{"_id":"6a7b7c819953405b7103e83d","slug":"blos-will-visit-homes-to-take-voters-photographs-the-entire-process-will-be-conducted-via-a-mobile-app-charkhi-dadri-news-c-126-1-cdr1010-158880-2026-08-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Charkhi Dadri News: बीएलओ घर-घर जाकर लेंगे मतदाताओं की फोटो, मोबाइल एप पर होगी पूरी प्रक्रिया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Charkhi Dadri News: बीएलओ घर-घर जाकर लेंगे मतदाताओं की फोटो, मोबाइल एप पर होगी पूरी प्रक्रिया
Wed, 12 Aug 2026 01:18 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Wed, 12 Aug 2026 01:18 AM IST
विज्ञापन
चरखी दादरी। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर)-2026 के दूसरे चरण में इस बार पूरी प्रक्रिया तकनीक आधारित होगी। निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) घर-घर जाकर नोटिस वितरित करेंगे।
इसके अलावा संबंधित मतदाता अथवा परिवार के किसी वयस्क सदस्य की मौके पर ही फोटो लेकर मोबाइल एप पर अपलोड करेंगे। साथ ही नोटिस प्राप्ति की रसीद भी ऑनलाइन दर्ज की जाएगी। दूसरे चरण की तैयारियों और प्रगति की समीक्षा के लिए हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी जे. गणेशन ने मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अधिकारियों के साथ बैठक की।
रिकॉर्ड में त्रुटि वाले मतदाताओं पर रहेगा फोकस
निर्वाचन विभाग के अनुसार अभियान मुख्य रूप से उन मतदाताओं के लिए चलाया जा रहा है जिनका रिकॉर्ड वर्ष 2002 की मतदाता सूची से नहीं जुड़ पाया है या जिनके नाम, पिता अथवा पति के नाम, जन्मतिथि या अन्य विवरण में त्रुटि पाई गई है। ऐसे मतदाताओं को आयोग की ओर से नोटिस जारी किए जा रहे हैं। बीएलओ नोटिस देने के साथ आवश्यक दस्तावेजों की जांच कर उन्हें मोबाइल एप के माध्यम से अपलोड भी करेंगे।
विज्ञापन
नाम हट गया है तो दोबारा करा सकेंगे शामिल
यदि किसी पात्र मतदाता का नाम प्रारूप मतदाता सूची में शामिल नहीं है और उसे लगता है कि उसका नाम गलती से हटा दिया गया है तो वह निर्धारित दस्तावेज, पिछले विशेष गहन पुनरीक्षण से संबंधित जानकारी और घोषणापत्र के साथ प्रपत्र-6 भरकर दोबारा मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए आवेदन कर सकता है।
जन्मतिथि के अनुसार तय किए गए दस्तावेज
निर्वाचन आयोग ने दस्तावेज जमा कराने के लिए अलग-अलग श्रेणियां निर्धारित की हैं। जिन मतदाताओं का जन्म 1 जुलाई 1987 से पहले हुआ है उन्हें निर्धारित सूची में से कोई एक दस्तावेज देना होगा।
1 जुलाई 1987 से 2 दिसंबर 2004 के बीच जन्मे मतदाताओं को अपना एक तथा माता या पिता में से किसी एक का एक दस्तावेज जमा करना होगा। वहीं 2 दिसंबर 2004 के बाद जन्मे मतदाताओं को अपना तथा माता-पिता दोनों के दस्तावेज, यानी कुल तीन दस्तावेज जमा कराने होंगे। सभी दस्तावेज मौके पर ही मोबाइल एप के माध्यम से अपलोड किए जाएंगे।
विशेष मामलों में ही होगी सुनवाई
जिन मतदाताओं का रिकॉर्ड वर्ष 2002 की मतदाता सूची से नहीं जुड़ पाया है उन्हें दस्तावेज जमा कराने के साथ निर्धारित तिथि पर संबंधित सहायक निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (एईआरओ) के समक्ष सुनवाई में भी उपस्थित होना होगा। इस दौरान संबंधित बीएलओ भी मौजूद रहेगा और सुनवाई के समय मतदाता तथा एईआरओ की फोटो भी मोबाइल एप पर अपलोड की जाएगी। सामान्य मामलों में मतदाताओं को कार्यालय आने की आवश्यकता नहीं होगी।
घर बैठे भी कर सकेंगे दस्तावेज अपलोड
निर्वाचन आयोग ने मतदाताओं को ऑनलाइन सुविधा भी उपलब्ध कराई है। नोटिस प्राप्त करने वाले मतदाता मतदाता सेवा पोर्टल पर मोबाइल नंबर या मतदाता पहचान पत्र संख्या के माध्यम से ओटीपी सत्यापन कर आवश्यक दस्तावेज अपलोड कर सकते हैं। हालांकि ऑनलाइन दस्तावेज जमा होने के बाद भी बीएलओ उनकी भौतिक जांच करेंगे।
3 अक्तूबर को प्रकाशित होगी अंतिम मतदाता सूची
निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के अनुसार 30 अगस्त तक नोटिस वितरण, दस्तावेज संग्रह, दावे-आपत्तियां और सुनवाई की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसके बाद सभी दावों के निपटारे के उपरांत 3 अक्तूबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।
