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Charkhi Dadri News: अवैध खनन और भूजल दोहन के खिलाफ 47 गांवों का समर्थन
Tue, 10 Sep 2024 04:42 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Tue, 10 Sep 2024 04:42 AM IST
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रामलवास धरने के समर्थन में आए सरपंच एसोसिएशन का समर्थन पत्र। स्रोत : सरपंच
ग्रामीण अब रामलवास माइनिंग जोन में खनन गतिविधियां स्थायी रूप से बंद करवाने की तैयारी में, मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा धरना
सोमवार को भी रामलवास क्रशर जोन में ग्रामीणों ने जताया रोष
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी/झोझूकलां। गांव रामलवास में अवैध खनन व जल दोहन के खिलाफ चल रही मुहिम को रविवार को खंड की सभी 47 ग्राम पंचायतों ने समर्थन दे दिया। वहीं, ग्रामीणों ने माइनिंग जोन में गतिविधियां बंद करवाने की तैयारी शुरू कर दी है। सभी गांवों ने एकजुटता के साथ यह लड़ाई लड़ने का आश्वासन अगुवाई कर रहे खेमे को दिया है।
बता दें कि अगस्त से रामलवास व आसपास के गांवों के ग्रामीण डीसी व एसडीएम कार्यालय में शिकायत सौंपकर दोनों समस्याओं का समाधान करवाने की गुहार लगा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें केवल आश्वासन दिया गया और अब तक समाधान नहीं हुआ। एक ओर अधिकारी संज्ञान नहीं ले रहे और दूसरी ओर कंपनी मनमानी कर ग्रामीण क्षेत्र को जल संसाधन से वंचित कर रही है। इससे पांच गांवों के लोग काफी परेशान हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव में हर साल पानी का स्तर गिरता जा रहा है। रामलवास को 2017 से लेकर अब तक की रॉयल्टी राशि नहीं मिली है। अवैध खनन व ब्लास्ट से ग्रामीणों के घरों में दरारें आ चुकी हैं। रविवार को झोझूखंड सरपंच एसोसिएशन पदाधिकारी रामलवास क्रशर जोन में चल रहे धरने पर पहुंचे और उन्होंने ग्रामीणों की मांगों को जायज बताया। इसके बाद रामलवास ग्राम पंचायत के पत्र पर एसोसिएशन प्रधान रामबीर सिंह ने समर्थन लिखा और 47 गांवों के सरपंचों ने मुहर लगाकर समर्थन किया।
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- पहाड़ों को खनन मुक्त करवाना मकसद
ग्रामीणों ने बताया कि पहाड़ का खनन बंद होने तक धरना जारी रहेगा। गांव के पहाड़ों को खनन मुक्त करवाना ही अब उनका उद्देश्य है। इसके लिए चाहे जितना भी समय लगे, संघर्ष करेंगे। सरंपच प्रतिनिधि विनोद कुमार ने बताया कि खनन व जलदोहन कार्य पूरी तरह से बंद करवाना, 2017 से लंबित रॉयल्टी देना आदि उनकी मुख्य मांगें हैं।
धरनास्थल में ये रहे मौजूद
रामलवास माइनिंग जोन स्थित धरनास्थल पर कर्मबीर शर्मा, रोशनलाल, अत्तर सिंह, जोगेंद्र, सत्यप्रकाश नेहरा, महाबीर सिंह, धर्मपाल, मनफूल सिंह, मुकेश यादव, विजयवीर, सुरेश कुमार, सुखीचंद, रामपाल, मनबीर, राजकुमार, सरपंच संजू देवी, सुनीता यादव, कमला देवी आदि मौजूद रहीं।
- इन गांवों ने दिया समर्थन
गांव जावा, झोझू खुर्द, आबिदपुरा, झोझूकलां, आबिदपुरा, डाढी छिल्लर, बादल, कलाली-बालाली, पालड़ी, गोकल, गुडाना, बधवाना, जावा समेत खंड के सभी सरपंचों ने मुहर लगाकर अपना समर्थन किया।
डीसी व एसपी पहुंचेंगे धरने पर
मंगलवार को धरनास्थल पर डीसी, एसपी व माइनिंग अधिकारी दौरा करेंगे और ग्रामीणों से इस संबंध में बातचीत करेंगे। तकरीबन बीस दिन बाद अब जिला प्रशासन ग्रामीणों की सुध लेगा।
