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Charkhi Dadri News: 600 लोग मिले एनीमिया से ग्रस्त, 60 प्रतिशत महिलाएं
Sun, 16 Jun 2024 03:12 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Sun, 16 Jun 2024 03:12 AM IST
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मातृ-शिशु अस्पताल में महिला मरीज के खून के सैंपल लेतीं स्वास्थ्यकर्मी।
चरखी दादरी। जिला स्वास्थ्य विभाग ने तीन दिन के अंदर 2,000 लोगों के खून के सैंपल लिए हैं। इनमें से करीब 600 लोगों में खून की कमी पाई गई है। खास बात ये है कि जिनमें खून की कमी पाई गई है उनमें 60 प्रतिशत महिलाएं और 10 प्रतिशत बच्चे शामिल हैं। 30 प्रतिशत पुरुषों में भी खून की कमी पाई गई है। करीब सवा तीन माह तक चलने वाले अभियान में विभाग 2.25 लाख लोगों के खून के सैंपल लेकर जांच करेगा।
बता दें कि स्वास्थ्य विभाग सरकार के निर्देशों पर एनीमिया मुक्त हरियाणा अभियान चला रहा है। 100 दिन के इस अभियान का 11 जून से आगाज किया गया है। इसके तहत विभाग की टीमों ने शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में कैंप लगाकर 2,000 बच्चों, महिलाओं व पुरुषों के खून के नमूने लिए। इनकी जांच की गई तो 30 प्रतिशत यानी 600 लोगों में खून की कमी पाई गई। ये आंकड़े चौंकाने वाले हैं। एक और अहम बात ये है कि जिन लोगों में खून की कमी मिली हैं उनमें से 90 प्रतिशत इस बात से अनभिज्ञ थे।
अभियान के नोडल अधिकारी डॉ. अंकुर नागर ने बताया कि करीब सवा तीन माह तक चलने वाले अभियान का पहला चरण इस समय चल रहा है। इसके बाद दूसरा चरण चलाकर लोगों के खून के नमूने लिए जाएंगे। उन्होंने बताया विभाग को करीब सवा दो लाख लोगों के खून के नमूने लेने का लक्ष्य मिला है और तय समय से पहले ही इसे हासिल कर लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि इससे एनीमिया के छुपे केस पकड़ में आएंगे और उसके बाद उपचार के जरिये लोगों में खून की कमी को दूर किया जाएगा।
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- 60 बच्चों और 180 पुरुषों में भी कम मिली खून की मात्रा
स्वास्थ्य विभाग अधिकारियों के मुताबिक जिन 600 लोगों में खून की कमी मिली हैं उनमें से करीब 360 महिलाएं शामिल हैं। कुल 60 बच्चों में भी खून की कमी पाई गई है। वहीं, 180 पुरुषों में भी जांच के दौरान खून की मात्रा कम पाई गई है।
- 100 टीमें गठित, 17 स्वास्थ्य केंद्रों पर लग रहे कैंप
स्वास्थ्य विभाग के नोडल अधिकारी डॉ. अंकुर नागर ने बताया कि एनीमिया मुक्त हरियाणा अभियान के तहत जिले में 100 टीमें गठित की गई हैं। अभियान में 600 आशा वर्कर्स के अलावा स्वास्थ्य विभाग के 400 कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। उन्होंने बताया कि पहले चरण में 17 स्वास्थ्य केंद्रों पर शिविर लगाकर खून के नमूने लिए जा रहे हैं। ये शिविर सिविल अस्पताल और मातृ-शिशु अस्पताल के अलावा तीन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और 12 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर लगाए जा रहे हैं।
- 6 अलग-अलग वर्ग में लिए जा रहे सैंपल
अभियान के तहत करीब 2.25 लाख लोगों की जांच का लक्ष्य रखा गया है। डॉ. अंकुर नागर ने बताया कि अभियान के तहत लोगों के सैंपल 6 अलग-अलग आयुवर्ग में लिए जा रहे हैं, जिनमें 6 माह से 5 साल तक, 6 से 10 साल, 11 से 19 साल, 20 से 49 साल, इससे ऊपर की उम्र के लोग व दुग्धपान कराने वाली महिलाएं शामिल हैं।
- ये हैं एनीमिया के लक्षण
एनीमिया शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं की कमी या खराब लाल रक्त कोशिकाओं के कारण होता है। इस कारण शरीर के अंगों में ऑक्सीजन पहुंचना कम हो जाता है। इससे थकान, त्वचा में पीलापन, सांस फूलना, सिर घूमना, चक्कर आना या दिल की तेज धड़कन शामिल हो सकते हैं।
- यूं करें एनीमिया से बचाव
डॉ. अंकुर नागर ने बताया कि एनीमिया से बचाव के लिए आयरन से भरपूर आहार खाना चाहिए। हरी पत्तेदार सब्जियां, खुबानी, अंडे, दालें, खजूर, आदि का सेवन करें। विटामिन सी आयरन को अच्छे से अवशोषित करने में मदद करता है और इसके लिए नींबू, संतरा, अमरूद, टमाटर आदि का सेवन करें। वहीं, विभाग की ओर से दी जाने वाली आयरन की गोलियां भी नियमित खाएं।
