{"_id":"682a34d13b8fe0537f0c5eac","slug":"be-careful-for-kapas-crop-charkhi-dadri-news-c-126-1-cdr1001-137199-2025-05-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Charkhi Dadri News: कपास के पत्ते मुरझाए दिखाई दें तो ड्रिप या फव्वारा विधि से करें सिंचाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Charkhi Dadri News: कपास के पत्ते मुरझाए दिखाई दें तो ड्रिप या फव्वारा विधि से करें सिंचाई
Mon, 19 May 2025 12:58 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Mon, 19 May 2025 12:58 AM IST
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
बाढड़ा। किसान कपास की बिजाई मई महीने के अंत तक कर सकते हैं। जून के महीने में कपास की बिजाई न करें। कृषि विशेषज्ञ डाॅ. चंद्रभान श्योराण ने बताया कि किसान बिजाई से पहले गहरी सिंचाई करें।
बिजाई सुबह या शाम के समय की जानी चाहिए। पूर्व से पश्चिम की दिशा में कपास की बिजाई लाभकारी होती है। देसी कपास की बिजाई अब न करें, इसमें पौधे जलने की समस्या आ सकती है। खेत की तैयारी सुबह या शाम को ही करें।
चंद्रभान ने बताया कि जो किसान टपका विधि से बीटी कपास की बिजाई करना चाहते हैं, वे जब तक जमाव होता है तब तक रोजाना 15 मिनट सुबह-शाम ड्रिप अवश्य चलाएं। जमाव के बाद हर चौथे दिन 30 से 35 मिनट ड्रिप चलाएं।
विज्ञापन
धूल भरी आंधी के बाद जहां कपास के पत्ते मुरझाए या जले हुए दिखाई दें तो ड्रिप या फव्वारा विधि से पानी लगाएं। कीट प्रबंधन का विशेष ध्यान रखें। विशेषज्ञ ने बताया कि 3जी, 4जी व 5जी के नाम से बिकने वाले बीजों से सावधान रहें। फसल की लगातार निगरानी रखें।
विज्ञापन
बाढड़ा। किसान कपास की बिजाई मई महीने के अंत तक कर सकते हैं। जून के महीने में कपास की बिजाई न करें। कृषि विशेषज्ञ डाॅ. चंद्रभान श्योराण ने बताया कि किसान बिजाई से पहले गहरी सिंचाई करें।
बिजाई सुबह या शाम के समय की जानी चाहिए। पूर्व से पश्चिम की दिशा में कपास की बिजाई लाभकारी होती है। देसी कपास की बिजाई अब न करें, इसमें पौधे जलने की समस्या आ सकती है। खेत की तैयारी सुबह या शाम को ही करें।
विज्ञापन
चंद्रभान ने बताया कि जो किसान टपका विधि से बीटी कपास की बिजाई करना चाहते हैं, वे जब तक जमाव होता है तब तक रोजाना 15 मिनट सुबह-शाम ड्रिप अवश्य चलाएं। जमाव के बाद हर चौथे दिन 30 से 35 मिनट ड्रिप चलाएं।
विज्ञापन
धूल भरी आंधी के बाद जहां कपास के पत्ते मुरझाए या जले हुए दिखाई दें तो ड्रिप या फव्वारा विधि से पानी लगाएं। कीट प्रबंधन का विशेष ध्यान रखें। विशेषज्ञ ने बताया कि 3जी, 4जी व 5जी के नाम से बिकने वाले बीजों से सावधान रहें। फसल की लगातार निगरानी रखें।