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Charkhi Dadri News: एक आधार कार्ड पर किसान को मिलेंगे डीएपी के चार बैग
Thu, 26 Sep 2024 05:29 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Thu, 26 Sep 2024 05:29 AM IST
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अमर उजाला खास खबर:
कमी की आशंका के चलते किसानों ने एक माह पहले शुरू की खाद की खरीद, 55 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में इस बार सरसों की बिजाई होने का अनुमान संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। एक आधार कार्ड पर किसान को डीएपी के चार बैग मिलेंगे। सरसों की बिजाई में एक माह का समय बचा है जबकि किसानों ने अभी से डीएपी खरीदनी शुरू कर दिया है। आने वाले समय में खाद की किल्लत न हो, इसे देखते हुए किसान पहले से ही खाद खरीद रहे हैं। ताकि, बाद में लंबी कतारों में न खड़ा होना पड़े।
जिले में इस बार करीब 55 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सरसों की बिजाई होने का अनुमान है। जिले का कुल कृषि योग्य रकबा 1,22,358 हेक्टेयर क्षेत्र है। वहीं, चरखी दादरी में डीएपी एवं यूरिया खाद का जिलास्तर का भंडारण केंद्र अभी तक नहीं बन सका है। इस समय पुराने जिला मुख्यालय भिवानी में दादरी जिले के हिस्से की खाद पहुंच रही है। इससे पर्याप्त मात्रा में खाद नहीं मिल पाती है।
दरअसल, हिसार में डीएपी खाद बिक्री के लिए आईपीएल केंद्र बना रखा है। हिसार से खाद भिवानी जिला मुख्यालय पहुंचती है। बाद में भिवानी से दादरी के हिस्से की खाद जारी होती है। डीएपी खाद का दादरी जिला में गोदाम नहीं होनेे की वजह से भिवानी जिला मुख्यालय से आपूर्ति करनी पड़ती है।
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रबी की नकदी फसल माने जाने वाली सरसों की बिजाई का कार्य अक्तूबर माह में शुरू होने जा रहा है। ऐसे में किसानों को डीएपी खाद की जरूरत पड़ेगी। पिछले साल किसानों की इफको केंद्रों व पैक्स सोसायटी के कार्यालयों में लंबी कतारें लगी रहीं।
- पिछले साल एक किसान को मिले थे तीन बैग
पिछले साल एक किसान को आधार कार्ड पर 50 किलोग्राम वजन के तीन बैग दिए जा रहे थे। डीएपी खाद का उत्पादन देश में गुजरात स्थित कांंडला व उड़ीसा प्लांट में होता है। यह देश में खपत के लिहाज से काफी कम है। हालांकि, सरकार नैनो यूरिया व नैनो डीएपी भी बाजार में उपलब्ध करवा रही है। सरकार को खाद पर सब्सिडी भी देनी पड़ती है।
प्रति एकड़ कम से कम एक बैग डीएपी व एक बैग यूरिया की जरूरत होती है। इस बार एक किसान को एक आधार कार्ड पर चार बैग डीएपी दी जा रही है।
- अब तक 7,000 बैग खरीद चुके किसान
किसानों ने एक माह पहले ही डीएपी खरीदनी शुरू कर दी है। अब तक विभिन्न एजेंसी केंद्रों से करीब सात हजार बैग की बिक्री हो चुकी है। डीएपी की कीमत 2650 रुपये प्रति बैग है। फिलहाल, सोसायटी ने पांच बैग की और मांग भेज रखी है। इसमें से 2800 बैग आ चुके हैं। 1200 आने बाकी हैं। खाद के लिए सुबह से किसान सोसायटी कार्यालय में पहुंच जाता है।
वर्सन:
रबी सीजन में डीएपी की कमी नहीं रहने दी जाएगी। एक आधार कार्ड पर चार बैग दिए जा रहे हैं। जरूरत के अनुसार खाद मंगवाई जा रही है। किसान समय से पहले ही खाद की खरीद करने लगे हैं।
