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यूक्रेन में फंसे लाल, चिंतित परिजनों का बुरा हाल

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 25 Feb 2022 11:53 PM IST
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Bad condition of Lal, worried family members trapped in Ukraine
यूक्रेन में फंसे युवाओं के अभिभावकों की चिंता लगातार बढ़ रही है। बिजली आपूर्ति बाधित होने के कारण पिछले दो दिनों से अभिभावक बच्चों से फोन पर भी बात नहीं कर पा रहे हैं। शुक्रवार को दो अभिभावक पहले डीसी ऑफिस और इसके बाद पूर्व मंत्री सतपाल सांगवान से मिले और बच्चों की भारत वापसी करवाने की गुहार लगाई। इन दोनों अभिभावकों ने टीस बयां करते हुए कहा कि उन्हें न तो प्रशासन से सहयोग मिल रहा है और न ही भारतीय दूतावास से कोई संतोषजनक जवाब मिल रहा है। सरकार की ओर से जो हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है उस पर भी बात नहीं हो पा रही। इन अभिभावकों का कहना है कि वो जिला प्रशासन को यूक्रेन में फंसे 20 बच्चों के नाम दे चुके हैं, लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई अमल में नहीं लाई जा रही। इन अभिभावकों का कहना है कि वो यूक्रेन में फंसे 20 बच्चों की सूची प्रशासन को सौंप चुके हैं और लगातार अपने बेटा-बेटियों को भारत लाने के लिए गुहार लगा रहे हैं। परेशान दोनों अभिभावकों से बातचीत पर अमर उजाला की एक रिपोर्ट
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केस-1: खारकीयू में फंसे बेटा-बेटी, व्यथा सुनाते समय पिता की आंखों से निकले आंसू
तिवाला निवासी एक व्यक्ति ने बताया कि उसका बेटी यूक्रेन के खारकीयू स्थित केएनएम यूनिवर्सिटी में फोर्थ ईयर की छात्रा है जबकि बेटा सेकेंड ईयर में है। उसके दोनों बच्चे वहां फंसे हैं और उनके पास न खाना है और न ही कपड़े। बंकर में वो भूख-प्यासे घंटों बिता रहे हैं। फोन चार्ज न होने के चलते उनकी अब बात भी नहीं हो पा रही और मैसेज के जरिये ही वो बेटा-बेटी से बात कर रहे हैं। यह व्यथा बताते समय उक्त व्यक्ति की आंखों से आंसू निकल गए।
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केस-2: माइनस दो डिग्री तापमान में रह रहा बेटा, पहनने को गर्म कपड़े तक नहीं
शहर के वार्ड 20 निवासी जसबीर ने बताया कि उसका बेटा केएनएम यूनिवर्सिटी में सेकेंड ईयर का छात्र है। गत 20 फरवरी की टिकट करवाई थी, लेकिन वो नहीं आ पाया और 24 फरवरी को रुस ने यूक्रेन पर हमला कर दिया। उन्होंने बताया कि बेटा बंकर में रह रहा है और वहां तापमान माइनस दो डिग्री है। उसके पास न तो खाना है और न ही पहनने को गर्म कपड़े हैं। दिन-रात बेटे की चिंता सता रही है और अब तो वो उनकी बेटे से फोन पर बात तक नहीं हो पा रही।
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वर्जन::
तिवाला और दादरी निवासी दो व्यक्ति आज मुझसे मिले थे। उनके तीन बच्चे यूक्रेन में फंसे हैं। मैंने डीसी प्रदीप गोदारा से भी इस संबंध में बातचीत कर प्रभावी और त्वरित कार्रवाई के लिए कहा है।
सतपाल सांगवान, पूर्व मंत्री
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