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Charkhi Dadri News: दो पारियों में 4407 अभ्यर्थियों ने दी परीक्षा, 333 रहे गैरहाजिर
Sun, 03 Dec 2023 10:30 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Sun, 03 Dec 2023 10:30 PM IST
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एपीजी कॉलेज के गेट पर लगी पात्रता परीक्षा के अभ्यर्थियों की लाइन।
चरखी दादरी। शिक्षक पात्रता परीक्षा रविवार को दो पारियों में संपन्न हुई। सुबह की पारी में आयोजित लेवल दो की परीक्षा में 206 उम्मीदवार अनुपस्थित रहे। परीक्षा में कुल 3465 में से 3259 उम्मीदवार शामिल हुए। इसी प्रकार शाम की पारी में लेवल- 1 की परीक्षा में कुल 1275 में से 1148 उम्मीदवार प्रविष्ट हुए। इस परीक्षा में 127 उम्मीदवार अनुपस्थित रहे।
बता दें कि शिक्षक पात्रता परीक्षा को लेकर जिले में 12 केंद्र बनाए गए थे। सुबह के सत्र में 12 केंद्रों पर लेवल 2 की परीक्षा ली गई उसमें 3259 परीक्षार्थी शामिल हुए। उसके बाद शाम के सत्र में 5 परीक्षा केंद्रों पर 1148 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। इस तरह दोनों सत्रों में लेवल 1 व 2 के कुल 4740 परीक्षार्थियों में से 4407 ने परीक्षा दी और कुल 333 अभ्यर्थी गैरहाजिर रहे। दोनों सत्रों में परीक्षा शांतिपूर्वक तरीके से संपन्न हुई। परीक्षा में नकल रोकने को लेकर सात उड़नदस्तों का गठन किया गया। उड़नदस्तों ने केंद्रों का लगातार निरीक्षण किया।
जिला नोडल अधिकारी डीईईओ नवीन नारा ने बताया कि परीक्षा के दौरान एडीसी जयेंद्र छिल्लर, एसडीएम नवीन कुमार, शिक्षा बोर्ड चेयरमैन फ्लाइंग, डीईओ प्लाइंग, शिक्षा निदेशक फ्लाइंग, आरएफी स्क्वायर्ड आदि ने केंद्रों का निरीक्षण किया। नोडल अधिकारी नारा ने बताया कि सुबह की पारी में 12 व शाम की पारी में पांच केंद्रों में परीक्षा संपन्न कराई गई। इस दौरान केंद्रों में जैमर भी लगाए गए। कमरों में उम्मीदवारों के लिए समय की सुविधा के लिए दीवार घड़ी भी लगाई गई ताकि वह समय के अनुसार अपना पेपर पूरा कर सकें।
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निर्देशों के बाद भी गहने पहने पहुंची कई महिला अभ्यर्थी
बोर्ड के निर्देशानुसार महिलाओं के लिए मंगलसूत्र पहनने और बिंदी लगाने की छूट दी गई थी। उसके बाद भी कई महिला अभ्यर्थी नाक में बाली, कोका आदि पहनकर पहुंच गई। इसके अलावा कई महिलाएं तो हाथों में चूड़ियां भी पहनकर पहुंच गई। लेकिन बोर्ड के निर्देशों के अनुसार उनको ये सब निकालने पड़े।
गेट बंद होने से पहले भागते हुए पहुंचीं महिला अभ्यर्थी
सुबह के सत्र में लेवल 2 की परीक्षा ली गई थी। परीक्षा में एंट्री टाइम सुबह 9 बजे तक था। जनता कॉलेज में बने केंद्र पर कई महिला अभ्यर्थियों ने गेट बंद होता देख भागते-भागते प्रवेश किया।
फोटो सत्यापित करवाना भूली तो मौके पर राजपत्रित अधिकारी ने की
सुबह के सत्र में परीक्षा देने आई एक महिला अभ्यर्थी रोल नंबर पर लगी फोटो को सत्यापित करवाना भूल गई। ऐसे में वहां केंद्र के बाहर मौजूद राजपत्रित अधिकारी ने उसकी फोटो सत्यापित की। उसके बाद उसे केंद्र में प्रवेश मिला।
बच्चों को संभालने की आई जिम्मेदारी
परीक्षा देने वालों में ज्यादा संख्या महिला अभ्यर्थियों की रही। ऐसे में बच्चों को संभालने की जिम्मेदारी उनके संग आए परिजनों की रही। परीक्षा खत्म होने तक करीब तीन घंटे तक परिजन बच्चों को संभालते नजर आए। जहां बच्चे की मां अंदर परीक्षा दे रही थी, वहीं बाहर परिजन बच्चों को संभालने की परीक्षा देते नजर आए।
