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अनुमति लिए बिना केबल नेटवर्क खड़ा करने और टावर लगाने वालीं कंपनियों पर होगी कार्रवाई, रिकवरी भी करेगा प्रशासन

Wed, 23 Jun 2021 10:45 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 23 Jun 2021 10:45 PM IST
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Action will be taken against internet providers and cable operators who put wires on poles without permission
बस स्टैंड रोड पर बना केबल और इंटरनेट तारों का जाल। - फोटो : CharkhiDadri
चरखी दादरी। बिना अनुमति के शहर में लगे खंभों पर तार डालने वाले इंटरनेट प्रोवाइडर्स और केबल ऑपरेटर्स पर अब प्रशासन शिकंजा कसेगा। नगर परिषद और ग्रामीण विकास विभाग समेत बिजली निगम की टीमें सर्वे कर तारों और टावरों का अवैध नेटवर्क फैलाने वालों का ब्योरा तैयार करेगी। इसके बाद टीमें अपनी रिपोर्ट डीसी को सौंपेगी। नियमों की अवहेलना करने वाले केबल ऑपरेटर्स और इंटरनेट प्रोवाइडर्स से रिकवरी भी की जाए। दादरी के जिला बनने के चार साल बाद पहली बार प्रशासन इस तरह की कार्रवाई अमल में लाएगा।
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बुधवार को डीसी अमरजीत सिंह मान ने जिले में बिना अनुमति के मोबाइल टावर सहित बिजली के खंभों पर केबल ऑपरेटर व इंटरनेट प्रोवाइडर्स द्वारा लगाए गए तारों समेत बिना अनुमति के डाले अंडरग्राउंड तारों की लाइनों को लेकर कार्रवाई करते हुए रिकवरी करने के निर्देश दे दिए हैं। डीसी ने बिजली विभाग, नगर परिषद और ग्रामीण विकास विभाग को तुरंत सर्वे कर रिपोर्ट देने को कहा है। उन्होंने कहा है कि शहर सहित पूरे जिले में बहुत सी कंपनियों ने मोबाइल टावर लगा रखे हैं। नियमों के अनुसार टावर लगाने के लिए संबंधित विभागों से अनुमति लेने जरूरी है। देखने में आया है कि बिना अनुमति के ही टावर लगा दिए जाते हैं। नगर परिषद और ग्रामीण विकास विभाग तुरंत शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में लगाए मोबाइल टावरों की जांच करें और सुनिश्चित करें कि सभी के पास संबंधित विभाग से अनुमति होनी चाहिए।
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तीन साल तक लेने होती है लीज, भरना पड़ता है शुल्क
डीसी ने कहा कि शहर सहित पूरे जिले में बिजली विभाग और नगर परिषद की स्ट्रीट लाइटों के खंभों पर केबल ऑपरेटर्स व इंटरनेट उपलब्ध करवाने वालों ने बिना किसी अनुमति के तारों डाल रखी हैं। सरकार के नियमों के अनुसार इन खंभों पर तारें डालने के लिए निर्धारित शुल्क भरना होता है और संबंधित विभाग से तीन साल तक की लीज लेनी होती है। संबंधित विभाग ऐसे सभी मामलों में रजिस्टर के माध्यम से लेखा जोखा रखता है। उन्होंने कहा कि जिले में शायद ही किसी केबल ऑपरेटर और इंटरनेट देने वाले खंभों पर तार डालने की अनुमति लेकर निर्धारित शुल्क भुगतान किया हो।
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जिले में बिना अनुमति के डाल रखी हैं अंडरग्राउंड केबल
डीसी ने कहा कि ऐसे ही विभिन्न लेंडलाइन फोन व मोबाइल कंपनियों और इंटरनेट देने वालों ने बिना अनुमति के अवैध रूप से अंडरग्राउंड तार बिछा रखे हैं। ऐसे कार्यों के लिए भी संबंधित विभागों से अनुमित लेनी जरूरी होती है। उन्होंने कहा संबंधित कंपनी से रिकवरी की जाए।

मैंने बिजली निगम, नगर परिषद और ग्रामीण विकास विभाग को सर्वे कर तुरंत रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं। तीनों मामलों में सर्वे कर टीमें कंपनियों और केबल ऑपरेटर्स से रिकवरी भी करेंगी।
अमरजीत सिंह मान, डीसी
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