू कैनाल से मेन चंपापुरी जलघर में पानी डाला जाता है। इस मेन जलघर में चार वाटर स्टोरेज टैंक बने हैं जबकि दूसरे रामनगर जलघर में दो वाटर टैंक बने हुए हैं। शहर में पेयजल की स्टोरेज क्षमता 3750 लाख लीटर है जबकि रोजाना प्रति व्यक्ति 135 लीटर पानी सप्लाई के लिए 7500 लाख लीटर पानी चाहिए।
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जिले की नहरों में बुधवार को पानी पहुंच गया है। सिंचाई विभाग ने 700 क्यूसेक पानी का इंडेंट भेजा था। सिंचाई विभाग अधिकारियों का मानना है कि अब रबी की फसलों में सिंचाई की इतनी जरूरत नहीं है इसलिए 200 क्यूसेक पानी कम मंगवाया गया है। इस पानी से जलघर और तालाबों में पानी की आपूर्ति आसानी से हो जाएगी।
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जिले में 58 जलघर हैं और करीब 100 तालाब हैं। तालाबों के जरिए मवेशियों के लिए पानी उपलब्ध होता है। गर्मी का मौसम आ गया है।अब पानी की खपत आए दिन बढना स्वाभाविक है।शहर और गांवों के जलघर इस समय खाली पड़े हैं। अगर सिंचाई विभाग व जनस्वास्थ्य विभाग ने तालमेल के साथ दृढ़ इच्छा शक्ति के साथ इस पानी का सही प्रकार से प्रबंधन करते हुए सदुपयोग नहीं किया तो आने वाले कुछ ही दिनो में पेयजल को लेकर विकट स्थिति बन सकती है क्योंकि इसके बाद 24 दिन में नहरी पानी मिलेगा जबकि जलघरों की स्टोरेज क्षमता मात्र 12 दिन ही है।
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जिले में 90 बोरिंग ट्यूबवेलों का भी सहारा ले रहा विभाग
जिले में इस समय 90 बोरिंग ट्यूबवेेल के जरिए भी पेयजल की सप्लाई की जा रही है। जनस्वास्थ्य विभाग ने कई गांवों में यह ट्यूबवेल बोरिंग कर रखे हैं। इन गांवों में जलघरों की कमी है। ट्यूबवेल भी लगातार जल दोहन के चलते बीच-बीच में जवाब दे जाते हैं। इस पर विभाग को फिर से नया बोरिंग करना पड़ता है।
बधवाना डिस्ट्रीब्यूटरी में शनिवार को छोड़ा जाएगा पानी
जिले की मेन लोहारू कैनाल में पानी पहुंच गया है। शनिवार को बधवाना डिस्टीब्यूट्री में भी पानी छोड़ा जाना है। इन दोनो नहरों से शहर के दोनो जलघरों में पानी डाला जाता है। लोहारू कैनाल से मेन चंपापुरी जलघर में पानी डाला जाता है। इस मेन जलघर में चार वाटर स्टोरेज टैंक बने हैं जबकि दूसरे रामनगर जलघर में दो वाटर टैंक बने हुए हैं। शहर में पेयजल की स्टोरेज क्षमता 3750 लाख लीटर है जबकि रोजाना प्रति व्यक्ति 135 लीटर पानी सप्लाई के लिए 7500 लाख लीटर पानी चाहिए।