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Charkhi Dadri News: मानसून सीजन से पहले शहर में 19 किलोमीटर लंबे नालों की 25 लाख रुपये से होगी सफाई
Tue, 26 May 2026 12:17 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Tue, 26 May 2026 12:17 AM IST
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शहर में नालों की सफाई में जुटे कर्मचारी।
- फोटो : 1
चरखी दादरी। मानसून के दौरान शहरवासियों को जलभराव की समस्या से निजात दिलाने के लिए नगर परिषद ने कमर कस ली है। इसके लिए नगर परिषद ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों में करीब 19 किलोमीटर लंबे नालों की सफाई के लिए 25 लाख रुपये की निविदा जारी कर कार्य आदेश जारी किए हैं। वहीं एजेंसी ने नालों की सफाई का कार्य भी शुरू कर दिया है।
नगर परिषद से प्राप्त जानकारी के अनुसार शहर के मुख्य बाजारों, रिहायशी कॉलोनियों और जलभराव वाले निचले इलाकों के नालों को प्राथमिकता दी जाएगी। बड़े नालों की सफाई के लिए जहां पोकलेन और जेसीबी मशीनों का उपयोग किया जाएगा वहीं तंग गलियों और छोटे नालों को साफ करने के लिए सफाई कर्मचारियों की टीमें लगाई जाएंगी। ताकि आने वाले मानसून सीजन में शहर को जलभराव से मुक्त रखा जाए।
जलभराव और संक्रामक बीमारियों से मिलेगी मुक्ति
मानसून के दौरान नाले जाम होने से दूषित पानी सड़कों और लोगों के घरों में घुस जाता है। इससे न केवल यातायात बाधित होता है बल्कि डेंगू, मलेरिया और डायरिया जैसी संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा भी बढ़ जाता है। समय रहते नालों की सफाई का अभियान शुरू होने पर स्थानीय निवासियों ने राहत की सांस ली है। नागरिकों का कहना है कि अगर समय रहते नालों की तली तक सफाई हो जाती है तो इस बार शहर में जलभराव की समस्या नहीं होगी।
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जनता से भी सहयोग की अपील
नगर परिषद ने निविदा जारी करने के साथ-साथ शहर के नागरिकों से भी सहयोग की अपील की है। नप ने लोगों से अनुरोध किया है कि वे पॉलीथीन, प्लास्टिक की बोतलें और घरेलू ठोस कचरा नालों में न फेंके। पॉलीथीन के कारण ही नाले सबसे ज्यादा चोक होते हैं और मशीनों को भी सफाई करने में दिक्कत आती है।
वर्सन :
शहर के नालों की सफाई करने के लिए 25 लाख रुपये खर्च किए जाने हैं। नालों की सफाई का कार्य शुरू करने के लिए एजेंसी को आदेश जारी कर दिए गए है। वहीं सफाई व्यवस्था पर नजर रखने के लिए नगर परिषद की एक निगरानी टीम भी गठित की जाएगी जो रोजाना काम की प्रगति और गुणवत्ता की समीक्षा करेगी।-- बक्शीराम सैनी, चेयरमैन, नगर परिषद दादरी।
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नगर परिषद से प्राप्त जानकारी के अनुसार शहर के मुख्य बाजारों, रिहायशी कॉलोनियों और जलभराव वाले निचले इलाकों के नालों को प्राथमिकता दी जाएगी। बड़े नालों की सफाई के लिए जहां पोकलेन और जेसीबी मशीनों का उपयोग किया जाएगा वहीं तंग गलियों और छोटे नालों को साफ करने के लिए सफाई कर्मचारियों की टीमें लगाई जाएंगी। ताकि आने वाले मानसून सीजन में शहर को जलभराव से मुक्त रखा जाए।
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जलभराव और संक्रामक बीमारियों से मिलेगी मुक्ति
मानसून के दौरान नाले जाम होने से दूषित पानी सड़कों और लोगों के घरों में घुस जाता है। इससे न केवल यातायात बाधित होता है बल्कि डेंगू, मलेरिया और डायरिया जैसी संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा भी बढ़ जाता है। समय रहते नालों की सफाई का अभियान शुरू होने पर स्थानीय निवासियों ने राहत की सांस ली है। नागरिकों का कहना है कि अगर समय रहते नालों की तली तक सफाई हो जाती है तो इस बार शहर में जलभराव की समस्या नहीं होगी।
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जनता से भी सहयोग की अपील
नगर परिषद ने निविदा जारी करने के साथ-साथ शहर के नागरिकों से भी सहयोग की अपील की है। नप ने लोगों से अनुरोध किया है कि वे पॉलीथीन, प्लास्टिक की बोतलें और घरेलू ठोस कचरा नालों में न फेंके। पॉलीथीन के कारण ही नाले सबसे ज्यादा चोक होते हैं और मशीनों को भी सफाई करने में दिक्कत आती है।
वर्सन :
शहर के नालों की सफाई करने के लिए 25 लाख रुपये खर्च किए जाने हैं। नालों की सफाई का कार्य शुरू करने के लिए एजेंसी को आदेश जारी कर दिए गए है। वहीं सफाई व्यवस्था पर नजर रखने के लिए नगर परिषद की एक निगरानी टीम भी गठित की जाएगी जो रोजाना काम की प्रगति और गुणवत्ता की समीक्षा करेगी।