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अंडर-20 एशियन चैंपियनशिप में आरजू ने जीता स्वर्ण पदक
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चरखी दादरी। बहरीन के मनामा में आयोजित एशियन अंडर-20 चैंपियनशिप में भारतीय पहलवानों का बोलबाला रहा। इसमें मूल रूप से गांव निमली निवासी आरजू ने भी शानदार खेल दिखाते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इससे पहले आरजू ने हाल ही में बिश्केक में आयोजित एशियन अंडर-23 कुश्ती चैंपियनशिप के दौरान रजत पदक हासिल किया था। पिछले 15 दिनों में महिला पहलवान आरजू ने देश की झोली में दूसरा पदक डाला है।
आरजू के पिता ओमप्रकाश लुहाच ने बताया कि मनामा में आयोजित अंडर-20 एशियन कुश्ती चैंपियनशिप के 68 किलो भारवर्ग में खेलते हुए आरजू ने स्वर्ण पदक हासिल किया है। यह आरजू की तीसरी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता थी। इन तीनों प्रतियोगिता में आरजू ने दो पदक अपने नाम किए हैं। इनमें एक स्वर्ण पदक व एक रजत पदक शामिल है। इससे पहले 2021 में 22 से 26 जून तक किर्गिस्तान के बिश्केक में आयोजित एशियन अंडर-23 में आरजू ने रजत पदक अपने नाम किया था। इस प्रतियोगिता के बाद दो सप्ताह के अंदर ही आरजू ने एशिन अंडर-20 में स्वर्ण पदक जीतकर पिछली प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक न जीत पाने की कमी को पूरा कर दिया। इससे पहले आरजू जूनियर स्तर पर नेशनल में पिछले पांच सालों से काफी अच्छा प्रदर्शन करती आ रही हैं।
ओमप्रकाश लुहाच ने बताया कि इससे पहले आरजू ने 2019 और 2020 में आयोजित सब जूनियर नेशनल प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक, साल 2020, 2021 व 2022 में जूनियर नेशनल स्तर पर स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया था।
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कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए जूडो में कर चुकी क्वालीफाई -
आरजू ने अपने खेल कॅरिअर की शुरुआत जूडो से की थी, लेकिन जूडो की पर्याप्त सुविधाएं न मिलने और कुश्ती की तरफ रुझान बढ़ने के कारण आरजू ने कुश्ती शुरू कर दी। हालांकि आरजू अगले माह बर्मिंघम में आयोजित होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए जूडो में क्वालीफाई कर चुकी हैं।
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आरजू के पिता ओमप्रकाश लुहाच ने बताया कि मनामा में आयोजित अंडर-20 एशियन कुश्ती चैंपियनशिप के 68 किलो भारवर्ग में खेलते हुए आरजू ने स्वर्ण पदक हासिल किया है। यह आरजू की तीसरी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता थी। इन तीनों प्रतियोगिता में आरजू ने दो पदक अपने नाम किए हैं। इनमें एक स्वर्ण पदक व एक रजत पदक शामिल है। इससे पहले 2021 में 22 से 26 जून तक किर्गिस्तान के बिश्केक में आयोजित एशियन अंडर-23 में आरजू ने रजत पदक अपने नाम किया था। इस प्रतियोगिता के बाद दो सप्ताह के अंदर ही आरजू ने एशिन अंडर-20 में स्वर्ण पदक जीतकर पिछली प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक न जीत पाने की कमी को पूरा कर दिया। इससे पहले आरजू जूनियर स्तर पर नेशनल में पिछले पांच सालों से काफी अच्छा प्रदर्शन करती आ रही हैं।
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ओमप्रकाश लुहाच ने बताया कि इससे पहले आरजू ने 2019 और 2020 में आयोजित सब जूनियर नेशनल प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक, साल 2020, 2021 व 2022 में जूनियर नेशनल स्तर पर स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया था।
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कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए जूडो में कर चुकी क्वालीफाई -
आरजू ने अपने खेल कॅरिअर की शुरुआत जूडो से की थी, लेकिन जूडो की पर्याप्त सुविधाएं न मिलने और कुश्ती की तरफ रुझान बढ़ने के कारण आरजू ने कुश्ती शुरू कर दी। हालांकि आरजू अगले माह बर्मिंघम में आयोजित होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए जूडो में क्वालीफाई कर चुकी हैं।