-राजेश कुमार, सहायक प्रबंधक, जमीदारा सोसायटी
फोटो-42
जमीदारा सोसायटी कार्यालय। संवाद
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कमी की आशंका के चलते किसानों ने एक माह पहले शुरू की खाद की खरीद, 55 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में इस बार सरसों की बिजाई होने का अनुमान संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। एक आधार कार्ड पर किसान को डीएपी के चार बैग मिलेंगे। सरसों की बिजाई में एक माह का समय बचा है जबकि किसानों ने अभी से डीएपी खरीदनी शुरू कर दिया है। आने वाले समय में खाद की किल्लत न हो, इसे देखते हुए किसान पहले से ही खाद खरीद रहे हैं। ताकि, बाद में लंबी कतारों में न खड़ा होना पड़े।
जिले में इस बार करीब 55 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सरसों की बिजाई होने का अनुमान है। जिले का कुल कृषि योग्य रकबा 1,22,358 हेक्टेयर क्षेत्र है। वहीं, चरखी दादरी में डीएपी एवं यूरिया खाद का जिलास्तर का भंडारण केंद्र अभी तक नहीं बन सका है। इस समय पुराने जिला मुख्यालय भिवानी में दादरी जिले के हिस्से की खाद पहुंच रही है। इससे पर्याप्त मात्रा में खाद नहीं मिल पाती है।
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दरअसल, हिसार में डीएपी खाद बिक्री के लिए आईपीएल केंद्र बना रखा है। हिसार से खाद भिवानी जिला मुख्यालय पहुंचती है। बाद में भिवानी से दादरी के हिस्से की खाद जारी होती है। डीएपी खाद का दादरी जिला में गोदाम नहीं होनेे की वजह से भिवानी जिला मुख्यालय से आपूर्ति करनी पड़ती है।
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रबी की नकदी फसल माने जाने वाली सरसों की बिजाई का कार्य अक्तूबर माह में शुरू होने जा रहा है। ऐसे में किसानों को डीएपी खाद की जरूरत पड़ेगी। पिछले साल किसानों की इफको केंद्रों व पैक्स सोसायटी के कार्यालयों में लंबी कतारें लगी रहीं।
- पिछले साल एक किसान को मिले थे तीन बैग
पिछले साल एक किसान को आधार कार्ड पर 50 किलोग्राम वजन के तीन बैग दिए जा रहे थे। डीएपी खाद का उत्पादन देश में गुजरात स्थित कांंडला व उड़ीसा प्लांट में होता है। यह देश में खपत के लिहाज से काफी कम है। हालांकि, सरकार नैनो यूरिया व नैनो डीएपी भी बाजार में उपलब्ध करवा रही है। सरकार को खाद पर सब्सिडी भी देनी पड़ती है।
प्रति एकड़ कम से कम एक बैग डीएपी व एक बैग यूरिया की जरूरत होती है। इस बार एक किसान को एक आधार कार्ड पर चार बैग डीएपी दी जा रही है।
- अब तक 7,000 बैग खरीद चुके किसान
किसानों ने एक माह पहले ही डीएपी खरीदनी शुरू कर दी है। अब तक विभिन्न एजेंसी केंद्रों से करीब सात हजार बैग की बिक्री हो चुकी है। डीएपी की कीमत 2650 रुपये प्रति बैग है। फिलहाल, सोसायटी ने पांच बैग की और मांग भेज रखी है। इसमें से 2800 बैग आ चुके हैं। 1200 आने बाकी हैं। खाद के लिए सुबह से किसान सोसायटी कार्यालय में पहुंच जाता है।
वर्सन:
रबी सीजन में डीएपी की कमी नहीं रहने दी जाएगी। एक आधार कार्ड पर चार बैग दिए जा रहे हैं। जरूरत के अनुसार खाद मंगवाई जा रही है। किसान समय से पहले ही खाद की खरीद करने लगे हैं।
-राजेश कुमार, सहायक प्रबंधक, जमीदारा सोसायटी
फोटो-42
जमीदारा सोसायटी कार्यालय। संवाद