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सभी बोरवेल की हो मरम्मत, बधवाना नहर में सात दिन के अंतराल पर छोड़ा जाए पानी
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विधानसभा सदन में पेयजल संकट का मुद्दा उठातीं विधायक नैना चौटाला।
- फोटो : CharkhiDadri
चरखी दादरी। बाढड़ा हलके से जजपा विधायक नैना सिंह चौटाला ने विधानसभा के बजट सत्र में हलके के गांवों में गहराए पेयजल संकट का मुद्दा उठाया। उन्होंने गर्मी से पहले क्षेत्र में पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि पानी की भारी किल्लत होने के बावजूद हलके में जलापूर्ति करने वाली महत्वपूर्ण नहर बधवाना डिस्ट्रीब्यूटरी में पानी आने का अंतराल सात दिन के बजाय 15 दिन कर दिया गया है। विभाग के इस फैसले पर कड़ा विरोध जताते हुए नैना चौटाला ने दोबारा सात दिन के अंतराल पर पानी छोड़ने की मांग रखी। वहीं, सभी बोरवेल की मरम्मत कराई जाए।
सदन में जजपा विधायक ने कहा कि बाढड़ा विधानसभा क्षेत्र पूर्ण रेतीला है और यहां भूमिगत जल स्तर बहुत नीचे है। यह पानी सेहत के भी लिए बहुत खतरनाक है, क्योंकि इसके सेवन से शरीर में कई बीमारियां पैदा होती हैं। नैना चौटाला ने कहा कि क्षेत्र के गांव झोझूकलां, कलाली, बलाली, जावा, बधवाना, चिडिया, मकड़ानी, मकड़ाना, छिल्लर, बलकरा, कलियाणा, मंदौला, मंदौली, घसौला, ढाणी फौगाट, टिकाण, पातुवास, महराणा गांव के लोग पेयजल किल्लत की समस्या से जूझ रहे हैं, इसलिए हलके प्रत्येक गांव के लिए नहर आधारित पेयजल स्कीम बनाई जाए। नैना चौटाला ने कहा कि गांव में पेयजल आपूर्ति के लिए बोरवेल लगाए गए हैं लेकिन वर्तमान में ये बोरवेल व्यवस्था बिगड़ी हुई है। कहीं गांवों में तो बोरवेल की मोटरें लंबे समय से खराब पड़ी हैं। ऐसे में समस्या का जल्द समाधान कराया जाए।
5.56 करोड़ से खत्म होगी झोझू कलां में पेयजल किल्लत
विधानसभा सत्र में विधायक नैना चौटाला ने गांव झोझू कलां की पेयजल किल्लत की समस्या को भी उठाया। नैना चौटाला ने कहा कि झोझू कलां क्षेत्र का ऐतिहासिक गांव है लेकिन बड़ा दुख का विषय है कि आज झोझूकलां में पेयजल सप्लाई की कोई व्यवस्था नहीं है। उन्होंने सरकार से यहां पेयजल समस्या के स्थायी समाधान की मांग की। नैना चौटाला की इस मांग पर संबंधित मंत्री ने बताया कि झोझूकलां की पेयजल किल्लत दूर करने के लिए 5 करोड़ 56 लाख रुपये का एस्टिमेट तैयार करवा दिया गया है। इसके अलावा गांव बधवाना व जावा की पेयजल व्यवस्था भी सुनिश्चित करने के लिए एस्टिमेट तैयार करवा दिया गया है। जल्द ही आवश्यक बजट भी स्वीकृत कर दिया जाएगा।
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सदन में जजपा विधायक ने कहा कि बाढड़ा विधानसभा क्षेत्र पूर्ण रेतीला है और यहां भूमिगत जल स्तर बहुत नीचे है। यह पानी सेहत के भी लिए बहुत खतरनाक है, क्योंकि इसके सेवन से शरीर में कई बीमारियां पैदा होती हैं। नैना चौटाला ने कहा कि क्षेत्र के गांव झोझूकलां, कलाली, बलाली, जावा, बधवाना, चिडिया, मकड़ानी, मकड़ाना, छिल्लर, बलकरा, कलियाणा, मंदौला, मंदौली, घसौला, ढाणी फौगाट, टिकाण, पातुवास, महराणा गांव के लोग पेयजल किल्लत की समस्या से जूझ रहे हैं, इसलिए हलके प्रत्येक गांव के लिए नहर आधारित पेयजल स्कीम बनाई जाए। नैना चौटाला ने कहा कि गांव में पेयजल आपूर्ति के लिए बोरवेल लगाए गए हैं लेकिन वर्तमान में ये बोरवेल व्यवस्था बिगड़ी हुई है। कहीं गांवों में तो बोरवेल की मोटरें लंबे समय से खराब पड़ी हैं। ऐसे में समस्या का जल्द समाधान कराया जाए।
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5.56 करोड़ से खत्म होगी झोझू कलां में पेयजल किल्लत
विधानसभा सत्र में विधायक नैना चौटाला ने गांव झोझू कलां की पेयजल किल्लत की समस्या को भी उठाया। नैना चौटाला ने कहा कि झोझू कलां क्षेत्र का ऐतिहासिक गांव है लेकिन बड़ा दुख का विषय है कि आज झोझूकलां में पेयजल सप्लाई की कोई व्यवस्था नहीं है। उन्होंने सरकार से यहां पेयजल समस्या के स्थायी समाधान की मांग की। नैना चौटाला की इस मांग पर संबंधित मंत्री ने बताया कि झोझूकलां की पेयजल किल्लत दूर करने के लिए 5 करोड़ 56 लाख रुपये का एस्टिमेट तैयार करवा दिया गया है। इसके अलावा गांव बधवाना व जावा की पेयजल व्यवस्था भी सुनिश्चित करने के लिए एस्टिमेट तैयार करवा दिया गया है। जल्द ही आवश्यक बजट भी स्वीकृत कर दिया जाएगा।
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