फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Charkhi Dadri News ›   84 lakh to 92 beds will be oxygenated in civil and mother-child hospitals

सिविल व मातृ-शिशु अस्पताल में 84 लाख से 92 बेड होंगे ऑक्सीजन युक्त

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 01 Nov 2021 12:06 AM IST
विज्ञापन
84 lakh to 92 beds will be oxygenated in civil and mother-child hospitals
एमसीएच में डाले गए बेड। - फोटो : CharkhiDadri
चरखी दादरी। स्वास्थ्य विभाग ने अब सिविल अस्पताल के साथ मातृ-शिशु अस्पताल के वार्डों में इंटिग्रेटिड ऑक्सीजन सप्लाई की योजना तैयार कर ली है। विभाग की योजना अनुसार दोनों अस्पतालों के 92 बेड पर ऑक्सीजन सुविधा दी जाएगी। इस पर करीब 84 लाख रुपये खर्च आएगा। दोनों जगहों के प्रस्ताव और एस्टीमेट तैयार क विभागीय अधिकारियों ने मंजूरी के लिए मुख्यालय भेज दिए हैं। यह सुविधा शुरू होने के बाद वार्डों में ऑक्सीजन सिलिंडर रखने की जरूरत नहीं पड़ेगी। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को दावा है कि एक माह में योजना पर काम शुरू करवा दिया जाएगा।
विज्ञापन

विभाग की योजना अनुसार सिविल अस्पताल के 22 बेड पर व मातृ-शिशु अस्पताल के 70 बेड पर ऑक्सीजन आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। सिविल अस्पताल में इसके लिए 22 प्वाइंट बनवाने पर 24 लाख और मातृ-शिशु अस्पताल में 70 प्वाइंट बनवाने पर करीब 60 लाख रुपये लागत आएगी। विभागीय अधिकारियों का तर्क है कि ये प्रपोजल सिरे चढ़ने के बाद सिविल अस्पताल के सभी बेड पर इंटिग्रेटिड ऑक्सीजन सप्लाई की व्यवस्था करवाने का एस्टीमेट तैयार करवाया जाएगा।
विज्ञापन

शुक्रवार को ही एनएचएम की डिप्टी डायरेक्टर डॉक्टर अलकनंदा ने भी सिविल अस्पताल का निरीक्षण किया था। उस दौरान उन्होंने जिले में स्वास्थ्य सेवाओं का दायरा बढ़ाने के निर्देश दिए थे। जिला अधिकारियों ने उन्हें इस प्रपोजल की भी जानकारी दी थी और उन्होंने इस योजना को जल्द सिरे चढ़ाने के निर्देश दिए थे। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार सिविल अस्पताल में ऑक्सीजन आपूर्ति के 22 प्वाइंट का प्रपोजल करीब एक माह पहले तैयार हुआ था जबकि एमसीएच का प्रपोजल और एस्टीमेट हाल ही में तैयार कर भेजा गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

दूसरी लहर में तीन टन पहुंची थी जिले की दैनिक ऑक्सीजन खपत
कोरोना की दूसरी लहर के दौरान जिले में ऑक्सीजन की दैनिक खपत तीन एमटी तक पहुंच गई थी। इसके लिए प्रशासन ने दूसरे जिलों से ऑक्सीजन सिलिंडर का प्रबंध कर काम चलाया था। दूसरी लहर के दौरान विभाग के पास ऑक्सीजन सिलिंडर की भी कमी थी, लेकिन अब तक 550 ऑक्सीजन सिलिंडर हैं जबकि इतने की ही डिमांड और भेजी हुई है।
ऑक्सीजन प्लांट भी हो चुका तैयार, दूसरे जिलों पर अब निर्भर नहीं जिला
सामान्य दिनों की अगर बात करें तो जिले में ऑक्सीजन की खपत बेहद कम है। कोरोना की दूसरी लहर के प्रकोप में प्रशासन ने ऑक्सीजन प्लांट तैयार करवाने की योजना पर काम शुरू करवाया था। करीब डेढ़ माह पहले प्लांट बनकर तैयार हुआ है और बीस दिन पहले प्लांट में तैयार ऑक्सीजन की गुणवत्ता रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई है। प्लांट में एक मिनट में 500 लीटर और एक दिन में एक एमटी ऑक्सीजन तैयार की जा सकती है।
जिले में अब 991 बेड की है व्यवस्था
पूरे जिले की अगर बात करें तो कोरोना से पहले करीब 200 बेड ही थे, लेकिन फिलहाल बेड संख्या 990 पहुंच चुकी है। करीब दस दिन पहले ही जिला परिषद ने स्वास्थ्य विभाग को 150 सेमिफोडर बेड दिए हैं। वहीं, सरकार की तरफ से भी दस आधुनिक सुविधाओं से लैस बेड भेजे गए हैं जबकि इससे पहले जिला स्वास्थ्य विभाग के पास ऐसा एक भी बेड नहीं था।

सिविल अस्पताल व एमसीएच के बेड पर ऑक्सीजन आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए हम प्रपोजल और एस्टीमेट तैयार कर चुके हैं। एमसीएच में 70 बेड पर यह सुविधा दी जाएगी और इस पर करीब 60 लाख रुपये खर्च आएगा। जल्द से जल्द इस योजना को सिरे चढ़ाने के लिए हम प्रयासरत हैं।
डॉ. गौरव भारद्वाज, डिप्टी सीएमओ
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed