फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Charkhi Dadri News ›   86 villages became an example due to the laughter of daughters, sex ratio crossed 1000

Charkhi Dadri News: बेटियों की किलकारी से मिसाल बने 86 गांव, लिंगानुपात 1000 पार

Tue, 14 May 2024 02:32 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी Updated Tue, 14 May 2024 02:32 AM IST
विज्ञापन
86 villages became an example due to the laughter of daughters, sex ratio crossed 1000
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

चरखी दादरी। लिंगानुपात के मामले में दादरी जिले ने इस साल 21 अन्य जिलों के लिए नजीर पेश की है। अप्रैल तक के आंकड़ों की बात करें तो 997 लिंगानुपात के साथ दादरी जिला प्रदेश में पहले पायदान पर है। वहीं, जिले की बात करें तो 50 फीसदी यानी 86 गांवों में लिंगानुपात इस साल 1000 या इससे पार है।
महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से जारी आंकड़ों पर गौर करें तो वर्ष 2024 में एक जनवरी से लेकर 30 अप्रैल तक जिले में कुल 1016 लड़कें और 972 बेटियों ने जन्म लिया है। जिले के गांव बडराई में लिंगानुपात 6000 है जो सबसे अधिक है। वहीं, शीशवाला गांव में सबसे कम 111 लिंगानुपात है।
विज्ञापन

जिले में कुल 167 ग्राम पंचायत हैं। 67 गांवों में लिंगानुपात एक हजार से ज्यादा और 19 गावों में लिंगानुपात एक हजार है। शहर की बात करें तो पूरे जिले में सबसे ज्यादा बच्चों ने जन्म लिया है। शहर में चार माह के अंदर 43 बेटे और 40 बेटियां पैदा हुईं। गांवों में सबसे ज्यादा बौंदकलां में बच्चों का जन्म हुआ है। यहां 40 बेटे व 36 बेटियां पैदा हुईं। जिले में जागरुकता और विभाग व प्रशासन के प्रयास से लिंगानुपात का आंकड़ा बढ़ा है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें समय - समय पर गांवों में अभियान चलाकर लोगों को जागरूक करती हैं। अब लोग बेटियों को बेटों के बराबर दर्जा देने लगे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


इन 18 गांवों में समान रही बेटे और बेटियों की जन्म संख्या
गांव बालरोड, जावा, अटेला नया, रामलवास, गोकल, चांदवास, निमड़, नांधा, उमरवास, पंचगांव, आर्य नगर, टोडीनगर, मांढी हरिया, मालपोष, पातुवास, रावलधी, भागेश्वरी, सौंप, लोहरवाड़ा गांव में बेटे और बेटियों की संख्या समान रही है।


इन गांवों नहीं जन्मी एक भी बेटी
गांव आदमपुर, छिल्लर, भारीवास, ढाणी अहीर, कोहलावास और जयश्री में एक भी बेटी ने जन्म नहीं लिया। इन छह गांवों का लिंगानुपात भी शून्य रहा है। वहीं इन गांवों में बेटों की संख्या 14 रही है।


इन 6 गांवों में नहीं गूंजी बेटे की किलकारी
गांव दातोली, ढाणी नांधा, गोबिंदपुरा, सिरसली, कपूरी और डोहका दीना आदि में एक भी बेटे ने जन्म नहीं लिया। इन छह गांवों में 15 बेटियाें ने जन्म लिया है। इसी तरह इन गांवों का लिंगानुपात भी शून्य रहा।







लिंगानुपात में छाए जिले के ये गांव
गांव - बेटों की संख्या - बेटियाें की संख्या - लिंगानुपात
बडराई - 1 - 6 - 6000

खोरडा - 2 - 9- 4500

नरसिंहवास - 1 - 4-4000

किष्कंधा - 1 - 4-4000

जेवली - 2 - 8-4000

गोपालवास - 2 - 7-3500

कन्हेटी - 1 - 3- 3000

कलियाणा - 4 - 11-2750

चांगरोड - 4 - 10-2500

काकड़ोली हट्टी - 2 - 5-2500

कारी धारणी - 2 - 5-2500

भागवी - 2 - 5-2500

कासनी - 4 - 10-2500
डोहका हरिया - 3 - 7- 2333
फतेहगढ़ - 5 - 11- 2200

डूडीवाला - 5 - 11-2200

तिवाला - 4 - 8-2000
गुडाना - 3 - 6- 2000



जिले के करीब 50 फीसदी गांवों में लिंगानुपात 1000 या इससे पार है। इस वर्ष लिंगानुपात में दादरी जिला प्रदेश में पहले पायदान पर है। लोगों में जागरुकता व प्रशासन के प्रयासों से ये संभव हो पाया है। - गीता सहारण, महिला एवं बाल विकास अधिकारी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed