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Charkhi Dadri News: बात सै सीधी-पाधरी, इबकै खेल रत्न और अर्जुन पुरस्कार ल्याई दादरी
Fri, 03 Jan 2025 01:14 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Fri, 03 Jan 2025 01:14 AM IST
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पैरा बैडमिंटन मुकाबले के दौरान सर्विस रिटर्न करते नितेश लुहाच। स्रोत: स्वयं
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। दादरी के लिए वीरवार का दिन खास रहा। इस दिन खेल उपलब्धियों के आधार पर जिले के हिस्से दो अवाॅर्ड आए।
नांधा गांव निवासी बैडमिंटन खिलाड़ी पैरा ओलंपियन गोल्ड मेडलिस्ट नितेश लुहाच को अर्जुन अवाॅर्ड जबकि अंतरराष्ट्रीय महिला शूटर मनु भाकर को खेल रत्न अवाॅर्ड मिलने की घोषणा केंद्र सरकार की ओर से की गई। दादरी जिले में मनु भाकर की ननिहाल है। नानी सावित्री देवी और मामा-मामी दादरी शहर में रहते हैं। एकसाथ राष्ट्रीय स्तर के दो पुरस्कार पाकर दोनों युवाओं ने जिले का नाम रोशन किया है। वहीं, दोनों की उपलब्धियों के चर्चे भी खेलप्रेमी कर रहे हैं।
जयपुर में रहता है परिवार, करनाल से भी जुड़ाव : नितेश लुहाच का परिवार जयपुर में रहता है जबकि ताऊ गुणपाल व वेदपाल पैतृक गांव में रहते हैं। 2022 में एशियन गेम्स में कांस्य पदक जीतने के बाद नितेश को बैडमिंटन कोच नियुक्त किया गया था। वह करनाल के कर्ण स्टेडियम में कोचिंग देते हैं। दिव्यांगता का शिकार होने से पहले नितेश फुटबाल खेलते थे। जिला बैडमिंटन एसोसिएशन के महासचिव लोकेश गुप्ता ने नितेश लुहाच व परिजनों को बधाई दी। कहा कि हर व्यक्ति का जीवन सामान्य होता है। लेकिन, नितेश जैसे होनहार युवा ही अपने जीवन को हीरे की तरह अनमोल बना पाते हैं।
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चरखी दादरी। दादरी के लिए वीरवार का दिन खास रहा। इस दिन खेल उपलब्धियों के आधार पर जिले के हिस्से दो अवाॅर्ड आए।
नांधा गांव निवासी बैडमिंटन खिलाड़ी पैरा ओलंपियन गोल्ड मेडलिस्ट नितेश लुहाच को अर्जुन अवाॅर्ड जबकि अंतरराष्ट्रीय महिला शूटर मनु भाकर को खेल रत्न अवाॅर्ड मिलने की घोषणा केंद्र सरकार की ओर से की गई। दादरी जिले में मनु भाकर की ननिहाल है। नानी सावित्री देवी और मामा-मामी दादरी शहर में रहते हैं। एकसाथ राष्ट्रीय स्तर के दो पुरस्कार पाकर दोनों युवाओं ने जिले का नाम रोशन किया है। वहीं, दोनों की उपलब्धियों के चर्चे भी खेलप्रेमी कर रहे हैं।
जयपुर में रहता है परिवार, करनाल से भी जुड़ाव : नितेश लुहाच का परिवार जयपुर में रहता है जबकि ताऊ गुणपाल व वेदपाल पैतृक गांव में रहते हैं। 2022 में एशियन गेम्स में कांस्य पदक जीतने के बाद नितेश को बैडमिंटन कोच नियुक्त किया गया था। वह करनाल के कर्ण स्टेडियम में कोचिंग देते हैं। दिव्यांगता का शिकार होने से पहले नितेश फुटबाल खेलते थे। जिला बैडमिंटन एसोसिएशन के महासचिव लोकेश गुप्ता ने नितेश लुहाच व परिजनों को बधाई दी। कहा कि हर व्यक्ति का जीवन सामान्य होता है। लेकिन, नितेश जैसे होनहार युवा ही अपने जीवन को हीरे की तरह अनमोल बना पाते हैं।

पैरा बैडमिंटन मुकाबले के दौरान सर्विस रिटर्न करते नितेश लुहाच। स्रोत: स्वयं
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