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Charkhi Dadri News: बारिश से सब्जी व फूलों की खेती में 30 से 40 प्रतिशत तक नुकसान
Mon, 10 Jul 2023 11:42 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Mon, 10 Jul 2023 11:42 PM IST
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खेत में बिजित सब्जी दिखाता किसान।
चरखी दादरी। जिले में पिछले कुछ दिनों से नियमित अंतराल पर बारिश हो रही है। इससे फूलों व सब्जी की खेती में 30 से 40 प्रतिशत तक नुकसान होने का अनुमान है। जिले में करीब 11 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सब्जी व फलों की खेती है। बारिश की वजह से खेत में जलभराव होने पर सब्जियों की पत्तियां सड़ने लगती हैं और जड़ें भी जवाब दे जाती हैं। कृषि विशेषज्ञ आने वाले समय में सब्जियों व फलों की पैदावार कम होने का अनुमान जता रहे हैं।
बेल वाली सब्जियों की बिजाई फरवरी माह में ही कर दी थी। उसके बाद मार्च में बारिश हुई। अप्रैल, मई जून व अब जुलाई में भी बारिश का सिलसिला जारी है। ऐसे में खराब मौसम की वजह से फूलों व सब्जी की खेती खराब हो रही है। सब्जी की खेती में फूल व फल खराब हो जाते हैं जिससे औसत पैदावार पर प्रतिकूल असर पड़ता है। करेला बारिश में जल्दी खराब हो रहा है। जलभराव ज्यादा मात्रा में होने से घीया व तोरी की बेल भी खराब होती है। इनके फूल झड़कर गिर जाते हैं।
बता दें कि जिले के विभिन्न भागों में किसानों ने ककड़ी, घीया, तोरी, टमाटर, हरी मिर्च, भिंडी आदि सब्जियों की फसलों की खेती होती है। इनमें अगेती व पछेती दोनों प्रकार की किस्में शामिल हैं। फूलों की खेती में ज्यादा नुकसान हो रहा है। बारिश की झड़ी में फूल झड़कर नीचे गिर जाते हैं इससे पैदावार कम होती है और किसान को घाटा झेलना पड़ता है वहीं फूलों की खेती में लागत खर्च भी ज्यादा आता है। इसके बीज काफी महंगे होते हैं।
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- गल रही बेल, फल आना बंद
बारिश की बूंदें लगने पर करेला खराब हो रहा है। बारिश की मार बेल पर पड़ रही है और जलभराव के चलते बेल गल जाती है। इसी प्रकार घीया व तोरी की बेलों का भी ये ही हाल है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार बेल गलने से फल आना बंद हो जाता है। इनमें पानी की ज्यादा मात्रा में जरूरत नहीं होती ।
पानी एकत्र न होने दें किसान
कृषि वैज्ञानिकों की किसानों से सलाह है कि खेत में पानी एकत्र न होने दें। पानी निकासी का उचित प्रबंध करना चाहिए ताकि लंबे समय तक जलभराव होने पर फसल नष्ट न होने पाए। वैज्ञानिकों का सुझाव है कि किसान सब्जी वाले खेत में अतिरिक्त पानी काे अलग से गड्ढा बनाकर एकत्रित करें। इस पानी से जहां भूमिगत वाटर रिचार्ज होगा तो वहीं मानसून के बाद सिंचाई में भी इसका सदुपयोग किया जा सकेगा।
बारिश से सब्जी व फूलों की खेती में 30 से 40 प्रतिशत नुकसान होने का अनुमान है। जलभराव होने पर पत्तियां सड़ने लगती हैं। फूल झड़ जाते हैं। इससे उत्पादन में गिरावट आएगी। किसान सब्जी वाले खेत में पानी का ठहराव न होने दें।
डॉ. चंद्रभान, कृषि विशेषज्ञ
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बेल वाली सब्जियों की बिजाई फरवरी माह में ही कर दी थी। उसके बाद मार्च में बारिश हुई। अप्रैल, मई जून व अब जुलाई में भी बारिश का सिलसिला जारी है। ऐसे में खराब मौसम की वजह से फूलों व सब्जी की खेती खराब हो रही है। सब्जी की खेती में फूल व फल खराब हो जाते हैं जिससे औसत पैदावार पर प्रतिकूल असर पड़ता है। करेला बारिश में जल्दी खराब हो रहा है। जलभराव ज्यादा मात्रा में होने से घीया व तोरी की बेल भी खराब होती है। इनके फूल झड़कर गिर जाते हैं।
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बता दें कि जिले के विभिन्न भागों में किसानों ने ककड़ी, घीया, तोरी, टमाटर, हरी मिर्च, भिंडी आदि सब्जियों की फसलों की खेती होती है। इनमें अगेती व पछेती दोनों प्रकार की किस्में शामिल हैं। फूलों की खेती में ज्यादा नुकसान हो रहा है। बारिश की झड़ी में फूल झड़कर नीचे गिर जाते हैं इससे पैदावार कम होती है और किसान को घाटा झेलना पड़ता है वहीं फूलों की खेती में लागत खर्च भी ज्यादा आता है। इसके बीज काफी महंगे होते हैं।
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- गल रही बेल, फल आना बंद
बारिश की बूंदें लगने पर करेला खराब हो रहा है। बारिश की मार बेल पर पड़ रही है और जलभराव के चलते बेल गल जाती है। इसी प्रकार घीया व तोरी की बेलों का भी ये ही हाल है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार बेल गलने से फल आना बंद हो जाता है। इनमें पानी की ज्यादा मात्रा में जरूरत नहीं होती ।
पानी एकत्र न होने दें किसान
कृषि वैज्ञानिकों की किसानों से सलाह है कि खेत में पानी एकत्र न होने दें। पानी निकासी का उचित प्रबंध करना चाहिए ताकि लंबे समय तक जलभराव होने पर फसल नष्ट न होने पाए। वैज्ञानिकों का सुझाव है कि किसान सब्जी वाले खेत में अतिरिक्त पानी काे अलग से गड्ढा बनाकर एकत्रित करें। इस पानी से जहां भूमिगत वाटर रिचार्ज होगा तो वहीं मानसून के बाद सिंचाई में भी इसका सदुपयोग किया जा सकेगा।
बारिश से सब्जी व फूलों की खेती में 30 से 40 प्रतिशत नुकसान होने का अनुमान है। जलभराव होने पर पत्तियां सड़ने लगती हैं। फूल झड़ जाते हैं। इससे उत्पादन में गिरावट आएगी। किसान सब्जी वाले खेत में पानी का ठहराव न होने दें।
डॉ. चंद्रभान, कृषि विशेषज्ञ