फोटो- 07 रामलवास धरने के समर्थन में खंड सरपंच एसोसिएशन का समर्थन पत्र। स्रोत : सरपंच
फोटो -08 रामलवास माइनिंग जोन में धरने को समर्थन देने पहुंचे सरपंच। स्रोत: ग्रामीण
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सोमवार को भी रामलवास क्रशर जोन में ग्रामीणों ने जताया रोष
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी/झोझूकलां। गांव रामलवास में अवैध खनन व जल दोहन के खिलाफ चल रही मुहिम को रविवार को खंड की सभी 47 ग्राम पंचायतों ने समर्थन दे दिया। वहीं, ग्रामीणों ने माइनिंग जोन में गतिविधियां बंद करवाने की तैयारी शुरू कर दी है। सभी गांवों ने एकजुटता के साथ यह लड़ाई लड़ने का आश्वासन अगुवाई कर रहे खेमे को दिया है।
बता दें कि अगस्त से रामलवास व आसपास के गांवों के ग्रामीण डीसी व एसडीएम कार्यालय में शिकायत सौंपकर दोनों समस्याओं का समाधान करवाने की गुहार लगा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें केवल आश्वासन दिया गया और अब तक समाधान नहीं हुआ। एक ओर अधिकारी संज्ञान नहीं ले रहे और दूसरी ओर कंपनी मनमानी कर ग्रामीण क्षेत्र को जल संसाधन से वंचित कर रही है। इससे पांच गांवों के लोग काफी परेशान हैं।
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ग्रामीणों का कहना है कि गांव में हर साल पानी का स्तर गिरता जा रहा है। रामलवास को 2017 से लेकर अब तक की रॉयल्टी राशि नहीं मिली है। अवैध खनन व ब्लास्ट से ग्रामीणों के घरों में दरारें आ चुकी हैं। रविवार को झोझूखंड सरपंच एसोसिएशन पदाधिकारी रामलवास क्रशर जोन में चल रहे धरने पर पहुंचे और उन्होंने ग्रामीणों की मांगों को जायज बताया। इसके बाद रामलवास ग्राम पंचायत के पत्र पर एसोसिएशन प्रधान रामबीर सिंह ने समर्थन लिखा और 47 गांवों के सरपंचों ने मुहर लगाकर समर्थन किया।
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- पहाड़ों को खनन मुक्त करवाना मकसद
ग्रामीणों ने बताया कि पहाड़ का खनन बंद होने तक धरना जारी रहेगा। गांव के पहाड़ों को खनन मुक्त करवाना ही अब उनका उद्देश्य है। इसके लिए चाहे जितना भी समय लगे, संघर्ष करेंगे। सरंपच प्रतिनिधि विनोद कुमार ने बताया कि खनन व जलदोहन कार्य पूरी तरह से बंद करवाना, 2017 से लंबित रॉयल्टी देना आदि उनकी मुख्य मांगें हैं।
धरनास्थल में ये रहे मौजूद
रामलवास माइनिंग जोन स्थित धरनास्थल पर कर्मबीर शर्मा, रोशनलाल, अत्तर सिंह, जोगेंद्र, सत्यप्रकाश नेहरा, महाबीर सिंह, धर्मपाल, मनफूल सिंह, मुकेश यादव, विजयवीर, सुरेश कुमार, सुखीचंद, रामपाल, मनबीर, राजकुमार, सरपंच संजू देवी, सुनीता यादव, कमला देवी आदि मौजूद रहीं।
- इन गांवों ने दिया समर्थन
गांव जावा, झोझू खुर्द, आबिदपुरा, झोझूकलां, आबिदपुरा, डाढी छिल्लर, बादल, कलाली-बालाली, पालड़ी, गोकल, गुडाना, बधवाना, जावा समेत खंड के सभी सरपंचों ने मुहर लगाकर अपना समर्थन किया।
डीसी व एसपी पहुंचेंगे धरने पर
मंगलवार को धरनास्थल पर डीसी, एसपी व माइनिंग अधिकारी दौरा करेंगे और ग्रामीणों से इस संबंध में बातचीत करेंगे। तकरीबन बीस दिन बाद अब जिला प्रशासन ग्रामीणों की सुध लेगा।
फोटो- 07 रामलवास धरने के समर्थन में खंड सरपंच एसोसिएशन का समर्थन पत्र। स्रोत : सरपंच
फोटो -08 रामलवास माइनिंग जोन में धरने को समर्थन देने पहुंचे सरपंच। स्रोत: ग्रामीण