फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Charkhi Dadri News ›   Applause for Dadri in Chandigarh on improving sex ratio

लिंगानुपात में सुधार पर चंडीगढ़ में बजी दादरी के लिए तालियां

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 09 Mar 2022 11:59 PM IST
विज्ञापन
Applause for Dadri in Chandigarh on improving sex ratio
चंडीगढ़ में महिला दिवस पर नगराधीश व सीडीपीओ को सम्मानित करतीं मंत्री कमलेश ढांडा। - फोटो : CharkhiDadri
चरखी दादरी। दादरी जिला ने बेटियों को सम्मान देते हुए लिंग अनुपात में सुधार करते हुए प्रदेश में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। महिला एवं बाल विकास मंत्री कमलेश ढांडा ने नगराधीश नरेंद्र कुमार व कार्यक्रम अधिकारी गीता सहारण को चंडीगढ़ में पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया।
विज्ञापन

वर्ष 2020-21 के दौरान दादरी जिला में एक हजार लड़कों के अनुपात में 878 लड़कियां थीं। वर्ष 2021-22 में जिला ने इस स्थिति में सुधार करते हुए बेटियों का आंकड़ा 919 तक पहुंचा दिया। महिला दिवस के दिन जिला को इस उपलब्धि के लिए कैबिनेट मंत्री कमलेश ढांडा ने पुरस्कार प्रदान कर बेटी बचाओ अभियान में सहयोग देने के लिए जिला की महिलाओं की प्रशंसा की है। कमलेश ढांडा ने कहा कि उनको उम्मीद है कि दादरी बेटी को मान देने में अगली बार पहले नंबर पर आएगा। इस बार पहला पुरस्कार रोहतक, दूसरा दादरी व तीसरा पुरस्कार जींद को दिया गया है।
विज्ञापन

उपायुक्त प्रदीप गोदारा ने भी इस उपलब्धि के लिए जिलावासियों खासतौर से महिलाओं, सभी आशा वर्कर, आंगनबाड़ी वर्कर, एएनएम और स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास, शिक्षा, पुलिस आदि विभागों के अधिकारियों की तारीफ की है। उन्होंने कहा कि लिंगानुपात में सुधार के लिए भविष्य में और भी अधिक प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि बेटियों व महिलाओं को हम अपने घर से सम्मान देना शुरू करें। घर में इस बात पर नजर रखी जाए कि कहीं लड़कों को तो लड़कियों से अधिक महत्व नहीं दिया जा रहा है। महिलाओं के साथ पूरे आदर के साथ व्यवहार किया जाए। इससे समाज में धीरे-धीरे परिवर्तन आना शुरू हो जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

संयुक्त प्रयास से मिली सफलता: सीएमओ
सीएमओ डा. सुदर्शन पंवार ने बताया कि फिलहाल दादरी जिला में लिंगानुपात 934 आंका गया है। उन्होंने बताया कि लिंगानुपात मेें सुधार के लिए स्वास्थ्य विभाग की आशा वर्कर और एएनएम ने गर्भवती महिलाओं पर भ्रूण के लिंग की जांच ना करवाने व गर्भपात नहीं होने देने के लिए निरंतर प्रेरित किया है। महिला बाल विकास विभाग की कार्यक्रम अधिकारी गीता सहारण ने कहा कि आंगनबाड़ी वर्करों ने गर्भवती महिलाओं को पोषाहार व उनकी सेहत की देखरेख की। महिलाओं की बेटियों के प्रति सोच बदलने में भी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने सक्रिय भूमिका अदा की है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed