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Charkhi Dadri News: एडीसी ने की पीएम विश्वकर्मा और प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम योजना की समीक्षा
Wed, 29 Jan 2025 10:34 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Wed, 29 Jan 2025 10:34 PM IST
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योजना में 18 हस्त व्यवसायों को किया गया है शामिल, लाभार्थियों को प्रशिक्षण, टूल किट और लोन की दी जाएगी सुविधा
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। पीएम विश्वकर्मा और प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम योजना की बुधवार को समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इसकी अध्यक्षता अतिरिक्त उपायुक्त विश्वजीत चौधरी ने की और उन्होंने योजना से संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त ने बताया कि पीएम-विश्वकर्मा योजना में 18 हस्त व्यवसायों को शामिल किया गया है। इनमें सुनार, नाव बनाना, शस्त्राकार, लुहार, हथौड़ा व लोहे के औजार बनाना, ताला बनाना, सुनार, कुंभकार, मूर्तिकार, मोची, राजमिस्त्री, टोकरी, चटाई बनाना, गुड़िया व खिलौने बनाना, नाई, धोबी, दर्जी और मछली पकड़ने के जाल बनाने का काम शामिल हैं। इस योजना में विभिन्न व्यावसायों से जुड़े दस्तकारों को प्रशिक्षण, टूल किट व बैंक लोन की सुविधा प्रदान की जाएगी।
उन्होंने बताया कि योजना के तहत कारीगर को पहले पीएम विश्वकर्मा.जीओवी.इन पोर्टल पर अपना पंजीकरण करवाना होगा। पंजीकरण करवा चुके आवेदकों का फिजिकल वेरिफिकेशन ग्राम और शहर स्तर पर किया जाएगा। छोटे कारीगरों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए पहले एक लाख रुपये का लोन दिया जाएगा, जिसको 18 महीनों में पांच प्रतिशत की ब्याज दर से चुकाया जाना है। बैंक ऋण की अदायगी के बाद इन कारीगरों को दोबारा ट्रेनिंग दिलवाई जाएगी। ट्रेनिंग में हर रोज 500 रुपये का स्टाइपेंड दिया जाएगा। उसके बाद दो लाख रुपये का लोन मिलेगा, जिसकी अदायगी तीस माह में की जानी है।
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इस दौरान कारीगरों को बाजार से जोड़ने का भी प्रयास किया जाएगा। उन्होंने बताया कि योजना पांच साल के लिए है। पहले साल में देशभर के तीस लाख कारीगरों को इससे जोड़े जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
जिला उद्योग केंद्र उप निदेशक संदीप की ओर से प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना और प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम योजना के तहत आवेदनों की जानकारी दी। बैठक में मनोज लांबा, बीडीपीओ ऋषभ सिंघल, निशा, राजवर्धन आदि अधिकारी उपस्थित रहे।
फोटो 02
योजनाओं की समीक्षा बैठक में मौजूद अतिरिक्त उपायुक्त विश्वजीत चौधरी और अन्य अधिकारी। स्रोत : जनसंपर्क विभाग
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चरखी दादरी। पीएम विश्वकर्मा और प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम योजना की बुधवार को समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इसकी अध्यक्षता अतिरिक्त उपायुक्त विश्वजीत चौधरी ने की और उन्होंने योजना से संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त ने बताया कि पीएम-विश्वकर्मा योजना में 18 हस्त व्यवसायों को शामिल किया गया है। इनमें सुनार, नाव बनाना, शस्त्राकार, लुहार, हथौड़ा व लोहे के औजार बनाना, ताला बनाना, सुनार, कुंभकार, मूर्तिकार, मोची, राजमिस्त्री, टोकरी, चटाई बनाना, गुड़िया व खिलौने बनाना, नाई, धोबी, दर्जी और मछली पकड़ने के जाल बनाने का काम शामिल हैं। इस योजना में विभिन्न व्यावसायों से जुड़े दस्तकारों को प्रशिक्षण, टूल किट व बैंक लोन की सुविधा प्रदान की जाएगी।
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उन्होंने बताया कि योजना के तहत कारीगर को पहले पीएम विश्वकर्मा.जीओवी.इन पोर्टल पर अपना पंजीकरण करवाना होगा। पंजीकरण करवा चुके आवेदकों का फिजिकल वेरिफिकेशन ग्राम और शहर स्तर पर किया जाएगा। छोटे कारीगरों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए पहले एक लाख रुपये का लोन दिया जाएगा, जिसको 18 महीनों में पांच प्रतिशत की ब्याज दर से चुकाया जाना है। बैंक ऋण की अदायगी के बाद इन कारीगरों को दोबारा ट्रेनिंग दिलवाई जाएगी। ट्रेनिंग में हर रोज 500 रुपये का स्टाइपेंड दिया जाएगा। उसके बाद दो लाख रुपये का लोन मिलेगा, जिसकी अदायगी तीस माह में की जानी है।
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इस दौरान कारीगरों को बाजार से जोड़ने का भी प्रयास किया जाएगा। उन्होंने बताया कि योजना पांच साल के लिए है। पहले साल में देशभर के तीस लाख कारीगरों को इससे जोड़े जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
जिला उद्योग केंद्र उप निदेशक संदीप की ओर से प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना और प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम योजना के तहत आवेदनों की जानकारी दी। बैठक में मनोज लांबा, बीडीपीओ ऋषभ सिंघल, निशा, राजवर्धन आदि अधिकारी उपस्थित रहे।
फोटो 02
योजनाओं की समीक्षा बैठक में मौजूद अतिरिक्त उपायुक्त विश्वजीत चौधरी और अन्य अधिकारी। स्रोत : जनसंपर्क विभाग