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Charkhi Dadri News: फर्जी मुठभेड़ मामला में ऑडियो वायरल, जेल में बंद सोनू बोला- रुपयों को लेकर मारी गोली, आंख पर बांधी हुई थी पट्टी

Mon, 15 Jan 2024 12:20 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी Updated Mon, 15 Jan 2024 12:20 AM IST
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Audio viral in fake encounter case, Sonu in jail said - shot for money, was blindfolded
लघु सचिवालय में धरना दे रहे लोगों को संबोधित करते भिवानी बार एसोसिएशन प्रधान सत्यजीत पिलानिया।
संवाद न्यूज एजेंसी
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चरखी दादरी। फर्जी मुठभेड़ और 10 लाख की रिश्वत के मामले में रविवार को एक ऑडियो रिकॉर्डिंग वायरल की है। इसमें पुलिस पर संगीन आरोप लगे हैं। ऑडियो में जेल में बंद सोनू कह रहा है कि रुपयों को लेकर उसको गोली मारी गई। जिस वक्त उसे गोली मारी गई उसकी आंख पर पट्टी बांधी हुई थी। उसका कहना है कि मुठभेड़ कर रोहतक पीजीआई ले जाने वालों को सामने आते ही पहचान लेगा।
शिकायतकर्ता पक्ष का दावा है कि रिकॉर्डिंग में उनके अधिवक्ता संजीव तक्षक और जेल में बंद व फर्जी मुठभेड़ का शिकार बने सोनू के बीच 2 मिनट 50 सेकंड हुई बातचीत है। अधिवक्ता सोनू से बातचीत करते हुए कह रहा है कि अब हम आर-पार की लड़ाई लड़ रहे हैं और तुझे डरना नहीं है। अगर तेरे बयान लेने आए तो जो वास्तव में तेरे साथ हुआ वो ही बयान देने हैं। जेल से बात कर रहा सोनू इसकी हामी भर रहा है। इसके बाद सोनू ने उसके साथ हुआ वाक्य साझा किया है। इसमें जिला पुलिस पर संगीन आरोप लगे हैं। ऑडियो में सोनू कह रहा है कि गोली लगने के बाद उसे पहले सीआईए थाना में ले गए और फिर पीजीआई लेकर पहुंचे।
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ऑडियो में हुई बातचीत

सोनू- नमस्कार जी।



अधिवक्ता- भाई क्या हाल है। अब तेरे बयान लेने आए तो डरना नहीं है, आर पार की लड़ाई लड़ रहे हैं।

सोनू-ठीक है जी, कोई दिक्कत नहीं।



अधिवक्ता- तेरे को 18 दिसंबर को वापस सीआईए से ले जाया गया था क्या, कौन-कौन थे?
सोनू- रोहित था, संदीप था शायद, मनजीत ढाका...मैं चेहरा देखकर सभी को पहचान लूंगा।



अधिवक्ता-कितने बजे तेरे गोली मारी?
सोनू- 10-10:30 बजे।



अधिवक्ता- मेडिकल कितने बजे करवाया तेरा?
सोनू- गोली मारने के बाद करीब 11 बजे सिविल अस्पताल ले गए थे और वहां से रोहतक रेफर किया गया। पीजीआई के बजाय पहले मुझे सीआईए में ले गए और फिर पीजीआई लेकर पहुंचे।
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अधिवक्ता- गोली क्यों मारी तेरे?
सोनू- यो तो देख ल्यो जी, रुपये आला ए सीन था।



अधिवक्ता-पीजीआई ले जाने वाले कौन थे?
सोनू- रोहित तो कंफर्म था। शायद एक कितलाना का भी था।



अधिवक्ता- गोली किसने मारी तेरे

सोनू- ये तो नहीं पता, आंखों पर पट्टी बांध रखी थी मेरे।



(शिकायतकर्ता पक्ष के वकील संजीव तक्षक का दावा है कि यह रिकॉर्डिंग रविवार सुबह की है और जो उनसे बात कर रहा है वह जेल में बंद सोनू है। अमर उजाला इस रिकॉर्डिंग के सच होने की पुष्टि नहीं करता)




शिकायतकर्ता पक्ष के धरने को भिवानी बार एसोसिएशन ने दिया समर्थन

चरखी दादरी। कथित मुठभेड़ और 10 लाख की रिश्वत मामले में कार्रवाई की मांग के लिए शिकायतकर्ता पक्ष का धरना रविवार को सातवें दिन भी जारी रहा। पुलिस प्रशासन पर प्रदर्शनकारियों ने आरोपी पुलिस कर्मचारियों को बचाने के लिए अलग-अलग हथकंडे अपनाने का आरोप लगाया। वहीं, जांच अधिकारी डीएसपी सुभाषचंद्र ने आरोपों को नकारा है।

रविवार को भिवानी बार एसोसिएशन के प्रधान सत्यजीत पिलानिया अधिवक्ताओं के साथ धरनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने धरने का समर्थन कर पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर रोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि वे इस न्याय की लड़ाई में उनके साथ हैं। उन्होंने कहा कि आज ही समस्त घटना की जानकारी हुई, जिसे सुनकर बहुत आघात पहुंचा। उन्होंने कहा कि जब पुलिस प्रशासन ने एक इंस्पेक्टर और एएसआई को निलंबित किया तो उन पर एफआईआर भी दर्ज होनी चाहिए। इससे प्रतीत होता है कि पुलिस प्रशासन पुलिस कर्मचारियों को बचाना चाहता है। उन्होंने एसपी और हरियाणा सरकार से मांग की है कि तुरंत प्रभाव से दोषी पुलिस कर्मचारियों की एफआईआर व गिरफ्तारी होनी चाहिए।



धरने को बिजेंद्र सांगवान व बार एसोसिएशन चरखी दादरी के पूर्व सचिव अनिल फौगाट ने भी संबोधित किया। रविवार को धरनास्थल पर विरेंद्र दूहन, हरेंद्र भालोटिया, अमित ढूल, सुरेन्द्र सांगवान, अधिवक्ता अशोक सांगवान, विशेष सांगवान, प्रदीप कालीरमण, प्रवीन तक्षक, विकास महला, नरेश आदि मौजूद रहे।



शिकायतकर्ता पक्ष के बयान किए जा चुके दर्ज, आरोप बेबुनियाद: डीएसपी



डीएसपी सुभाषचंद्र ने बातचीत में बताया कि शनिवार को शिकायतकर्ता पक्ष को बुलाकर बयान दर्ज किए गए। बयान दर्ज कराने के नाम पर पुलिस पर प्रताड़ित करने के जो आरोप लगाए गए वो बेबुनियाद है। जांच में समय जरूर लग सकता है, लेकिन जांच निष्पक्ष की जाएगी। शिकायतकर्ता पक्ष ने केवल बयान दर्ज करवाए हैं, जबकि नौगांवा से गिरफ्तारी संबंधी कोई सबूत अभी नहीं सौंपे हैं। जांच पूरी होते ही सच्चाई सबके सामने आ जाएगी।
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