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सत्य के मार्ग पर ले जाती है श्रीमद्भागवत कथा : चंद्र प्रकाश
Sun, 26 Oct 2025 11:51 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Sun, 26 Oct 2025 11:51 PM IST
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श्रीमद् भागवत कथा के दौरान व्यासपीठ का पूजन करते श्रद्धालु। विज्ञप्ति
- फोटो : आयोजक
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फोटो 4 : श्रीमद्भागवत कथा के दौरान व्यासपीठ का पूजन करते श्रद्धालु। विज्ञप्ति
दादरी महिला मंडल की ओर से श्रीराम मंदिर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा का तीसरा दिन
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। गोपाष्टमी के अवसर पर दादरी महिला मंडल की ओर से श्रीराम मंदिर में श्रीमद्भागवत ज्ञान यज्ञ कथा का आयोजन चल रहा है। कथा के तीसरे दिन रविवार को वृंदावन के कथा वाचक पंडित चंद्र प्रकाश ठाकुर ने प्रवचन सुनाया।
कथा वाचक ने श्रीमद्भागवत के विविध प्रसंग समुद्र मंथन, जड़ भरत, भगवान शालिग्राम-तुलसी विवाह, ध्रुव चरित्र, भस्मासुर कथा की व्याख्या की। इस अवसर पर मुख्य यजमान मंगलेश अग्रवाल परिवार सहित उपस्थित रहे। इन्होंने व्यासपीठ पूजन संपन्न करवाया। महिला मंडल की सदस्य नीतू बंसल और प्रीति अग्रवाल ने सभी श्रद्धालुओं का अभिनंदन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस दौरान झांकियां पन्नालाल रासधारी द्वारा प्रस्तुत की गईं।कथा वाचक चंद्र प्रकाश ठाकुर ने समुद्र मंथन के प्रसंग का वर्णन में बताया कि यह प्रसंग केवल देव-असुर संघर्ष की कथा नहीं बल्कि मानव जीवन के भीतर चलने वाले सकारात्मक और नकारात्मक विचारों के संघर्ष का प्रतीक है। जब मनुष्य अपने भीतर के विष को धैर्य और भक्ति के माध्यम से निकाल देता है तभी अमृत रूपी ज्ञान की प्राप्ति होती है। पंडित चंद्र प्रकाश ठाकुर ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा सुनना केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं बल्कि जीवन को सत्य, प्रेम और सेवा के मार्ग पर ले जाने का माध्यम है।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में महिला मंडल की सदस्य सोनिया मित्तल, पूजा सिंगल, सपना, चंचल सिंगल, नेहा गोयल, रेखा, प्रियंका गोयल, रोशनी, रुचि, सुनीता जैन, सविता मित्तल, अन्नू अग्रवाल, नेहा मित्तल आदि का विशेष योगदान रहा। मंच संचालन पुजारी रोहताश शर्मा ने किया। इस दौरान सामाजिक, धार्मिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई।
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दादरी महिला मंडल की ओर से श्रीराम मंदिर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा का तीसरा दिन
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। गोपाष्टमी के अवसर पर दादरी महिला मंडल की ओर से श्रीराम मंदिर में श्रीमद्भागवत ज्ञान यज्ञ कथा का आयोजन चल रहा है। कथा के तीसरे दिन रविवार को वृंदावन के कथा वाचक पंडित चंद्र प्रकाश ठाकुर ने प्रवचन सुनाया।
कथा वाचक ने श्रीमद्भागवत के विविध प्रसंग समुद्र मंथन, जड़ भरत, भगवान शालिग्राम-तुलसी विवाह, ध्रुव चरित्र, भस्मासुर कथा की व्याख्या की। इस अवसर पर मुख्य यजमान मंगलेश अग्रवाल परिवार सहित उपस्थित रहे। इन्होंने व्यासपीठ पूजन संपन्न करवाया। महिला मंडल की सदस्य नीतू बंसल और प्रीति अग्रवाल ने सभी श्रद्धालुओं का अभिनंदन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस दौरान झांकियां पन्नालाल रासधारी द्वारा प्रस्तुत की गईं।कथा वाचक चंद्र प्रकाश ठाकुर ने समुद्र मंथन के प्रसंग का वर्णन में बताया कि यह प्रसंग केवल देव-असुर संघर्ष की कथा नहीं बल्कि मानव जीवन के भीतर चलने वाले सकारात्मक और नकारात्मक विचारों के संघर्ष का प्रतीक है। जब मनुष्य अपने भीतर के विष को धैर्य और भक्ति के माध्यम से निकाल देता है तभी अमृत रूपी ज्ञान की प्राप्ति होती है। पंडित चंद्र प्रकाश ठाकुर ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा सुनना केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं बल्कि जीवन को सत्य, प्रेम और सेवा के मार्ग पर ले जाने का माध्यम है।
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कार्यक्रम के सफल आयोजन में महिला मंडल की सदस्य सोनिया मित्तल, पूजा सिंगल, सपना, चंचल सिंगल, नेहा गोयल, रेखा, प्रियंका गोयल, रोशनी, रुचि, सुनीता जैन, सविता मित्तल, अन्नू अग्रवाल, नेहा मित्तल आदि का विशेष योगदान रहा। मंच संचालन पुजारी रोहताश शर्मा ने किया। इस दौरान सामाजिक, धार्मिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई।
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