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Charkhi Dadri News: 12 साल पहले विनेश की चचेरी बहन बबीता फोगाट भी वजन अधिक होने के चलते एशिया चैंपियनशिप से हुई थीं बाहर
Fri, 09 Aug 2024 05:44 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Fri, 09 Aug 2024 05:44 AM IST
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बबीता फौगाट।
- फोगाट परिवार को 12 साल बाद फिर से अधिक वजन ने दिया ताउम्र याद रहने वाला दर्द, संन्यास का फैसला वापस लेने के लिए विनेश को मनाएंगी बबीता फोगाट
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। निर्धारित से अधिक वजन के चलते फोगाट परिवार को 12 साल के अंदर दूसरी बार ताउम्र याद रहने वाला दर्द मिला है। विनेश से पहले वर्ष 2012 में उनकी चचेरी बहन एवं पूर्व अंतरराष्ट्रीय महिला पहलवान बबीता फोगाट को एशिया चैंपियनशिप से बाहर होना पड़ा था। उस दौरान बबीता फोगाट का वजन 200 ग्राम ज्यादा था। यह टीस अब तक बबीता के मन में है। उन्होंने बातचीत में अपना यह दर्द साझा किया।
बबीता फोगाट ने बताया कि विनेश को 100 ग्राम अधिक वजन के चलते ओलंपिक से अयोग्य घोषित कर दिया गया। हालांकि, प्रत्येक पहलवान व विश्व को पता है कि यह सब नियमानुसार हुआ है। उन्होंने बताया कि वर्ष 20212 में वह भी इस स्थिति से गुजर चुकी हैं।
कहा कि विनेश के संन्यास लेने से फोगाट परिवार के अलावा पूरा देश दुखी है। उन्होंने कहा कि विनेश के घर लौटने पर सभी परिजन बातचीत करेंगे और प्रयास करेंगे कि विनेश संन्यास का फैसला वापस लेकर ओलंपिक 2028 की तैयारी करे।
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बबीता ने कहा कि वह चाहती हैं कि विनेश मैट पर वापसी कर अपने ताऊ एवं कुश्ती के पहले गुरु द्रोणाचार्य अवाॅर्डी महाबीर फोगाट का ओलंपिक में पदक जीतने का सपना पूरा करे।
- इधर...बलाली की गलियों में पसरा सन्नाटा
विनेश फोगाट के पहले ओलंपिक पदक से चूक जाने का असर बलाली गांव में साफ दिखाई दिया। गांव स्थित पहलवान महाबीर फोगाट का अखाड़ा और घर सूना रहा। विनेश के घर भी ऐसा ही नजारा रहा। इसके अलावा गांव की गलियां भी सुनसान ही रहीं।
फोटो 29
बबीता फोगाट। संवाद
फोटो 30
बलाली गांव की सूनी गली। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। निर्धारित से अधिक वजन के चलते फोगाट परिवार को 12 साल के अंदर दूसरी बार ताउम्र याद रहने वाला दर्द मिला है। विनेश से पहले वर्ष 2012 में उनकी चचेरी बहन एवं पूर्व अंतरराष्ट्रीय महिला पहलवान बबीता फोगाट को एशिया चैंपियनशिप से बाहर होना पड़ा था। उस दौरान बबीता फोगाट का वजन 200 ग्राम ज्यादा था। यह टीस अब तक बबीता के मन में है। उन्होंने बातचीत में अपना यह दर्द साझा किया।
बबीता फोगाट ने बताया कि विनेश को 100 ग्राम अधिक वजन के चलते ओलंपिक से अयोग्य घोषित कर दिया गया। हालांकि, प्रत्येक पहलवान व विश्व को पता है कि यह सब नियमानुसार हुआ है। उन्होंने बताया कि वर्ष 20212 में वह भी इस स्थिति से गुजर चुकी हैं।
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कहा कि विनेश के संन्यास लेने से फोगाट परिवार के अलावा पूरा देश दुखी है। उन्होंने कहा कि विनेश के घर लौटने पर सभी परिजन बातचीत करेंगे और प्रयास करेंगे कि विनेश संन्यास का फैसला वापस लेकर ओलंपिक 2028 की तैयारी करे।
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बबीता ने कहा कि वह चाहती हैं कि विनेश मैट पर वापसी कर अपने ताऊ एवं कुश्ती के पहले गुरु द्रोणाचार्य अवाॅर्डी महाबीर फोगाट का ओलंपिक में पदक जीतने का सपना पूरा करे।
- इधर...बलाली की गलियों में पसरा सन्नाटा
विनेश फोगाट के पहले ओलंपिक पदक से चूक जाने का असर बलाली गांव में साफ दिखाई दिया। गांव स्थित पहलवान महाबीर फोगाट का अखाड़ा और घर सूना रहा। विनेश के घर भी ऐसा ही नजारा रहा। इसके अलावा गांव की गलियां भी सुनसान ही रहीं।
फोटो 29
बबीता फोगाट। संवाद
फोटो 30
बलाली गांव की सूनी गली। संवाद