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ड्रेन नंबर 8 तक 31.74 करोड़ से डलेगी पाइप लाइन, जनस्वास्थ्य विभाग आज लगाएगा टेंडर
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खेतों में पहुंचा एसटीपी का दूषित पानी।
- फोटो : CharkhiDadri
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शहर को जलभराव और सीवर समस्या से निजात दिलाने के प्रोजेक्ट पर काम शुरू करने की कवायद जन स्वास्थ्य विभाग ने शुरू कर दी है। इसके तहत मंगलवार को 31 करोड़ 74 लाख रुपये का टेंडर लगाया जाएगा। इसके जरिये एसटीपी पर साफ किया पानी छुछकवास ड्रेन में डाला जाएगा। यह प्रोजेक्ट करीब नौ माह में पूरा होगा। ऐसे में मानसून सीजन में शहरवासियों को वैकल्पिक व्यवस्थाओं के सहारे रहना पड़ेगा।
शहर में दूषित पानी के प्रबंधन के लिए जन स्वास्थ्य विभाग ने दो एसटीपी (सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट) बना रखे हैं। समसपुर एसटीपी से 70 फीसदी जबकि रामनगर एसटीपी से 30 फीसदी शहर जुड़ा है। दोनों की स्टोरेज क्षमता पांच-पांच एमएलडी है। जन स्वास्थ्य विभाग के पास दोनों एसटीपी से आगे पानी पहुंचाने की व्यवस्था नहीं है। विधायक सोमबीर सांगवान ने सीवर का मुद्दा मुख्यमंत्री के समक्ष उठाया तो सरकार की तरफ से ड्रेन नंबर आठ प्रोजेक्ट की योजना तैयार करने के निर्देश दिए गए।
जन स्वास्थ्य विभाग ने इसका प्रपोजल तैयार कर लिया है। इस प्रोजेक्ट पर 31 करोड़ 74 लाख रुपये खर्च आएगा। जन स्वास्थ्य विभाग के एक्सईएन शशिकांत ने बताया कि मंगलवार को टेंडर लगा दिया जाएगा। जल्द इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू कराने का हमारा प्रयास है। प्रोजेक्ट पूरा होने में नौ माह का समय लग जाएगा।
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क्या है ड्रेन प्रोजेक्ट
जन स्वास्थ्य विभाग ने एसटीपी से आगे ट्रीटेड पानी के लिए ड्रेन प्रोजेक्ट तैयार किया हे। इसी के तहत समसपुर एसटीपी से लेकर छुछकवास ड्रेन तक नं. 35 किलोमीटर लंबी लोहे की पाइप लाइन डाली जाएगी। करीब चार साल पहले सरकार ने यह प्रोजेक्ट रद्द करवा दिया था जबकि सीवर व्यवस्था में सुधार का यही एकमात्र विकल्प फिलहाल विभाग के पास है।
पार्षद बोले: वार्डों में ठप सीवर व्यवस्था, लोग परेशान
- वार्डों में सीवर व्यवस्था ठप है जिसके चलते लोग परेशान है। जन स्वास्थ्य विभाग में शिकायतों की सुनवाई नहीं हो रही। जल्द से जल्द सीवर समस्या का विभाग को स्थायी समाधान करना चाहिए।
-महेश गुप्ता, पार्षद, वार्ड-दो।
- जन स्वास्थ्य विभाग को सीवर व्यवस्था में जल्द से जल्द सुधार करना चाहिए वरना मानसून सीजन में जलभराव की स्थिति के चलते पूरे शहर को परेशानियां झेलनी पड़ेगीं। ड्रेन प्रोजेक्ट पर जल्द काम शुरू कराना चाहिए।
-कुलदीप गांधी, पार्षद, वार्ड-18
- मेरे वार्ड की कई गलियों में सीवर सिस्टम ठप है और लोग परेशान हैं। सीवर मैनहॉल ओवरफ्लो होने से पानी गलियों में भरा हुआ है। जनस्वास्थ्य विभाग से शिकायतें करने के बाद भी हालात जस के तस है।
-बक्शी सैैनी, पार्षद, वार्ड-आठ
- लोग सीवर समस्याओं से त्रस्त हैं। वार्ड की सीवर लाइनों के पानी की आगे निकासी नहीं हो पा रही और मैनहॉल बैक मार रहे हैं। सीवर समस्या कई सालों से शहर में बनी हुई है और लोग परेशान हैं।
-वीरेंद्र पप्पू, पार्षद, वार्ड-19
रामनगर एसटीपी की 36 इंची लाइन बदलने की जरूरत
ड्रेन प्रोजेक्ट के साथ जन स्वास्थ्य विभाग को रामनगर एसटीपी पर भी ध्यान देने की जरूरत है। पिछले करीब दो सालों से एसटीपी ठप है। इसकी 36 इंची लाइन आठ जगह से डैमेज है और इसके चलते चार वार्डों के पार्षद दूषित पानी की निकासी अपने स्तर पर वैकल्पिक व्यवस्था के सहारे करवा रहे हैं। एसटीपी की क्षतिग्रस्त लाइन बदलकर इसे शुरू करने की सख्त जरूरत है।
21 वार्डों में 100 से अधिक जगह सीवर ब्लॉकेज
पार्षदों ने बताया कि इस समय एक वार्ड में चार से पांच जगह सीवर लाइन ब्लॉक हैं। शहर में 21 वार्ड हैं और इस लिहाज से 100 से अधिक जगहों पर सीवर लाइनें ब्लॉक हैं। हालांकि विभाग इन ब्लॉकेज को खुलवा भी रहा है लेकिन दोबारा से वो ही स्थिति बन जाती है।
वर्जन::
ड्रेन नंबर आठ तक लोहे की पाइप लाइन डालने के प्रोजेक्ट का टेंडर मंगलवार को लगाया जाएगा। इस पर करोड़ 31 करोड़ 74 लाख रुपये खर्चा आएगा। एजेंसी को नौ माह के अंदर यह प्रोजेक्ट पूरा करना होगा।
शशिकांत, एक्सईएन, जन स्वास्थ्य विभाग।
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शहर में दूषित पानी के प्रबंधन के लिए जन स्वास्थ्य विभाग ने दो एसटीपी (सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट) बना रखे हैं। समसपुर एसटीपी से 70 फीसदी जबकि रामनगर एसटीपी से 30 फीसदी शहर जुड़ा है। दोनों की स्टोरेज क्षमता पांच-पांच एमएलडी है। जन स्वास्थ्य विभाग के पास दोनों एसटीपी से आगे पानी पहुंचाने की व्यवस्था नहीं है। विधायक सोमबीर सांगवान ने सीवर का मुद्दा मुख्यमंत्री के समक्ष उठाया तो सरकार की तरफ से ड्रेन नंबर आठ प्रोजेक्ट की योजना तैयार करने के निर्देश दिए गए।
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जन स्वास्थ्य विभाग ने इसका प्रपोजल तैयार कर लिया है। इस प्रोजेक्ट पर 31 करोड़ 74 लाख रुपये खर्च आएगा। जन स्वास्थ्य विभाग के एक्सईएन शशिकांत ने बताया कि मंगलवार को टेंडर लगा दिया जाएगा। जल्द इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू कराने का हमारा प्रयास है। प्रोजेक्ट पूरा होने में नौ माह का समय लग जाएगा।
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क्या है ड्रेन प्रोजेक्ट
जन स्वास्थ्य विभाग ने एसटीपी से आगे ट्रीटेड पानी के लिए ड्रेन प्रोजेक्ट तैयार किया हे। इसी के तहत समसपुर एसटीपी से लेकर छुछकवास ड्रेन तक नं. 35 किलोमीटर लंबी लोहे की पाइप लाइन डाली जाएगी। करीब चार साल पहले सरकार ने यह प्रोजेक्ट रद्द करवा दिया था जबकि सीवर व्यवस्था में सुधार का यही एकमात्र विकल्प फिलहाल विभाग के पास है।
पार्षद बोले: वार्डों में ठप सीवर व्यवस्था, लोग परेशान
- वार्डों में सीवर व्यवस्था ठप है जिसके चलते लोग परेशान है। जन स्वास्थ्य विभाग में शिकायतों की सुनवाई नहीं हो रही। जल्द से जल्द सीवर समस्या का विभाग को स्थायी समाधान करना चाहिए।
-महेश गुप्ता, पार्षद, वार्ड-दो।
- जन स्वास्थ्य विभाग को सीवर व्यवस्था में जल्द से जल्द सुधार करना चाहिए वरना मानसून सीजन में जलभराव की स्थिति के चलते पूरे शहर को परेशानियां झेलनी पड़ेगीं। ड्रेन प्रोजेक्ट पर जल्द काम शुरू कराना चाहिए।
-कुलदीप गांधी, पार्षद, वार्ड-18
- मेरे वार्ड की कई गलियों में सीवर सिस्टम ठप है और लोग परेशान हैं। सीवर मैनहॉल ओवरफ्लो होने से पानी गलियों में भरा हुआ है। जनस्वास्थ्य विभाग से शिकायतें करने के बाद भी हालात जस के तस है।
-बक्शी सैैनी, पार्षद, वार्ड-आठ
- लोग सीवर समस्याओं से त्रस्त हैं। वार्ड की सीवर लाइनों के पानी की आगे निकासी नहीं हो पा रही और मैनहॉल बैक मार रहे हैं। सीवर समस्या कई सालों से शहर में बनी हुई है और लोग परेशान हैं।
-वीरेंद्र पप्पू, पार्षद, वार्ड-19
रामनगर एसटीपी की 36 इंची लाइन बदलने की जरूरत
ड्रेन प्रोजेक्ट के साथ जन स्वास्थ्य विभाग को रामनगर एसटीपी पर भी ध्यान देने की जरूरत है। पिछले करीब दो सालों से एसटीपी ठप है। इसकी 36 इंची लाइन आठ जगह से डैमेज है और इसके चलते चार वार्डों के पार्षद दूषित पानी की निकासी अपने स्तर पर वैकल्पिक व्यवस्था के सहारे करवा रहे हैं। एसटीपी की क्षतिग्रस्त लाइन बदलकर इसे शुरू करने की सख्त जरूरत है।
21 वार्डों में 100 से अधिक जगह सीवर ब्लॉकेज
पार्षदों ने बताया कि इस समय एक वार्ड में चार से पांच जगह सीवर लाइन ब्लॉक हैं। शहर में 21 वार्ड हैं और इस लिहाज से 100 से अधिक जगहों पर सीवर लाइनें ब्लॉक हैं। हालांकि विभाग इन ब्लॉकेज को खुलवा भी रहा है लेकिन दोबारा से वो ही स्थिति बन जाती है।
वर्जन::
ड्रेन नंबर आठ तक लोहे की पाइप लाइन डालने के प्रोजेक्ट का टेंडर मंगलवार को लगाया जाएगा। इस पर करोड़ 31 करोड़ 74 लाख रुपये खर्चा आएगा। एजेंसी को नौ माह के अंदर यह प्रोजेक्ट पूरा करना होगा।
शशिकांत, एक्सईएन, जन स्वास्थ्य विभाग।