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Charkhi Dadri News: मुनाफे झांसा देकर 4.53 लाख की ठगी
Sat, 17 Jan 2026 12:18 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Sat, 17 Jan 2026 12:18 AM IST
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चरखी दादरी। गांव ढाणी फोगाट निवासी एसएसबी में सेवारत एक व्यक्ति के साथ ट्रेडिंग में निवेश कर मुनाफा कमाने का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी कर ली। पीड़ित की शिकायत पर दादरी साइबर क्राइम थाना पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पीड़ित नरेंद्र कुमार ने शिकायत में बताया कि पांच अक्तूबर 2025 को किसी अज्ञात व्यक्ति ने उसे व्हाट्सएप के माध्यम से एक ग्रुप में जोड़ा। इस ग्रुप में शेयर बाजार, आईपीओ, म्यूचुअल फंड और स्टॉक्स में निवेश से जुड़े टिप्स साझा किए जाते थे। नौ दिसंबर को उसने ग्रुप के एडमिन से व्हाट्सएप पर निवेश को लेकर बातचीत की। एडमिन ने उसे एक अन्य मोबाइल नंबर देकर आगे की जानकारी लेने को कहा। इसके बाद उक्त व्यक्ति ने उसे एक लिंक भेजा और मोबाइल में एक एप डाउनलोड करवाई। एप पर यूजर आईडी और पासवर्ड बनवाने के बाद उससे निवेश के नाम पर ट्रांजेक्शन के जरिए खाते में ढाई लाख रुपये जमा करवा लिए गए।
इसके बाद 23 दिसंबर को उसे लोन भरने के बहाने दो लाख तीन हजार रुपये और ट्रांसफर करवाए। जब नरेंद्र ने एप के जरिए अपने रुपये निकालने के लिए आवेदन किया तो एप में अंडर रिव्यू दिखने लगा। कस्टमर केयर से संपर्क करने पर पहले 48 घंटे में भुगतान होने की बात कही गई, लेकिन तय समय बीतने के बावजूद राशि खाते में नहीं आई। बाद में कस्टमर केयर ने वीआईपी प्लान खत्म होने और कमीशन बकाया होने का बहाना बनाकर और पैसे जमा कराने का दबाव बनाया। इस पर नरेंद्र को ठगी का अहसास हुआ। संवाद
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पीड़ित नरेंद्र कुमार ने शिकायत में बताया कि पांच अक्तूबर 2025 को किसी अज्ञात व्यक्ति ने उसे व्हाट्सएप के माध्यम से एक ग्रुप में जोड़ा। इस ग्रुप में शेयर बाजार, आईपीओ, म्यूचुअल फंड और स्टॉक्स में निवेश से जुड़े टिप्स साझा किए जाते थे। नौ दिसंबर को उसने ग्रुप के एडमिन से व्हाट्सएप पर निवेश को लेकर बातचीत की। एडमिन ने उसे एक अन्य मोबाइल नंबर देकर आगे की जानकारी लेने को कहा। इसके बाद उक्त व्यक्ति ने उसे एक लिंक भेजा और मोबाइल में एक एप डाउनलोड करवाई। एप पर यूजर आईडी और पासवर्ड बनवाने के बाद उससे निवेश के नाम पर ट्रांजेक्शन के जरिए खाते में ढाई लाख रुपये जमा करवा लिए गए।
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इसके बाद 23 दिसंबर को उसे लोन भरने के बहाने दो लाख तीन हजार रुपये और ट्रांसफर करवाए। जब नरेंद्र ने एप के जरिए अपने रुपये निकालने के लिए आवेदन किया तो एप में अंडर रिव्यू दिखने लगा। कस्टमर केयर से संपर्क करने पर पहले 48 घंटे में भुगतान होने की बात कही गई, लेकिन तय समय बीतने के बावजूद राशि खाते में नहीं आई। बाद में कस्टमर केयर ने वीआईपी प्लान खत्म होने और कमीशन बकाया होने का बहाना बनाकर और पैसे जमा कराने का दबाव बनाया। इस पर नरेंद्र को ठगी का अहसास हुआ। संवाद
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