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साइबर अपराधों से बचाव के लिए जागरूक होना जरूरी : डीएसपी रमेश
Wed, 31 Dec 2025 02:25 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Wed, 31 Dec 2025 02:25 AM IST
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चरखीदादरी में पुलिस की पाठशाला में बोलते डीएसपी रमेश कुमार।
झोझू कलां। दादरी जिले के गांव झोझू खुर्द स्थित एमडी कॉन्वेंट स्कूल में मंगलवार को अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से जिला पुलिस प्रशासन के सहयोग से पुलिस की पाठशाला आयोजित की गई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि रहे डीएसपी रमेश कुमार ने ग्रामीणों को साइबर अपराधों से बचाव के लिए जागरूकता को जरूरी बताया।
कार्यक्रम में पहुंचे डीएसपी रमेश कुमार समेत कई पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों और अन्य ग्रामीणों को साइबर अपराध, महिलाओं के विरुद्ध होने वाले अपराधों और इनसे बचाव के बारे में जागरूक किया। यातायात नियमों के पालन की भी अपील की।
दादरी साइबर क्राइम पुलिस थाने से सब इंस्पेक्टर अंकित कुमार ने विद्यार्थियों को जागरूक करते हुए कहा कि बच्चों को मोबाइल फोन का अधिक उपयोग नहीं करना चाहिए। उन्होंने सोशल मीडिया का प्रयोग करते समय सावधान रहने पर बल दिया।
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महिला थाना प्रभारी सोनिया ने छात्राओं से किसी भी प्रकार की प्रताड़ना को सहन न करने और गलत व्यवहार करने वालों का खुलकर विरोध करने का आह्वान किया। यातायात थाना पुलिस से एएसआई नागेश कुमार ने विद्यार्थियों से हमेशा यातायात नियमों की पालना करने और दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करने की अपील की।
दादरी सदर पुलिस थाना प्रभारी सतबीर सिंह ने कहा कि अधिकतर महिलाएं संकोच करते हुए अपराधों पर मौन धारण कर लेती हैं, जिससे अपराधी के हौसले बुलंद हो जाते हैं। जो काफी घातक हो सकते हैं।
महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होने के साथ अपनी आवाज को बुलंद करना चाहिए। आयोजन को सफल बनाने में आरटीए यातायात निरीक्षक सत्यव्रत सिंह, प्राचार्या सुमन धनखड़, सुनीता कुमारी, निकिता कुमारी, जागृति कुमारी आदि का विशेष सहयोग रहा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता स्कूल निदेशक मोनिका सांगवान ने की। अध्यापिका विनीता ने मंच संचालन किया। कार्यक्रम में ट्रैफिक रूल्स एवं रोड सेफ्टी फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. प्रवीन गर्ग समेत करीब 150 विद्यार्थियों के अलावा अभिभावक, गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
बॉक्स :
सवाल-जवाब के माध्यम से किया मार्गदर्शन
कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों से साइबर अपराध, यातायात सुरक्षा, आपात स्थिति में प्रतिक्रिया से संबंधित प्रश्न पूछे और जवाब देकर मार्गदर्शन किया। इस दौरान पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों से साइबर अपराध के बारे में पूछा। जिस पर विद्यार्थियों ने बताया कि मोबाइल, इंटरनेट आदि के माध्यम से होने वाले अपराध साइबर अपराध की श्रेणी में आते हैं। इस दौरान प्रश्नोत्तरी के माध्यम से विद्यार्थियों को चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098, साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930, आपात स्थिति के लिए डायल 112 आदि के बारे में जागरूक किया।
=इनसेट में छह कोट=