निर्वाचन विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन मतदाताओं का नाम प्रारूप मतदाता सूची में पहले से शामिल है और उन्हें कोई नोटिस जारी नहीं हुआ है उन्हें किसी प्रकार की कार्रवाई करने की आवश्यकता नहीं है। मतदाताओं की फोटो की गुणवत्ता की भी जांच की जाए। यदि पहले से उपलब्ध फोटो स्पष्ट नहीं है तो मौके पर नई फोटो लेकर उसे मोबाइल एप पर अपलोड किया जाएगा।
विज्ञापन
इसके अलावा संबंधित मतदाता अथवा परिवार के किसी वयस्क सदस्य की मौके पर ही फोटो लेकर मोबाइल एप पर अपलोड करेंगे। साथ ही नोटिस प्राप्ति की रसीद भी ऑनलाइन दर्ज की जाएगी। दूसरे चरण की तैयारियों और प्रगति की समीक्षा के लिए हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी जे. गणेशन ने मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अधिकारियों के साथ बैठक की।
विज्ञापन
रिकॉर्ड में त्रुटि वाले मतदाताओं पर रहेगा फोकस
निर्वाचन विभाग के अनुसार अभियान मुख्य रूप से उन मतदाताओं के लिए चलाया जा रहा है जिनका रिकॉर्ड वर्ष 2002 की मतदाता सूची से नहीं जुड़ पाया है या जिनके नाम, पिता अथवा पति के नाम, जन्मतिथि या अन्य विवरण में त्रुटि पाई गई है। ऐसे मतदाताओं को आयोग की ओर से नोटिस जारी किए जा रहे हैं। बीएलओ नोटिस देने के साथ आवश्यक दस्तावेजों की जांच कर उन्हें मोबाइल एप के माध्यम से अपलोड भी करेंगे।
विज्ञापन
नाम हट गया है तो दोबारा करा सकेंगे शामिल
यदि किसी पात्र मतदाता का नाम प्रारूप मतदाता सूची में शामिल नहीं है और उसे लगता है कि उसका नाम गलती से हटा दिया गया है तो वह निर्धारित दस्तावेज, पिछले विशेष गहन पुनरीक्षण से संबंधित जानकारी और घोषणापत्र के साथ प्रपत्र-6 भरकर दोबारा मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए आवेदन कर सकता है।
जन्मतिथि के अनुसार तय किए गए दस्तावेज
निर्वाचन आयोग ने दस्तावेज जमा कराने के लिए अलग-अलग श्रेणियां निर्धारित की हैं। जिन मतदाताओं का जन्म 1 जुलाई 1987 से पहले हुआ है उन्हें निर्धारित सूची में से कोई एक दस्तावेज देना होगा।
1 जुलाई 1987 से 2 दिसंबर 2004 के बीच जन्मे मतदाताओं को अपना एक तथा माता या पिता में से किसी एक का एक दस्तावेज जमा करना होगा। वहीं 2 दिसंबर 2004 के बाद जन्मे मतदाताओं को अपना तथा माता-पिता दोनों के दस्तावेज, यानी कुल तीन दस्तावेज जमा कराने होंगे। सभी दस्तावेज मौके पर ही मोबाइल एप के माध्यम से अपलोड किए जाएंगे।
विशेष मामलों में ही होगी सुनवाई
जिन मतदाताओं का रिकॉर्ड वर्ष 2002 की मतदाता सूची से नहीं जुड़ पाया है उन्हें दस्तावेज जमा कराने के साथ निर्धारित तिथि पर संबंधित सहायक निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (एईआरओ) के समक्ष सुनवाई में भी उपस्थित होना होगा। इस दौरान संबंधित बीएलओ भी मौजूद रहेगा और सुनवाई के समय मतदाता तथा एईआरओ की फोटो भी मोबाइल एप पर अपलोड की जाएगी। सामान्य मामलों में मतदाताओं को कार्यालय आने की आवश्यकता नहीं होगी।
घर बैठे भी कर सकेंगे दस्तावेज अपलोड
निर्वाचन आयोग ने मतदाताओं को ऑनलाइन सुविधा भी उपलब्ध कराई है। नोटिस प्राप्त करने वाले मतदाता मतदाता सेवा पोर्टल पर मोबाइल नंबर या मतदाता पहचान पत्र संख्या के माध्यम से ओटीपी सत्यापन कर आवश्यक दस्तावेज अपलोड कर सकते हैं। हालांकि ऑनलाइन दस्तावेज जमा होने के बाद भी बीएलओ उनकी भौतिक जांच करेंगे।
3 अक्तूबर को प्रकाशित होगी अंतिम मतदाता सूची
निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के अनुसार 30 अगस्त तक नोटिस वितरण, दस्तावेज संग्रह, दावे-आपत्तियां और सुनवाई की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसके बाद सभी दावों के निपटारे के उपरांत 3 अक्तूबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।
निर्वाचन विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन मतदाताओं का नाम प्रारूप मतदाता सूची में पहले से शामिल है और उन्हें कोई नोटिस जारी नहीं हुआ है उन्हें किसी प्रकार की कार्रवाई करने की आवश्यकता नहीं है। मतदाताओं की फोटो की गुणवत्ता की भी जांच की जाए। यदि पहले से उपलब्ध फोटो स्पष्ट नहीं है तो मौके पर नई फोटो लेकर उसे मोबाइल एप पर अपलोड किया जाएगा।