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Charkhi Dadri News: अब तक 51% किसानों ने ही दर्ज कराया पोर्टल पर फसल का ब्योरा
Fri, 01 Aug 2025 12:05 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Fri, 01 Aug 2025 12:05 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल पर अब तक जिले के 51 प्रतिशत किसानों ने ही पंजीकरण कराया है, जबकि, बिजाई का समय बीत चुका है। 31 जुलाई पंजीकरण की अंतिम तिथि थी। हालांकि, पंजीकरण के मामले में चरखी दादरी प्रदेश में प्रथम स्थान पर है।
अब तक जिले के 29 हजार 535 किसानों ने अपना 1,39,802 एकड़ रकबा पोर्टल पर पंजीकरण करवाया है। इस बार सरकार भी योजना बना रही है कि यूरिया व डीएपी खाद पोर्टल पर पंजीकृत किसानों को बिजित जमीन के आधार पर ही दिया जाए। ऐसे में प्रत्येक किसान को पंजीकरण करवाना जरूरी है। जिले का पोर्टल पर कुल कृषि रकबा दो लाख 73 हजार 81 एकड़ अपलोड है।
सरकार हर साल एक अक्तूबर से खरीफ की फसलों की सरकारी खरीद शुरू करती है। जो किसान पोर्टल पर पंजीकरण करवाते हैं, उनकी ही फसल खरीदी जाती है। इस बार भी सरकारी खरीद की जानी है। जिले में मौजूदा खरीफ फसल सीजन मेंं किसानों ने बाजरा, ज्वार, धान, मूंग, ग्वार व सब्जियों की बिजाई कर रखी है।
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सबसे ज्यादा रकबा बाजरे का एक लाख 20 हजार हजार एकड़ है। कपास का एरिया भी करीब 30 हजार एकड़ है। सब्जी, फूलों की खेती व बागवानी का भी एरिया है। बाजरा का बिजित रकबा पिछले तीन सालों से बढ़ा है। बाजरे का भाव बढिय़ा होने की वजह से किसानों का इस फसल के प्रति रुझान बढ़ गया है। बाजरा में प्रति एकड़ लागत खर्च भी कम आता है।
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चरखी दादरी। मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल पर अब तक जिले के 51 प्रतिशत किसानों ने ही पंजीकरण कराया है, जबकि, बिजाई का समय बीत चुका है। 31 जुलाई पंजीकरण की अंतिम तिथि थी। हालांकि, पंजीकरण के मामले में चरखी दादरी प्रदेश में प्रथम स्थान पर है।
अब तक जिले के 29 हजार 535 किसानों ने अपना 1,39,802 एकड़ रकबा पोर्टल पर पंजीकरण करवाया है। इस बार सरकार भी योजना बना रही है कि यूरिया व डीएपी खाद पोर्टल पर पंजीकृत किसानों को बिजित जमीन के आधार पर ही दिया जाए। ऐसे में प्रत्येक किसान को पंजीकरण करवाना जरूरी है। जिले का पोर्टल पर कुल कृषि रकबा दो लाख 73 हजार 81 एकड़ अपलोड है।
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सरकार हर साल एक अक्तूबर से खरीफ की फसलों की सरकारी खरीद शुरू करती है। जो किसान पोर्टल पर पंजीकरण करवाते हैं, उनकी ही फसल खरीदी जाती है। इस बार भी सरकारी खरीद की जानी है। जिले में मौजूदा खरीफ फसल सीजन मेंं किसानों ने बाजरा, ज्वार, धान, मूंग, ग्वार व सब्जियों की बिजाई कर रखी है।
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सबसे ज्यादा रकबा बाजरे का एक लाख 20 हजार हजार एकड़ है। कपास का एरिया भी करीब 30 हजार एकड़ है। सब्जी, फूलों की खेती व बागवानी का भी एरिया है। बाजरा का बिजित रकबा पिछले तीन सालों से बढ़ा है। बाजरे का भाव बढिय़ा होने की वजह से किसानों का इस फसल के प्रति रुझान बढ़ गया है। बाजरा में प्रति एकड़ लागत खर्च भी कम आता है।