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Charkhi Dadri News: मातृ-शिशु अस्पताल में दो माह बाद बहाल हुई सिजेरियन डिलीवरी सुविधा
Fri, 18 Jul 2025 11:17 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Fri, 18 Jul 2025 11:17 PM IST
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जिले का मातृ-शिशु अस्पताल।
चरखी दादरी। दो माह बाद मातृ-शिशु अस्पताल में सिजेरियन डिलीवरी सुविधा बहाल हो गई है। इससे गर्भवती महिलाओं को काफी राहत मिली है। डिलीवरी के गंभीर केस भी अब रोहतक पीजीआई रेफर नहीं किए जाएंगे। ड्यूटी पर लौटते ही गाइनी डॉ. सवीरा सेठी ने ऑपरेशन शुरू कर दिए हैं।
मातृ-शिशु अस्पताल में गाइनी के तौर पर डॉ. शिल्पा की ड्यूटी लगाई थी। हालांकि, चर्म रोग की परेशानी के चलते वह ऑपरेशन नहीं करती हैं। वह ओपीडी में ही सेवाएं दे रही हैं। वहीं, तत्कालीन एसएमओ डॉ. राजविंद्र मलिक ही सिजेरियन डिलीवरी करते थे। उनका तबादला होने के बाद डॉ. सवीरा सेठी ने सिजेरियन डिलीवरी कराने का बीड़ा उठाया था।
उनके दो माह का मातृत्व अवकाश लेते ही मातृ-शिशु अस्पताल में सिजेरियन डिलीवरी बंद हो गई थी। इससे डिलीवरी के गंभीर केसों को रोहतक पीजीआई रेफर किया जा रहा था। रोहतक जाने में गर्भवती महिला समेत तीमारदारों को परेशानियां झेलनी पड़ रही थीं।
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वहीं, मातृत्व अवकाश खत्म होते ही डॉ. सवीरा सेठी ने कार्यभार संभालते हुए सिजेरियन डिलीवरी शुरू कर दी है। अब गर्भवती महिलाओं व तीमारदारों को परेशानियां नहीं झेलनी पड़ेंगी।
- प्रतिदिन होते हैं 10 से 12 अल्ट्रासाउंड
मातृ-शिशु अस्पताल में गर्भवती महिलाओं की अल्ट्रासाउंड सेवा भी शुरू हो चुकी है। अल्ट्रासोनोलॉजिस्ट के तौर पर डॉ. दीपिका अपनी सेवाएं दे रही हैं। प्रतिदिन वह 10 से 12 गर्भवती महिलाओं के अल्ट्रासाउंड करती हैं। अगर गर्भवती महिलाओं की संख्या ज्यादा हो तो उन्हें विभाग ओर से एमओयू के तहत निजी केंद्र पर भेजा जाता है। वे वहां जाकर निशुल्क अल्ट्रासाउंड करवा लेती हैं।
- प्राइवेट अस्पतालों में जाकर नहीं करनी पड़ेगी जेब ढीली
सिजेरियन डिलीवरी बंद होने से गर्भवती महिलाओं के परिजन रोहतक की भाग-दौड़ से बचने के लिए शहर के निजी अस्पतालों में जाने के लिए विवश थे। इससे उन्हें जेबें ढीली करनी पड़ती थीं। अब एमसीएच में सिजेरियन डिलीवरी शुरू होने से उन्हें निजी अस्पतालों का रुख नहीं करना पड़ेगा।
डॉ. सवीरा सेठी मातृत्व अवकाश से लौट आई हैं। उन्होंने मातृ-शिशु अस्पताल में सिजेरियन डिलीवरी शुरू कर दी हैं। अब गर्भवती महिलाओं को परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा।
-डॉ. वेदपाल, डिप्टी सीएमओ, दादरी स्वास्थ्य विभाग
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मातृ-शिशु अस्पताल में गाइनी के तौर पर डॉ. शिल्पा की ड्यूटी लगाई थी। हालांकि, चर्म रोग की परेशानी के चलते वह ऑपरेशन नहीं करती हैं। वह ओपीडी में ही सेवाएं दे रही हैं। वहीं, तत्कालीन एसएमओ डॉ. राजविंद्र मलिक ही सिजेरियन डिलीवरी करते थे। उनका तबादला होने के बाद डॉ. सवीरा सेठी ने सिजेरियन डिलीवरी कराने का बीड़ा उठाया था।
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उनके दो माह का मातृत्व अवकाश लेते ही मातृ-शिशु अस्पताल में सिजेरियन डिलीवरी बंद हो गई थी। इससे डिलीवरी के गंभीर केसों को रोहतक पीजीआई रेफर किया जा रहा था। रोहतक जाने में गर्भवती महिला समेत तीमारदारों को परेशानियां झेलनी पड़ रही थीं।
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वहीं, मातृत्व अवकाश खत्म होते ही डॉ. सवीरा सेठी ने कार्यभार संभालते हुए सिजेरियन डिलीवरी शुरू कर दी है। अब गर्भवती महिलाओं व तीमारदारों को परेशानियां नहीं झेलनी पड़ेंगी।
- प्रतिदिन होते हैं 10 से 12 अल्ट्रासाउंड
मातृ-शिशु अस्पताल में गर्भवती महिलाओं की अल्ट्रासाउंड सेवा भी शुरू हो चुकी है। अल्ट्रासोनोलॉजिस्ट के तौर पर डॉ. दीपिका अपनी सेवाएं दे रही हैं। प्रतिदिन वह 10 से 12 गर्भवती महिलाओं के अल्ट्रासाउंड करती हैं। अगर गर्भवती महिलाओं की संख्या ज्यादा हो तो उन्हें विभाग ओर से एमओयू के तहत निजी केंद्र पर भेजा जाता है। वे वहां जाकर निशुल्क अल्ट्रासाउंड करवा लेती हैं।
- प्राइवेट अस्पतालों में जाकर नहीं करनी पड़ेगी जेब ढीली
सिजेरियन डिलीवरी बंद होने से गर्भवती महिलाओं के परिजन रोहतक की भाग-दौड़ से बचने के लिए शहर के निजी अस्पतालों में जाने के लिए विवश थे। इससे उन्हें जेबें ढीली करनी पड़ती थीं। अब एमसीएच में सिजेरियन डिलीवरी शुरू होने से उन्हें निजी अस्पतालों का रुख नहीं करना पड़ेगा।
डॉ. सवीरा सेठी मातृत्व अवकाश से लौट आई हैं। उन्होंने मातृ-शिशु अस्पताल में सिजेरियन डिलीवरी शुरू कर दी हैं। अब गर्भवती महिलाओं को परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा।
-डॉ. वेदपाल, डिप्टी सीएमओ, दादरी स्वास्थ्य विभाग