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Charkhi Dadri News: 1.98 लाख पशुओं के लिए प्रतिदिन चाहिए 75 लाख लीटर पानी
Tue, 02 Apr 2024 12:04 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Tue, 02 Apr 2024 12:04 AM IST
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चरखी दादरी। गर्मी ने दस्तक दे दी है। जिले में 1.98 लाख पशुधन हैं, जिनके लिए प्रतिदिन करीब 75 लाख लीटर पानी का आवश्यकता है, लेकिन तालाब सूखने से पशुओं के लिए पानी का संकट पैदा हो गया है और पशुपालक भी परेशान हैं। सिंचाई विभाग के अधिकारियों का दावा है कि नहरों में पानी आते ही तत्परता से तालाबों को भर दिया जाएगा।
इस समय जिले के 78 तालाबों में पानी डालने की जरूरत है। ज्यादातर तालाब नहरों से जुड़े हैं। गर्मी के मौसम में तालाबों में पानी सूख जाने पर मवेशियों के लिए पानी का संकट बढ़ जाता है। जिले में 167 ग्राम पंचायतें हैं। जिले की नहरों में पानी पांच अप्रैल को छोड़ा जाना है। इसके बाद ही 1.98 लाख पशुओं के लिए तालाबों में पर्याप्त पानी पहुंचाया जाएगा। सिंचाई विभाग के अधिकारियों का तर्क है कि जिस भी गांव के तालाब में पानी नहीं है वहां के ग्रामीण विभाग को सूचित कर सकते हैं ताकि गर्मी में मवेशियों के लिए पानी डाला जा सके।
ज्यादातर गांवों में एक तो कुछ में दो तालाब
अब तापमान दिनोंदिन बढ़ता जा रहा है। पेयजल व मवेशियों के लिए पानी का संकट गहराना स्वाभाविक है। ज्यादातर गांवों में एक तालाब है कि जबकि कुछ बड़े गांवों में दो तालाब भी हैं। इस समय अधिकतर तालाबों में पानी प्रदूषित एवं कम मात्रा में है। तालाब गाद एवं काई से भी अटे पड़े हैं। इन तालाबों के जीर्णोद्धार की भी जरूरत बनी हुई है। जिले के बाढड़ा क्षेत्र में तालाबों की संख्या कम है।
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75 तालाबों का हो रहा सुंदरीकरण
जिले में 75 तालाबों के सुंदरीकरण का काम भी पंचायत विभाग काम कर रहा है। इन तालाबों के चारों तरफ पौधे लगाने की भी योजना है। इससे आसपास का क्षेत्र हरा-भरा बना रहे और भूमिगत जलस्तर भी संतुलित बना रहे।
गर्मी के सीजन में पशुओं को दो के बजाय तीन बार पानी पिलाना पड़ता है। गर्मी में पशु को नहलाना जरूरी है। प्रति पशु प्रतिदिन औसतन 35 लीटर पानी चाहिए।
- डॉ. महासिंह, पशु चिकित्सक
जिस गांव में पानी की जरूरत है विभाग अपने स्तर पर पूरा प्रयास करेगा। लोगों को भी चाहिए कि वे पानी का किसी भी स्तर पर दुरुपयोग न करें। जैसे ही नहरों में पानी पहुंचता है। प्राथमिकता के आधार पर तालाबों में पानी डाला जाएगा।
- हरवीर सिंह, एसडीओ, सिंचाई विभाग
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इस समय जिले के 78 तालाबों में पानी डालने की जरूरत है। ज्यादातर तालाब नहरों से जुड़े हैं। गर्मी के मौसम में तालाबों में पानी सूख जाने पर मवेशियों के लिए पानी का संकट बढ़ जाता है। जिले में 167 ग्राम पंचायतें हैं। जिले की नहरों में पानी पांच अप्रैल को छोड़ा जाना है। इसके बाद ही 1.98 लाख पशुओं के लिए तालाबों में पर्याप्त पानी पहुंचाया जाएगा। सिंचाई विभाग के अधिकारियों का तर्क है कि जिस भी गांव के तालाब में पानी नहीं है वहां के ग्रामीण विभाग को सूचित कर सकते हैं ताकि गर्मी में मवेशियों के लिए पानी डाला जा सके।
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ज्यादातर गांवों में एक तो कुछ में दो तालाब
अब तापमान दिनोंदिन बढ़ता जा रहा है। पेयजल व मवेशियों के लिए पानी का संकट गहराना स्वाभाविक है। ज्यादातर गांवों में एक तालाब है कि जबकि कुछ बड़े गांवों में दो तालाब भी हैं। इस समय अधिकतर तालाबों में पानी प्रदूषित एवं कम मात्रा में है। तालाब गाद एवं काई से भी अटे पड़े हैं। इन तालाबों के जीर्णोद्धार की भी जरूरत बनी हुई है। जिले के बाढड़ा क्षेत्र में तालाबों की संख्या कम है।
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75 तालाबों का हो रहा सुंदरीकरण
जिले में 75 तालाबों के सुंदरीकरण का काम भी पंचायत विभाग काम कर रहा है। इन तालाबों के चारों तरफ पौधे लगाने की भी योजना है। इससे आसपास का क्षेत्र हरा-भरा बना रहे और भूमिगत जलस्तर भी संतुलित बना रहे।
गर्मी के सीजन में पशुओं को दो के बजाय तीन बार पानी पिलाना पड़ता है। गर्मी में पशु को नहलाना जरूरी है। प्रति पशु प्रतिदिन औसतन 35 लीटर पानी चाहिए।
- डॉ. महासिंह, पशु चिकित्सक
जिस गांव में पानी की जरूरत है विभाग अपने स्तर पर पूरा प्रयास करेगा। लोगों को भी चाहिए कि वे पानी का किसी भी स्तर पर दुरुपयोग न करें। जैसे ही नहरों में पानी पहुंचता है। प्राथमिकता के आधार पर तालाबों में पानी डाला जाएगा।
- हरवीर सिंह, एसडीओ, सिंचाई विभाग