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Charkhi Dadri News: 526 किसानों को ट्यूबवेल कनेक्शन के लिए करना पड़ेगा डेढ़ माह इंतजार
Sun, 27 Jul 2025 01:21 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Sun, 27 Jul 2025 01:21 AM IST
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खेत में लगा बिजली संचालित ट्यूबवेल। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। जिले में 1001 में से 475 किसानों को बिजली चालित ट्यूबवेल कनेक्शन जारी कर दिए गए हैं। शेष 526 किसानों को डेढ़ माह और इंतजार करना पड़ेगा। इनके लिए ट्रांसफार्मर लगाने का काम चल रहा है। इनके कनेक्शन के लिए करीब 50 गांवों में 35 किलोमीटर लंबे तार लगाए गए हैं। कनेक्शन के लिए हिसार, नारनौल व हांसी से 16, 20 व 25 केवीए क्षमता के ट्रांसफार्मर मंगवाए गए हैं।
जिले में 1001 किसान ट्यूबवेल कनेक्शन के लिए छह साल से इंतजार कर रहे थे। इनमें से 475 का इंतजार खत्म हो चुका है। बाकी को कनेक्शन जारी करने में डेढ़ माह का समय और लगेगा। ट्यूबवेल कनेक्शन के लिए किसान आंदोलन करते आ रहे हैं। धरना एवं प्रदर्शन किए जा रहे हैं। अधिकारियों, विधायक व सांसद को ज्ञापन दिए गए हैं।
दरअसल, जिले के रेतीले क्षेत्र में में किसान बिजली चालित ट्यूबवेल से ही फसलों की सिंचाई करते हैं। रेतीले भागों में भूमिगत जलस्तर काफी नीचे तक है। ऐसे में मोटर के जरिये पानी की उठान करनी पड़ती है। दादरी जिले में 55 प्रतिशत कृषि क्षेत्र रेतीला है। यहां सिंचाई का साधन जमीनी पानी ही है। हालांकि, नहरें भी गुजरती हैं। इनसे सिंचाई पूरी तरह से संभव नहीं है। रेत के टिब्बे होने की वजह से नहरी पानी से सिंचाई करना मुश्किल होता है।
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चरखी दादरी। जिले में 1001 में से 475 किसानों को बिजली चालित ट्यूबवेल कनेक्शन जारी कर दिए गए हैं। शेष 526 किसानों को डेढ़ माह और इंतजार करना पड़ेगा। इनके लिए ट्रांसफार्मर लगाने का काम चल रहा है। इनके कनेक्शन के लिए करीब 50 गांवों में 35 किलोमीटर लंबे तार लगाए गए हैं। कनेक्शन के लिए हिसार, नारनौल व हांसी से 16, 20 व 25 केवीए क्षमता के ट्रांसफार्मर मंगवाए गए हैं।
जिले में 1001 किसान ट्यूबवेल कनेक्शन के लिए छह साल से इंतजार कर रहे थे। इनमें से 475 का इंतजार खत्म हो चुका है। बाकी को कनेक्शन जारी करने में डेढ़ माह का समय और लगेगा। ट्यूबवेल कनेक्शन के लिए किसान आंदोलन करते आ रहे हैं। धरना एवं प्रदर्शन किए जा रहे हैं। अधिकारियों, विधायक व सांसद को ज्ञापन दिए गए हैं।
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दरअसल, जिले के रेतीले क्षेत्र में में किसान बिजली चालित ट्यूबवेल से ही फसलों की सिंचाई करते हैं। रेतीले भागों में भूमिगत जलस्तर काफी नीचे तक है। ऐसे में मोटर के जरिये पानी की उठान करनी पड़ती है। दादरी जिले में 55 प्रतिशत कृषि क्षेत्र रेतीला है। यहां सिंचाई का साधन जमीनी पानी ही है। हालांकि, नहरें भी गुजरती हैं। इनसे सिंचाई पूरी तरह से संभव नहीं है। रेत के टिब्बे होने की वजह से नहरी पानी से सिंचाई करना मुश्किल होता है।
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