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9000 किसानों ने दर्ज कराई फसल खराब की शिकायत

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 28 Sep 2022 10:36 PM IST
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9000 farmers filed complaints of crop failure
चरखी दादरी। जिले में हाल ही में हुई तीन दिन की बारिश से कपास, बाजरा और धान की फसलों में काफी नुकसान हुआ है। फसल खराबे की शिकायत दर्ज कराने का किसानों के पास मंगलवार अंतिम दिन रहा। तय तिथि तक कृषि विभाग के पास 9000 किसानों ने फसल खराबे की शिकायत दर्ज करवाई है। अब विभाग अगली प्रक्रिया शुरू करेगा और जिस गांव से 25 प्रतिशत से ज्यादा शिकायतें मिली उस गांव का सैंपल सर्वे होगा। इससे कम शिकायत आने पर व्यक्तिगत रूप से सर्वे किया जाएगा। अंतिम दिन शिकायत देने के लिए किसानों की लाइन लगी रही।
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गत 22 व 24 सितंबर को हुई बारिश से खरीफ की फसल कपास, बाजरा व मूंग में नुकसान हुआ है। कपास में 25 प्रतिशत और बाजरा में 50 से 60 प्रतिशत तक नुकसान होने का अनुमान है। इस समय कपास की चुगाई का काम चल रहा है और बारिश से कपास के टिंडे खराब हो गए। इसी प्रकार जिन किसानों ने बाजरा की कटाई कर रखी थी, उनकी फसल को भी काफी नुकसान हुआ है। बारिश से कटा हुआ बाजरा खराब हो गया। सरकार ने फसल खराबे की शिकायत 72 घंटे के अंदर दर्ज कराने का प्रावधान किया हुआ है और मंगलवार अंतिम दिन होने के चलते सुबह से शाम तक किसानों की भीड़ उमड़ी। कृषि विभाग के पास नौ हजार शिकायतें अंतिम दिन तक आई हैं और कृषि विभाग के अधिकारी ने इसकी पुष्टि की है।
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दादरी जिले की अगर बात करें तो 34 हजार एकड़ में कपास व 55 हजार एकड़ में बाजरा की फसल है। करीब 10 हजार एकड़ में धान व एक हजार एकड़ में मूंग की फसल है। ग्वार का एरिया भी करीब 12 हजार एकड़ है। वैसे तो सभी फसलों में नुकसान हुआ है लेकिन बाजरा व कपास में ज्यादा नुकसान हुआ है। मौजूदा स्थिति देखें तो जिले में अभी भी दो हजार एकड़ से अधिक भूमि पर जलभराव है और दो दिन पहले ही कृषि मंत्री जेपी दलाल गांव इमलोटा के हालात का निरीक्षण भी करके गए हैं। दूसरी ओर ग्रामीण क्षेत्रों से पानी निकासी के लिए सिंचाई विभाग ने 100 से अधिक पंप सेट व मोटरें लगा रखी हैं, जिनके जरिये खेतों का पानी निकालने की योजना है।
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एप पर भी दर्ज कराई शिकायत
मंगलवार को शिकायत दर्ज करवाने की अंतिम तिथि रही और शहर की नई अनाज मंडी स्थित कृषि विभाग कार्यालय में फसल खराब की शिकायत दर्ज करवाने काफी किसान पहुंचे। किसानों ने अपनी शिकायत कृषि विभाग, बीमा कंपनी, सीएससी व फार्म मित्र एप पर भी दर्ज करवाई है।
पोर्टल पर भेजी जाएंगी किसानों की शिकायत
शिकायत एकत्रित कर विभाग की ओर से पीएमओ व कंपनी पोर्टल पर भेजी जाएंगी। उसके बाद शिकायत की एक प्रति संबंधित ब्लॉक कृषि अधिकारी को भेजी जाएगी। उसके बाद सर्वे का कार्य शुरू होगा।
फसल बीमा न कराने वाले किसानों की सरकार करेगी भरपाई
जिन किसानों ने फसल का बीमा करवा रखा है उन्हें कंपनी नुकसान का भुगतान करेगी। इसके अलावा जिन किसानों ने बीमा नहीं करवा रखा है उनके नुकसान की भरपाई की घोषणा सरकार ने की है। मुख्यमंत्री ने दो दिन पहले प्रभावित क्षेत्रों में स्पेशल गिरदावरी करवाने की घोषणा की है। गिरदावरी रिपोर्ट के आधार पर मुआवजा का निर्धारण होगा। गिरदावरी का कार्य कृषि व राजस्व विभाग करेगा। कंपनी की सर्वे में भी कृषि विभाग का एक प्रतिनिधि शामिल होगा।
किसान बोले : बारिश की पड़ी मार, सरकार करवाए नुकसान की भरपाई
1. बारिश के कारण मेरी आठ एकड़ की फसल बर्बाद हो गई। मैंने चार एकड़ में कपास और चार एकड़ में बाजरा की बिजाई कर रखी थी। सरकार मुझे मुआवजा दे जिससे मेरी नुकसान की भरपाई हो सके।
नीर कुमार, सांवड़
2. मैंने सात एकड़ में फसल की बिजाई कर रखी थी। बारिश से मेरी कपास, बाजरा व मूंग की फसल को काफी नुकसान पहुंचा है। नुकसान की भरपाई के लिए मैंने शिकायत विभाग को दे दी है।

बिजेंद्र, गोठड़ा
जिन किसानों की शिकायतें मिली हैं, उनका जल्द निपटान करने के लिए अगली प्रक्रिया शुरू की जाएगी। सभी शिकायत पीएमओ व कंपनी को भेजी जाएंगी। उसके बाद सैंपल सर्वे करवाई जाएगी।
डॉ. जितेंद्र सिहाग, तकनीकी कृषि अधिकारी
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