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Charkhi Dadri News: राष्ट्रीय गोपाल रत्न पुरस्कार के लिए 15 सितंबर तक करें आवेदन, उत्कृष्ट कार्य करने वालों को मिलेगा 5 लाख तक का पुरस्कार
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चरखी दादरी। देसी गोवंश संरक्षण व संवर्धन के क्षेत्र में बेहरीन कार्य करने वालों को सरकार की ओर से दो से पांच लाख तक का पुरस्कार मिल सकता है। इसके लिए पात्र गोपालक 15 सितंबर तक awardsgov.in पोर्टल पर आवेदन कर सकते हैं।
उपायुक्त मुनीश शर्मा ने बताया कि देश व प्रदेश में मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय पशुपालन व डेयरी क्षेत्र के प्रभावी विकास के लिए अथक प्रयास कर रहा है, ताकि किसानों को स्थायी आजीविका प्रदान की जा सके। भारत की स्वदेशी गोजातीय नस्लें बहुत अच्छी हैं और उनमें राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की अनुवांशिक क्षमता मौजूद है। केंद्रीय पशुपालन और डेयरी मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय गोपाल रत्न पुरस्कार के लिए ऑनलाइन नामांकन आमंत्रित किए हैं।
उन्होंने कहा कि स्वदेशी गोजातीय नस्लों का वैज्ञानिक तरीके से संरक्षण और विकास करने के उद्देश्य से देश में पहली बार दिसंबर 2014 में राष्ट्रीय गोकुल मिशन की शुरुआत की गई थी। मिशन के तहत, दूध उत्पादक किसानों, डेयरी सहकारी समितियों/एफपीओ और कृत्रिम गर्भाधान तकनीशियनों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से विभाग ने 2025 के दौरान भी तीन श्रेणियों में राष्ट्रीय गोपाल रत्न पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।
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यूं दिए जाते हैं पुरस्कार
उपायुक्त ने बताया कि राष्ट्रीय गोपाल रत्न पुरस्कार 2025 में पहली दो श्रेणियों यानी सर्वश्रेष्ठ डेयरी किसान और सर्वश्रेष्ठ डीसीएस/एफपीओ/एमपीसी को योग्यता प्रमाण पत्र, एक स्मृति चिह्न और नकद पुरस्कार दिए जाते हैं। इसमें प्रथम स्थान के लिए पांच लाख, दूसरे स्थान के लिए तीन लाख व तीसरे स्थान के लिए दो लाख रुपये का पुरस्कार निर्धारित किया हुआ है। वहीं, सर्वश्रेष्ठ कृत्रिम गर्भाधान तकनीशियन की तीनों श्रेणियों के लिए पुरस्कार में केवल योग्यता प्रमाणपत्र और एक स्मृति चिह्न शामिल है। उन्होंने बताया कि ये पुरस्कार राष्ट्रीय दुग्ध दिवस 26 नवंबर के अवसर पर प्रदान किए जाएंगे।
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उपायुक्त मुनीश शर्मा ने बताया कि देश व प्रदेश में मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय पशुपालन व डेयरी क्षेत्र के प्रभावी विकास के लिए अथक प्रयास कर रहा है, ताकि किसानों को स्थायी आजीविका प्रदान की जा सके। भारत की स्वदेशी गोजातीय नस्लें बहुत अच्छी हैं और उनमें राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की अनुवांशिक क्षमता मौजूद है। केंद्रीय पशुपालन और डेयरी मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय गोपाल रत्न पुरस्कार के लिए ऑनलाइन नामांकन आमंत्रित किए हैं।
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उन्होंने कहा कि स्वदेशी गोजातीय नस्लों का वैज्ञानिक तरीके से संरक्षण और विकास करने के उद्देश्य से देश में पहली बार दिसंबर 2014 में राष्ट्रीय गोकुल मिशन की शुरुआत की गई थी। मिशन के तहत, दूध उत्पादक किसानों, डेयरी सहकारी समितियों/एफपीओ और कृत्रिम गर्भाधान तकनीशियनों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से विभाग ने 2025 के दौरान भी तीन श्रेणियों में राष्ट्रीय गोपाल रत्न पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।
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यूं दिए जाते हैं पुरस्कार
उपायुक्त ने बताया कि राष्ट्रीय गोपाल रत्न पुरस्कार 2025 में पहली दो श्रेणियों यानी सर्वश्रेष्ठ डेयरी किसान और सर्वश्रेष्ठ डीसीएस/एफपीओ/एमपीसी को योग्यता प्रमाण पत्र, एक स्मृति चिह्न और नकद पुरस्कार दिए जाते हैं। इसमें प्रथम स्थान के लिए पांच लाख, दूसरे स्थान के लिए तीन लाख व तीसरे स्थान के लिए दो लाख रुपये का पुरस्कार निर्धारित किया हुआ है। वहीं, सर्वश्रेष्ठ कृत्रिम गर्भाधान तकनीशियन की तीनों श्रेणियों के लिए पुरस्कार में केवल योग्यता प्रमाणपत्र और एक स्मृति चिह्न शामिल है। उन्होंने बताया कि ये पुरस्कार राष्ट्रीय दुग्ध दिवस 26 नवंबर के अवसर पर प्रदान किए जाएंगे।