यातायात नियमों के पालन से ही हादसों से बचा जा सकता है। कभी भी शराब पीकर या नशे की अवस्था में वाहन न चलाएं। सड़कों पर दिए संकेतकों का पालन करें। नेशनल हाईवे हो या क्षेत्रीय सड़कें, निर्धारित से तेज गति से वाहन न चलाएं। कोहरे के दौरान जहां तक संभव हो, यात्रा करने से बचें। - डॉ. प्रवीन गर्ग, प्रदेश अध्यक्ष, ट्रैफिक रूल्स एवं रोड सेफ्टी फेडरेशन।
कानून में बच्चों के लिए अलग से अधिकार दिए गए हैं। बच्चों की सुरक्षा के लिए पॉक्सो एक्ट का प्रावधान किया गया है। पॉक्सो से संबंधित मामलों में जल्दी सुनवाई होती है और इसमें आरोपी के खिलाफ कड़ी सजा का प्रावधान है। - पीएसआई सोनिया, प्रभारी, महिला थाना।
साइबर ठग स्वयं को बैंक अधिकारी, जेल अधिकारी, पुलिस अधिकारी बता आपसे निजी जानकारी लेकर ठगी कर सकते हैं। कई बार फोन को हैक कर ठगी की जाती है। ऐसे में केवल जागरूकता के माध्यम से ही साइबर ठगी से बचा जा सकता है। - एसआई अंकित कुमार, साइबर अपराध थाना।
धुंध के मौसम में दृश्यता कम होने से सड़क हादसों की आशंका रहती है। हादसों से बचने के लिए वाहन चालकों समेत पैदल राहगीरों को भी यातायात नियमों का पालन करना चाहिए है। दोपहिया वाहन चालक हमेशा हेलमेट और कार चालक सीट बेल्ट का प्रयोग अवश्य करें। नियमों की अनदेखी ही हादसों का कारण बनती है। - नागेश कुमार, एएसआई, यातायात पुलिस थाना।
मौजूदा समय में बच्चों के साथ यौन उत्पीड़न की घटनाएं चिंताजनक हैं। बच्चों को चाहिए कि वे उनके साथ होने वाली प्रत्येक गतिविधि की जानकारी परिजनों या अध्यापक को जरूर बताएं, अन्यथा छोटी-छोटी घटनाएं बड़े अपराध का रूप ले सकती हैं। बच्चों को बैड टच व गुड टच की जानकारी होना जरूरी है। - एसआई सतबीर सिंह, प्रभारी, सदर पुलिस थाना।
सेवा, सुरक्षा, सहयोग के नारे के साथ पुलिस हर पल नागरिकों की सहायता और सुरक्षा के लिए तत्पर है। आपराधिक घटनाओं को रोकने के लिए सभी का जागरूक होना जरूरी है। सड़क हादसों में कमी के लिए जरूरी है कि सभी लोग यातायात नियमों का पालन पूर्ण रूप से करें। किसी भी आपात स्थिति में डायल 112 पर कॉल कर त्वरित मदद प्राप्त की जा सकती है। - रमेश कुमार, डीएसपी, चरखी दादरी।
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कार्यक्रम में पहुंचे डीएसपी रमेश कुमार समेत कई पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों और अन्य ग्रामीणों को साइबर अपराध, महिलाओं के विरुद्ध होने वाले अपराधों और इनसे बचाव के बारे में जागरूक किया। यातायात नियमों के पालन की भी अपील की।
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दादरी साइबर क्राइम पुलिस थाने से सब इंस्पेक्टर अंकित कुमार ने विद्यार्थियों को जागरूक करते हुए कहा कि बच्चों को मोबाइल फोन का अधिक उपयोग नहीं करना चाहिए। उन्होंने सोशल मीडिया का प्रयोग करते समय सावधान रहने पर बल दिया।
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महिला थाना प्रभारी सोनिया ने छात्राओं से किसी भी प्रकार की प्रताड़ना को सहन न करने और गलत व्यवहार करने वालों का खुलकर विरोध करने का आह्वान किया। यातायात थाना पुलिस से एएसआई नागेश कुमार ने विद्यार्थियों से हमेशा यातायात नियमों की पालना करने और दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करने की अपील की।
दादरी सदर पुलिस थाना प्रभारी सतबीर सिंह ने कहा कि अधिकतर महिलाएं संकोच करते हुए अपराधों पर मौन धारण कर लेती हैं, जिससे अपराधी के हौसले बुलंद हो जाते हैं। जो काफी घातक हो सकते हैं।
महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होने के साथ अपनी आवाज को बुलंद करना चाहिए। आयोजन को सफल बनाने में आरटीए यातायात निरीक्षक सत्यव्रत सिंह, प्राचार्या सुमन धनखड़, सुनीता कुमारी, निकिता कुमारी, जागृति कुमारी आदि का विशेष सहयोग रहा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता स्कूल निदेशक मोनिका सांगवान ने की। अध्यापिका विनीता ने मंच संचालन किया। कार्यक्रम में ट्रैफिक रूल्स एवं रोड सेफ्टी फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. प्रवीन गर्ग समेत करीब 150 विद्यार्थियों के अलावा अभिभावक, गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
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सवाल-जवाब के माध्यम से किया मार्गदर्शन
कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों से साइबर अपराध, यातायात सुरक्षा, आपात स्थिति में प्रतिक्रिया से संबंधित प्रश्न पूछे और जवाब देकर मार्गदर्शन किया। इस दौरान पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों से साइबर अपराध के बारे में पूछा। जिस पर विद्यार्थियों ने बताया कि मोबाइल, इंटरनेट आदि के माध्यम से होने वाले अपराध साइबर अपराध की श्रेणी में आते हैं। इस दौरान प्रश्नोत्तरी के माध्यम से विद्यार्थियों को चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098, साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930, आपात स्थिति के लिए डायल 112 आदि के बारे में जागरूक किया।
=इनसेट में छह कोट=
यातायात नियमों के पालन से ही हादसों से बचा जा सकता है। कभी भी शराब पीकर या नशे की अवस्था में वाहन न चलाएं। सड़कों पर दिए संकेतकों का पालन करें। नेशनल हाईवे हो या क्षेत्रीय सड़कें, निर्धारित से तेज गति से वाहन न चलाएं। कोहरे के दौरान जहां तक संभव हो, यात्रा करने से बचें। - डॉ. प्रवीन गर्ग, प्रदेश अध्यक्ष, ट्रैफिक रूल्स एवं रोड सेफ्टी फेडरेशन।
कानून में बच्चों के लिए अलग से अधिकार दिए गए हैं। बच्चों की सुरक्षा के लिए पॉक्सो एक्ट का प्रावधान किया गया है। पॉक्सो से संबंधित मामलों में जल्दी सुनवाई होती है और इसमें आरोपी के खिलाफ कड़ी सजा का प्रावधान है। - पीएसआई सोनिया, प्रभारी, महिला थाना।
साइबर ठग स्वयं को बैंक अधिकारी, जेल अधिकारी, पुलिस अधिकारी बता आपसे निजी जानकारी लेकर ठगी कर सकते हैं। कई बार फोन को हैक कर ठगी की जाती है। ऐसे में केवल जागरूकता के माध्यम से ही साइबर ठगी से बचा जा सकता है। - एसआई अंकित कुमार, साइबर अपराध थाना।
धुंध के मौसम में दृश्यता कम होने से सड़क हादसों की आशंका रहती है। हादसों से बचने के लिए वाहन चालकों समेत पैदल राहगीरों को भी यातायात नियमों का पालन करना चाहिए है। दोपहिया वाहन चालक हमेशा हेलमेट और कार चालक सीट बेल्ट का प्रयोग अवश्य करें। नियमों की अनदेखी ही हादसों का कारण बनती है। - नागेश कुमार, एएसआई, यातायात पुलिस थाना।
मौजूदा समय में बच्चों के साथ यौन उत्पीड़न की घटनाएं चिंताजनक हैं। बच्चों को चाहिए कि वे उनके साथ होने वाली प्रत्येक गतिविधि की जानकारी परिजनों या अध्यापक को जरूर बताएं, अन्यथा छोटी-छोटी घटनाएं बड़े अपराध का रूप ले सकती हैं। बच्चों को बैड टच व गुड टच की जानकारी होना जरूरी है। - एसआई सतबीर सिंह, प्रभारी, सदर पुलिस थाना।
सेवा, सुरक्षा, सहयोग के नारे के साथ पुलिस हर पल नागरिकों की सहायता और सुरक्षा के लिए तत्पर है। आपराधिक घटनाओं को रोकने के लिए सभी का जागरूक होना जरूरी है। सड़क हादसों में कमी के लिए जरूरी है कि सभी लोग यातायात नियमों का पालन पूर्ण रूप से करें। किसी भी आपात स्थिति में डायल 112 पर कॉल कर त्वरित मदद प्राप्त की जा सकती है। - रमेश कुमार, डीएसपी, चरखी दादरी।