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Charkhi Dadri News: ठंड में दोगुनी हुई श्वांस और दमा के मरीजों की संख्या

Mon, 16 Dec 2024 12:58 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी Updated Mon, 16 Dec 2024 12:58 AM IST
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breath patients increased
 दादरी नागरिक अस्पताल में उपचार करवाने से पहले ओपीडी की पर्ची कटवाने पहुंचे मरीजों की लंबी कतार
स्वास्थ्य:
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पहले प्रतिदिन 20 मरीज पहुंचते थे नागरिक अस्पताल, ठंड बढ़ने पर आ रहे 40 से अधिक मरीज
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। बदलते मौसम के साथ ही नागरिक अस्पताल में श्वांस व दमा के रोगियों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। सामान्य दिनों में प्रतिदिन 15 से 20 मरीज उपचार कराने नागरिक अस्पताल आते थे, लेकिन, अब इनकी संख्या 40 से पार रह रही है। वहीं, स्वास्थ्य विशेषज्ञ इस मौसम में इन मरीजों को सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं।
चिकित्सकों का कहना है कि श्वांस समस्या से ग्रस्त अधिकतर मरीज उम्र दराज होते हैं, जिनको अपने खान-पान के अलावा मौसम में हो रहे बदलाव की ओर भी ध्यान देने की जरूरत होती है। मरीजों को दवा लेने से पहले चिकित्सक का परामर्श जरूर लेना चाहिए। कई बार लंबे समय तक दवाओं के प्रयोग से मरीज के स्वास्थ्य पर विपरीत असर भी पड़ता है।
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जिले के नागरिक अस्पताल में इन दिनों सर्दी बढ़ने के साथ ही श्वांस व दमा के मरीजों की ओपीडी संख्या 40 से 50 तक पहुंच गई है। हालांकि, यहां मरीजों को विशेषज्ञ की कमी खल रही है। उन्हें विकल्प के तौर पर मेडिकल ऑफिसर से दवा लेनी पड़ रही है। गंभीर बीमारी होने के कारण मरीजों को रोहतक पीजीआई भी रेफर किया जाता है।
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एक्सपर्ट व्यू : बच्चे, बुजुर्गाें और रोगियों का रखें ख्याल
डिप्टी सीएमओ डॉ. आशिष मान ने बताया कि लगातार ठंड के कारण मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। विशेषकर बुजुर्गों में रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने के कारण वे अधिक चपेट में आते हैं। इस मौसम में बच्चों और बुजुर्गाें के साथ श्वांस रोगियों का विशेष ध्यान रखना चाहिए।

- ऐसे बढ़ी है मरीजों की संख्या
डिप्टी सीएमओ डॉ. गौरव भारद्वाज की मानें तो ठंड के समय श्वांस रोगियों को काफी परेशानी होती है। इस मौसम में हवा शुष्क हो जाती है। यह वायुमार्ग को संकीर्ण करने के साथ ही सांस लेने में कठिनाई और फेफड़ों में जलन पैदा कर सकती है। इसके कारण सांस के मरीजों की ओपीडी बढ़ी है।


- ये बरतें सावधानियां
तापमान में कमी आने पर अपने घर में ही रहने का प्रयास करना चाहिए। यदि आपको घर से बाहर जाना भी पड़े, तब सांस लेने से पहले हवा को गर्म करने के लिए अपने नाक और मुंह को स्कार्फ से ढक लें। सर्दियों में ज्यादा तरल पदार्थ का सेवन करें, इससे फेफड़ों में जमा बलगम पतला रहेगा। शरीर से उसे बाहर निकालना आसान होगा। जो भी व्यक्ति बीमार नजर आए, उससे दूरी बनाए रखने का प्रयास करें।

फोटो: 22
दादरी नागरिक अस्पताल में चिकित्सक कक्ष के बाहर बारी का इंतजार करते मरीज। संवाद
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