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समाज को सही दिशा देने में आर्य समाज का स्थान सर्वोपरि : मनोजस
Sun, 20 Oct 2024 05:00 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Sun, 20 Oct 2024 05:00 AM IST
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बाढड़ा। समाज के सर्वांगीण और चहुमुखी विकास में सकारात्मक विचारधारा का सर्वाधिक योगदान होता है। वे लोग धन्य हैं जो मानव समाज को दिशा में अपना जीवन समर्पित करते हैं। ऐसे समर्पण से ओतप्रोत परोपकारी सुधारवादी राष्ट्रभक्त लोगों का 150 वर्ष पुराना संगठन आर्य समाज है।
यह बात लोहारु के एसडीएम मनोज कुमार दलाल ने आर्य समाज मंदिर में आयोजित शरद पूर्णिमा महोत्सव को संबोधित करते हुए कही। मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए मनोज ने कहा कि वेद प्रचार, समाज सुधार, नारी रक्षा, नारी शिक्षा, दलितोद्धार, गोरक्षा, देश की स्वतंत्रता, विधवा विवाह, छुआछूत निवारण, राष्ट्रीय स्वाभिमान जागरण आदि असंख्य महान कार्यों के माध्यम से समाज को सही दिशा देने में आर्य समाज का स्थान सर्वोपरि है।
उन्होंने कहा कि नशा, अंधविश्वास और अपराध में धंसते जा रहे युवाओं का मार्गदर्शन कर उन्हें शिक्षा, स्वास्थ्य और संस्कारों से जोड़ना आर्य समाज का अतुलनीय कार्य है। इससे पूर्व कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक विद्वान आचार्य ज्ञानचंद शास्त्री के ब्रह्मत्व में यज्ञ से हुआ। आचार्य शास्त्री ने याज्ञिकों को उपदेश दिए। उन्होंने कहा कि जीवन की सार्थकता के लिए हमें पाप और अधर्म के कार्यों से बचकर सन्मार्ग पर चलते हुए धर्म रूपी धन एकत्रित करना चाहिए। झूठे आडंबरों और पाखंडों से दूर रहकर मानवता की राह पर चलने वाला व्यक्ति ही सही अर्थों में धार्मिक होता है।
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मथुरा से पधारे भजनोपदेशक उदयवीर आर्य ने गीत और भजनों के माध्यम से आर्य समाज के उपकार और महर्षि दयानंद की महिमा बताई। उन्होंने ईश्वर भक्ति और सन्मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। कार्यक्रम की अध्यक्षता किसान नेता अमर सिंह प्रधान ने की। इस दाैरान आर्य समाज के प्रधान डाॅ. देवेंद्र आर्य बोहरा, कन्या गुरुकुल पंचगांव के प्रधान ओमप्रकाश पंचगांव, पूर्व सरपंच बिजेंद्र सिंह, कुलदीप आर्य आदि मौजूद रहे।
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यह बात लोहारु के एसडीएम मनोज कुमार दलाल ने आर्य समाज मंदिर में आयोजित शरद पूर्णिमा महोत्सव को संबोधित करते हुए कही। मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए मनोज ने कहा कि वेद प्रचार, समाज सुधार, नारी रक्षा, नारी शिक्षा, दलितोद्धार, गोरक्षा, देश की स्वतंत्रता, विधवा विवाह, छुआछूत निवारण, राष्ट्रीय स्वाभिमान जागरण आदि असंख्य महान कार्यों के माध्यम से समाज को सही दिशा देने में आर्य समाज का स्थान सर्वोपरि है।
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उन्होंने कहा कि नशा, अंधविश्वास और अपराध में धंसते जा रहे युवाओं का मार्गदर्शन कर उन्हें शिक्षा, स्वास्थ्य और संस्कारों से जोड़ना आर्य समाज का अतुलनीय कार्य है। इससे पूर्व कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक विद्वान आचार्य ज्ञानचंद शास्त्री के ब्रह्मत्व में यज्ञ से हुआ। आचार्य शास्त्री ने याज्ञिकों को उपदेश दिए। उन्होंने कहा कि जीवन की सार्थकता के लिए हमें पाप और अधर्म के कार्यों से बचकर सन्मार्ग पर चलते हुए धर्म रूपी धन एकत्रित करना चाहिए। झूठे आडंबरों और पाखंडों से दूर रहकर मानवता की राह पर चलने वाला व्यक्ति ही सही अर्थों में धार्मिक होता है।
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मथुरा से पधारे भजनोपदेशक उदयवीर आर्य ने गीत और भजनों के माध्यम से आर्य समाज के उपकार और महर्षि दयानंद की महिमा बताई। उन्होंने ईश्वर भक्ति और सन्मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। कार्यक्रम की अध्यक्षता किसान नेता अमर सिंह प्रधान ने की। इस दाैरान आर्य समाज के प्रधान डाॅ. देवेंद्र आर्य बोहरा, कन्या गुरुकुल पंचगांव के प्रधान ओमप्रकाश पंचगांव, पूर्व सरपंच बिजेंद्र सिंह, कुलदीप आर्य आदि मौजूद रहे।