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भगवान भोलेनाथ सभी देवों के देव : चंदप्रकाश महाराज
Fri, 26 Jul 2024 06:19 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Fri, 26 Jul 2024 06:19 AM IST
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बड़ा शिव मंदिर में आयोजित कथा कार्यक्रम में शामिल भक्त व कथावाचक।
चरखी दादरी। परशुराम चौक के पास स्थित ऐतिहासिक बड़ा शिव मंदिर में संगीतमय श्रीशिव महापुराण कथा आयोजित की गई। वृंदावन धाम से आए पंडित चंद्रप्रकाश ठाकुर महाराज ने कई प्रसंग सुनाए। उन्होंने कहा कि भगवान भोलेनाथ देवों के देव हैं। वह सभी भक्तों पर कृपा बनाए रखते हैं।
एक प्रसंग की व्याख्या करते हुए उन्होंने बताया कि देवराज इंद्र के शौर्य को देख ऋषि दुर्वासा ने उन्हें पारिजात पुष्प की माला भेंट की। इंद्र देव ने इसे ग्रहण न कर ऐरावत को पहना दिया और ऐरावत ने उसे भूमि पर फेंक दिया। दुर्वासा ने इससे क्रोधित होकर देवताओं को श्राप दे दिया और अभिशाप के कारण देवताओं ने अपनी शक्ति खो दी। इससे अत्यंत निराश होकर वे ब्रह्मा के पास मार्गदर्शन के लिए पहुंचे।
उन्होंने देवताओं को भगवान विष्णु से संपर्क करने के लिए कहा। विष्णु ने उन्हें यह सलाह दी कि वे क्षीर समुद्र का मंथन करें जिससे अमृत मिलेगा। इस अमृत को पीने से देवों की शक्ति वापस आ जाएगी और वे सदा के लिए अमर हो जाएंगे। वीरवार को हुए आयोजन में पुजारी दिनेश शास्त्री, रमेश फौगाट, रोहताश शर्मा, रतनलाल गोयल, सोमनाथ शर्मा, धर्मपाल जांगड़ा, नरेश शर्मा, रतनलाल बजाज, संजय सोनी, हरीश गर्ग आदि का सहयोग रहा।
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एक प्रसंग की व्याख्या करते हुए उन्होंने बताया कि देवराज इंद्र के शौर्य को देख ऋषि दुर्वासा ने उन्हें पारिजात पुष्प की माला भेंट की। इंद्र देव ने इसे ग्रहण न कर ऐरावत को पहना दिया और ऐरावत ने उसे भूमि पर फेंक दिया। दुर्वासा ने इससे क्रोधित होकर देवताओं को श्राप दे दिया और अभिशाप के कारण देवताओं ने अपनी शक्ति खो दी। इससे अत्यंत निराश होकर वे ब्रह्मा के पास मार्गदर्शन के लिए पहुंचे।
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उन्होंने देवताओं को भगवान विष्णु से संपर्क करने के लिए कहा। विष्णु ने उन्हें यह सलाह दी कि वे क्षीर समुद्र का मंथन करें जिससे अमृत मिलेगा। इस अमृत को पीने से देवों की शक्ति वापस आ जाएगी और वे सदा के लिए अमर हो जाएंगे। वीरवार को हुए आयोजन में पुजारी दिनेश शास्त्री, रमेश फौगाट, रोहताश शर्मा, रतनलाल गोयल, सोमनाथ शर्मा, धर्मपाल जांगड़ा, नरेश शर्मा, रतनलाल बजाज, संजय सोनी, हरीश गर्ग आदि का सहयोग रहा।
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