अब तक करीब 2,000 लोगों के रक्त के नमूने टीमें ले चुकी हैं। नमूनों की जांच के बाद 600 लोगों में खून की कमी पाई गई और इनमें महिलाओं की संख्या ज्यादा है। कुछ बच्चों में भी खून की कमी होने की बात सामने आई है। एनीमिया के छुपे केस का पता लगाने के लिए ये अभियान चलाया जा रहा है। -डॉ. अंकुर नागर, जिला नोडल अधिकारी, एनीमिया मुक्त हरियाणा अभियान।
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बता दें कि स्वास्थ्य विभाग सरकार के निर्देशों पर एनीमिया मुक्त हरियाणा अभियान चला रहा है। 100 दिन के इस अभियान का 11 जून से आगाज किया गया है। इसके तहत विभाग की टीमों ने शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में कैंप लगाकर 2,000 बच्चों, महिलाओं व पुरुषों के खून के नमूने लिए। इनकी जांच की गई तो 30 प्रतिशत यानी 600 लोगों में खून की कमी पाई गई। ये आंकड़े चौंकाने वाले हैं। एक और अहम बात ये है कि जिन लोगों में खून की कमी मिली हैं उनमें से 90 प्रतिशत इस बात से अनभिज्ञ थे।
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अभियान के नोडल अधिकारी डॉ. अंकुर नागर ने बताया कि करीब सवा तीन माह तक चलने वाले अभियान का पहला चरण इस समय चल रहा है। इसके बाद दूसरा चरण चलाकर लोगों के खून के नमूने लिए जाएंगे। उन्होंने बताया विभाग को करीब सवा दो लाख लोगों के खून के नमूने लेने का लक्ष्य मिला है और तय समय से पहले ही इसे हासिल कर लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि इससे एनीमिया के छुपे केस पकड़ में आएंगे और उसके बाद उपचार के जरिये लोगों में खून की कमी को दूर किया जाएगा।
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- 60 बच्चों और 180 पुरुषों में भी कम मिली खून की मात्रा
स्वास्थ्य विभाग अधिकारियों के मुताबिक जिन 600 लोगों में खून की कमी मिली हैं उनमें से करीब 360 महिलाएं शामिल हैं। कुल 60 बच्चों में भी खून की कमी पाई गई है। वहीं, 180 पुरुषों में भी जांच के दौरान खून की मात्रा कम पाई गई है।
- 100 टीमें गठित, 17 स्वास्थ्य केंद्रों पर लग रहे कैंप
स्वास्थ्य विभाग के नोडल अधिकारी डॉ. अंकुर नागर ने बताया कि एनीमिया मुक्त हरियाणा अभियान के तहत जिले में 100 टीमें गठित की गई हैं। अभियान में 600 आशा वर्कर्स के अलावा स्वास्थ्य विभाग के 400 कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। उन्होंने बताया कि पहले चरण में 17 स्वास्थ्य केंद्रों पर शिविर लगाकर खून के नमूने लिए जा रहे हैं। ये शिविर सिविल अस्पताल और मातृ-शिशु अस्पताल के अलावा तीन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और 12 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर लगाए जा रहे हैं।
- 6 अलग-अलग वर्ग में लिए जा रहे सैंपल
अभियान के तहत करीब 2.25 लाख लोगों की जांच का लक्ष्य रखा गया है। डॉ. अंकुर नागर ने बताया कि अभियान के तहत लोगों के सैंपल 6 अलग-अलग आयुवर्ग में लिए जा रहे हैं, जिनमें 6 माह से 5 साल तक, 6 से 10 साल, 11 से 19 साल, 20 से 49 साल, इससे ऊपर की उम्र के लोग व दुग्धपान कराने वाली महिलाएं शामिल हैं।
- ये हैं एनीमिया के लक्षण
एनीमिया शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं की कमी या खराब लाल रक्त कोशिकाओं के कारण होता है। इस कारण शरीर के अंगों में ऑक्सीजन पहुंचना कम हो जाता है। इससे थकान, त्वचा में पीलापन, सांस फूलना, सिर घूमना, चक्कर आना या दिल की तेज धड़कन शामिल हो सकते हैं।
- यूं करें एनीमिया से बचाव
डॉ. अंकुर नागर ने बताया कि एनीमिया से बचाव के लिए आयरन से भरपूर आहार खाना चाहिए। हरी पत्तेदार सब्जियां, खुबानी, अंडे, दालें, खजूर, आदि का सेवन करें। विटामिन सी आयरन को अच्छे से अवशोषित करने में मदद करता है और इसके लिए नींबू, संतरा, अमरूद, टमाटर आदि का सेवन करें। वहीं, विभाग की ओर से दी जाने वाली आयरन की गोलियां भी नियमित खाएं।
अब तक करीब 2,000 लोगों के रक्त के नमूने टीमें ले चुकी हैं। नमूनों की जांच के बाद 600 लोगों में खून की कमी पाई गई और इनमें महिलाओं की संख्या ज्यादा है। कुछ बच्चों में भी खून की कमी होने की बात सामने आई है। एनीमिया के छुपे केस का पता लगाने के लिए ये अभियान चलाया जा रहा है। -डॉ. अंकुर नागर, जिला नोडल अधिकारी, एनीमिया मुक्त हरियाणा अभियान।