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बिंदर को गोली लगने के बाद झाड़ियों में छिपे कर दिनेश और ध्यान सिंह ने बचाई थी जान, फिर भागे अलग-अलग
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सीआईए परिसर में खड़ी एसटीएफ की ब्रेजा।
- फोटो : CharkhiDadri
गफलत में रोहतक एसटीएफ की गोली से मरने वाले अल्टो सवार बिंदर के दो अन्य साथियों दिनेश व ध्यान सिंह ने फायरिंग के दौरान झाड़ियों में छिपकर अपनी जान बचाई थी। हालांकि अचानक हुए हमले से दोनों इतनी दहशत में आए गए कि वह घर न जाकर अलग-अलग जगह छिपे गए थे। दिनेश तो घटना के दूसरे दिन अस्पताल में भर्ती हो गया था लेकिन ध्यान सिंह दो दिन बाद घर लौटा।
बुधवार को ध्यान सिंह के पिता रमेश ने अमर उजाला को ये जानकारी दी। ध्यान ने पिता को बताया कि एकाएक हुई घटना में उन्हें कुछ समझ नहीं आया। हथियारबंद लोगों को अपनी तरफ बढ़ता देख तीनों दोस्तों ने अल्टो भगाई थी। इसी दौरान पीछे से गोली चलने की आवाज सुनाई दी। गली में अल्टो रोककर वे करीब 15 मिनट तक झाड़ियों में छिपे रहे। उन पर फायरिंग करने वाले (रोहतक एसटीएफ) भी पीछा करते हुए वहां पहुंच गए, लेकिन उनकी नजर झाड़ियों में छिपे दिनेश और ध्यान सिंह पर नहीं पड़ी। एसटीएफ के जाने के बाद दिनेश ने मकड़ानी और ध्यान सिंह ने रोहतक के कलावड़ में बुआ के पास शरण ली। ध्यान सिंह अभी भी इतना डरा हुआ है कि मंगलवार को घर आने के बाद बुधवार सुबह फिर वहीं चला गया। परिजनों को डर है कि कहीं पुलिस ध्यान सिंह को गिरफ्तार न कर लें।
बेरी से बरामद काली अल्टो अचीना से मुड़ गई थी वापस
मामले की जांच कर रहे सीआईए प्रभारी हितेंद्र दांगी ने बताया कि बलियाणा मर्डर में प्रयुक्त जिस काले रंग की अल्टो कार का एसटीएफ को इनपुट मिला था। वह दादरी के अचीना गांव तक आई भी थी। उन्होंने बताया कि अल्टो के साथ एक बाइक पर भी बदमाश सवार थे। एसटीएफ टीम इनपुट के मुताबिक काले रंग की अल्टो को फॉलो करते हुए झज्जर से दादरी पहुंची थी। सीआईए की जांच में सामने आया कि एसटीएफ जिस लाल ब्रेजा में सवार होकर दादरी पहुंची थी वह एएसआई हितेंद्र कादयान की थी।
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एनकाउंटर पर मिला था प्रमोशन, चूक पर हुए निलंबित
बिंदर हत्याकांड के आरोपी एसटीएफ के एएसआई हितेंद्र की टीम को वर्ष 2012 में रोहतक के बोहर में बदमाशों को मुठभेड़ में ढेर करने पर वन रैंक प्रमोशन मिला था। यहीं नहीं वर्ष 2018 में उनकी टीम ने 4.5 लाख के इनामी बदमाश बलराज भाटी को भी गिरफ्तार किया था। इसके अलावा एएसआई हितेंद्र ढाई लाख के इनामी बदमाश सचिन भांजा और 25-25 हजार के इनामी बदमाश कृष्ण फोरड और रोहित कलियाणा को गिरफ्तार करने वाली टीम में शामिल था। बिंदर हत्याकांड में उन्हें भी तीन अन्य कर्मचारियों के साथ निलंबित किया गया है।
आरोपी हरेंद्र की अभी नहीं आई कोरोना जांच रिपोर्ट
पलिस ने आरोपी हरेंद्र को कोरोना जांच का सैंपल देने के बाद क्वारंटीन किया था। बुधवार शाम तक उसकी कोरोना जांच रिपोर्ट नहीं आई थी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद आरोपी हरेंद्र को कोर्ट में पेश किया जाएगा।
बदमाशों का इनपुट मिलने पर रोहतक से आई थी तीन टीमें
पुलिस सूत्रों के अनुसार बलियाणा मर्डर को अंजाम देने वाले बदमाशों की लोकेश दादरी होने का इनपुट मिलने पर एसटीएफ के अलावा रोहतक सीआईए-1 और सीआईए-2 की टीम भी दादरी आई थी। पुलिस सूत्रों के अनुसार बदमाशों की संख्या सात से आठ होने का इनपुट था और इसके चलते उनकी तलाश करने तीनों टीमें अलग-अलग क्षेत्र में फैल गई थी। एसटीएफ को महेंद्रगढ़ चुंगी के समीप रोहतक रजिस्ट्रेशन नंबर की काली अल्टो नजर आ गई।
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बुधवार को ध्यान सिंह के पिता रमेश ने अमर उजाला को ये जानकारी दी। ध्यान ने पिता को बताया कि एकाएक हुई घटना में उन्हें कुछ समझ नहीं आया। हथियारबंद लोगों को अपनी तरफ बढ़ता देख तीनों दोस्तों ने अल्टो भगाई थी। इसी दौरान पीछे से गोली चलने की आवाज सुनाई दी। गली में अल्टो रोककर वे करीब 15 मिनट तक झाड़ियों में छिपे रहे। उन पर फायरिंग करने वाले (रोहतक एसटीएफ) भी पीछा करते हुए वहां पहुंच गए, लेकिन उनकी नजर झाड़ियों में छिपे दिनेश और ध्यान सिंह पर नहीं पड़ी। एसटीएफ के जाने के बाद दिनेश ने मकड़ानी और ध्यान सिंह ने रोहतक के कलावड़ में बुआ के पास शरण ली। ध्यान सिंह अभी भी इतना डरा हुआ है कि मंगलवार को घर आने के बाद बुधवार सुबह फिर वहीं चला गया। परिजनों को डर है कि कहीं पुलिस ध्यान सिंह को गिरफ्तार न कर लें।
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बेरी से बरामद काली अल्टो अचीना से मुड़ गई थी वापस
मामले की जांच कर रहे सीआईए प्रभारी हितेंद्र दांगी ने बताया कि बलियाणा मर्डर में प्रयुक्त जिस काले रंग की अल्टो कार का एसटीएफ को इनपुट मिला था। वह दादरी के अचीना गांव तक आई भी थी। उन्होंने बताया कि अल्टो के साथ एक बाइक पर भी बदमाश सवार थे। एसटीएफ टीम इनपुट के मुताबिक काले रंग की अल्टो को फॉलो करते हुए झज्जर से दादरी पहुंची थी। सीआईए की जांच में सामने आया कि एसटीएफ जिस लाल ब्रेजा में सवार होकर दादरी पहुंची थी वह एएसआई हितेंद्र कादयान की थी।
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एनकाउंटर पर मिला था प्रमोशन, चूक पर हुए निलंबित
बिंदर हत्याकांड के आरोपी एसटीएफ के एएसआई हितेंद्र की टीम को वर्ष 2012 में रोहतक के बोहर में बदमाशों को मुठभेड़ में ढेर करने पर वन रैंक प्रमोशन मिला था। यहीं नहीं वर्ष 2018 में उनकी टीम ने 4.5 लाख के इनामी बदमाश बलराज भाटी को भी गिरफ्तार किया था। इसके अलावा एएसआई हितेंद्र ढाई लाख के इनामी बदमाश सचिन भांजा और 25-25 हजार के इनामी बदमाश कृष्ण फोरड और रोहित कलियाणा को गिरफ्तार करने वाली टीम में शामिल था। बिंदर हत्याकांड में उन्हें भी तीन अन्य कर्मचारियों के साथ निलंबित किया गया है।
आरोपी हरेंद्र की अभी नहीं आई कोरोना जांच रिपोर्ट
पलिस ने आरोपी हरेंद्र को कोरोना जांच का सैंपल देने के बाद क्वारंटीन किया था। बुधवार शाम तक उसकी कोरोना जांच रिपोर्ट नहीं आई थी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद आरोपी हरेंद्र को कोर्ट में पेश किया जाएगा।
बदमाशों का इनपुट मिलने पर रोहतक से आई थी तीन टीमें
पुलिस सूत्रों के अनुसार बलियाणा मर्डर को अंजाम देने वाले बदमाशों की लोकेश दादरी होने का इनपुट मिलने पर एसटीएफ के अलावा रोहतक सीआईए-1 और सीआईए-2 की टीम भी दादरी आई थी। पुलिस सूत्रों के अनुसार बदमाशों की संख्या सात से आठ होने का इनपुट था और इसके चलते उनकी तलाश करने तीनों टीमें अलग-अलग क्षेत्र में फैल गई थी। एसटीएफ को महेंद्रगढ़ चुंगी के समीप रोहतक रजिस्ट्रेशन नंबर की काली अल्टो नजर आ गई।