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Charkhi Dadri News: पशुचिकित्सक तैनात न होने से पशुपालकों में बना रोष
Fri, 24 May 2024 10:18 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Fri, 24 May 2024 10:18 PM IST
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गांव कांहड़ा स्थित पशु अस्पताल भवन।
बाढड़ा। गांव कांहड़ा स्थित पशु अस्पताल में चिकित्सक तैनात न होने से पशुपालकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसे लेकर ग्रामीण कई बार विभाग व प्रशासन के अधिकारियों को अवगत करवा चुके हैं।
ग्रामीण रामनिवास,संदीप, धर्मेंद्र, रघुवीर सिंह, जगत सिंह, रिंकू, सोनू, वेदप्रकाश, शिव कुमार, महेंद्र, जयवीर आदि ने बताया कि 2003 में गांव में पशु अस्पताल का निर्माण हुआ था। आज तब चिकित्सक की तैनाती नहीं हो सकी है। ग्रामीण कई बार विभाग व प्रशासन को अवगत करवा चुके हैंं। पशुपालकों का कहना है कि गांव दगड़ौली में चिकित्सक का पद है। अब तो वहां भी पिछले काफी समय से चिकित्सक का पद खाली है।
पशुपालकों का कहना हैं कि पशु बीमार होने पर प्राइवेट चिकित्सक से इलाज करवाना पड़ता है जिससे पशुपालकों को अधिक आर्थिक नुकसान होता है। उन्होंने सरकार व प्रशासन से पशु चिकित्सक की नियुक्ति करने की मांग की है।
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ग्रामीणों का कहना हैं कि गांव में पशु अस्पताल का निर्माण किए हुए करीब 20 वर्ष हो गए हैं। पशु चिकित्सक का पद सृजित नहीं किया गया है। अब तो रख-रखाव के अभाव में अस्पताल का भवन भी कंडम हो रहा है। ग्रामीणों में प्रशासन व विभाग के प्रति रोष बना हुआ है।
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ग्रामीण रामनिवास,संदीप, धर्मेंद्र, रघुवीर सिंह, जगत सिंह, रिंकू, सोनू, वेदप्रकाश, शिव कुमार, महेंद्र, जयवीर आदि ने बताया कि 2003 में गांव में पशु अस्पताल का निर्माण हुआ था। आज तब चिकित्सक की तैनाती नहीं हो सकी है। ग्रामीण कई बार विभाग व प्रशासन को अवगत करवा चुके हैंं। पशुपालकों का कहना है कि गांव दगड़ौली में चिकित्सक का पद है। अब तो वहां भी पिछले काफी समय से चिकित्सक का पद खाली है।
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पशुपालकों का कहना हैं कि पशु बीमार होने पर प्राइवेट चिकित्सक से इलाज करवाना पड़ता है जिससे पशुपालकों को अधिक आर्थिक नुकसान होता है। उन्होंने सरकार व प्रशासन से पशु चिकित्सक की नियुक्ति करने की मांग की है।
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ग्रामीणों का कहना हैं कि गांव में पशु अस्पताल का निर्माण किए हुए करीब 20 वर्ष हो गए हैं। पशु चिकित्सक का पद सृजित नहीं किया गया है। अब तो रख-रखाव के अभाव में अस्पताल का भवन भी कंडम हो रहा है। ग्रामीणों में प्रशासन व विभाग के प्रति रोष बना हुआ है।