हाथ पर बंधा धागा भी खोलना पड़ा
परीक्षा देने के लिए किसी भी केंद्र पर परीक्षार्थी को हाथ पर धागा बांधने की अनुमति तक नहीं थी। ऐसे में उनको गेट से वापस भेजा गया। उसके बाद उन्होंने हाथ पर बंधे धागे को जब खोल नहीं पाए तो उसे तोड़ना पड़ा।
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बता दें कि शिक्षक पात्रता परीक्षा को लेकर जिले में 12 केंद्र बनाए गए थे। सुबह के सत्र में 12 केंद्रों पर लेवल 2 की परीक्षा ली गई उसमें 3259 परीक्षार्थी शामिल हुए। उसके बाद शाम के सत्र में 5 परीक्षा केंद्रों पर 1148 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। इस तरह दोनों सत्रों में लेवल 1 व 2 के कुल 4740 परीक्षार्थियों में से 4407 ने परीक्षा दी और कुल 333 अभ्यर्थी गैरहाजिर रहे। दोनों सत्रों में परीक्षा शांतिपूर्वक तरीके से संपन्न हुई। परीक्षा में नकल रोकने को लेकर सात उड़नदस्तों का गठन किया गया। उड़नदस्तों ने केंद्रों का लगातार निरीक्षण किया।
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जिला नोडल अधिकारी डीईईओ नवीन नारा ने बताया कि परीक्षा के दौरान एडीसी जयेंद्र छिल्लर, एसडीएम नवीन कुमार, शिक्षा बोर्ड चेयरमैन फ्लाइंग, डीईओ प्लाइंग, शिक्षा निदेशक फ्लाइंग, आरएफी स्क्वायर्ड आदि ने केंद्रों का निरीक्षण किया। नोडल अधिकारी नारा ने बताया कि सुबह की पारी में 12 व शाम की पारी में पांच केंद्रों में परीक्षा संपन्न कराई गई। इस दौरान केंद्रों में जैमर भी लगाए गए। कमरों में उम्मीदवारों के लिए समय की सुविधा के लिए दीवार घड़ी भी लगाई गई ताकि वह समय के अनुसार अपना पेपर पूरा कर सकें।
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निर्देशों के बाद भी गहने पहने पहुंची कई महिला अभ्यर्थी
बोर्ड के निर्देशानुसार महिलाओं के लिए मंगलसूत्र पहनने और बिंदी लगाने की छूट दी गई थी। उसके बाद भी कई महिला अभ्यर्थी नाक में बाली, कोका आदि पहनकर पहुंच गई। इसके अलावा कई महिलाएं तो हाथों में चूड़ियां भी पहनकर पहुंच गई। लेकिन बोर्ड के निर्देशों के अनुसार उनको ये सब निकालने पड़े।
गेट बंद होने से पहले भागते हुए पहुंचीं महिला अभ्यर्थी
सुबह के सत्र में लेवल 2 की परीक्षा ली गई थी। परीक्षा में एंट्री टाइम सुबह 9 बजे तक था। जनता कॉलेज में बने केंद्र पर कई महिला अभ्यर्थियों ने गेट बंद होता देख भागते-भागते प्रवेश किया।
फोटो सत्यापित करवाना भूली तो मौके पर राजपत्रित अधिकारी ने की
सुबह के सत्र में परीक्षा देने आई एक महिला अभ्यर्थी रोल नंबर पर लगी फोटो को सत्यापित करवाना भूल गई। ऐसे में वहां केंद्र के बाहर मौजूद राजपत्रित अधिकारी ने उसकी फोटो सत्यापित की। उसके बाद उसे केंद्र में प्रवेश मिला।
बच्चों को संभालने की आई जिम्मेदारी
परीक्षा देने वालों में ज्यादा संख्या महिला अभ्यर्थियों की रही। ऐसे में बच्चों को संभालने की जिम्मेदारी उनके संग आए परिजनों की रही। परीक्षा खत्म होने तक करीब तीन घंटे तक परिजन बच्चों को संभालते नजर आए। जहां बच्चे की मां अंदर परीक्षा दे रही थी, वहीं बाहर परिजन बच्चों को संभालने की परीक्षा देते नजर आए।
हाथ पर बंधा धागा भी खोलना पड़ा
परीक्षा देने के लिए किसी भी केंद्र पर परीक्षार्थी को हाथ पर धागा बांधने की अनुमति तक नहीं थी। ऐसे में उनको गेट से वापस भेजा गया। उसके बाद उन्होंने हाथ पर बंधे धागे को जब खोल नहीं पाए तो उसे तोड़ना पड़ा।