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बाजरा रजिस्ट्रेशन के सत्यापन के बाद 27 सौ किसान मिले अपात्र
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2700 farmers found ineligible after verification of millet registration
- फोटो : CharkhiDadri
डीसी के निर्देश पर कृषि विभाग ने बाजरा खरीद के लिए किसानों के सत्यापन का कार्य पूरा कर लिया है। जिले में 8500 में 5800 किसान बाजरा बिक्री के पात्र पाए गए हैं, वहीं 2700 किसान अयोग्य पाए गए हैं। सत्यापन के दौरान सामने आया है कि एक ही परिवार में तीन सदस्यों ने पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करवा रखा था। कृषि विभाग ने यह सत्यापन की रिपोर्ट तैयार कर डीसी कार्यालय में जमा करवा दी है।
बीते खरीफ सीजन में जिले में बाजरा बिक्री के लिए 28 हजार किसानों ने मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करवाया था। एक अक्तूबर से बाजरा की सरकारी खरीद शुरू हुई। इस दौरान मार्केट कमेटी की ओर से 8500 किसानों का बाजरा खरीदा नहीं खरीदा गया। बाद में सरकार ने इन 8500 किसानों के पंजीकरण को वेरिफाई करवाने का निर्णय लिया और कृषि विभाग के अधिकारियों का ड्यूटी लगाई। कृषि विभाग की टीमों ने गांवों मेें घर-घर जाकर बाजरा का सत्यापन किया। टीम ने संबंधित किसान से बाजरा का बिजित रकबा, बाजरा की पैदावार की विवरण जुटाया और मौके से बाजरा के साथ किसान या उसके परिवार के सदस्य की फोटो भी ली गई। करीब 20 क्विंटल से ज्यादा बाजरा की बिक्री करने वाले किसानों के फोटो लिए हैं। इस दौरान बहुत से ऐसे किसान भी पाए हैं, जिन्होंने बाजरा बोया ही नहीं था, जबकि रजिस्ट्रेशन करवा रखा था तो किसी ने एक ही परिवार के तीन सदस्यों ने अलग-अलग रजिस्ट्रेशन करवा रखे थे। कई किसान प्राइवेट तौर बाजरा की पहले से ही बेच चुके थे। कई किसान दूसरे किसान के साथ मिलकर बाजरा की बिक्री कर गए, जिन्होंने ज्यादा क्विंटल बाजरे का रजिस्ट्रेशन करवा रखा था और उनकी पैदावार कम रही थी।
नई गाइडलाइन के मुताबिक होगी खरीद
जिला में सत्यापन कार्य पूरा होने के बाद 2700 किसानों के रजिस्ट्रेशन अपात्र पाए गए हैं। सत्यापन कार्य पूरा होने के बाद अब इन पात्र किसानों का बाजरा की सरकारी खरीद होने का रास्ता साफ हो गया है। विभाग सूत्रों के अनुसार सोमवार तक बाजरा खरीद के लिए
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मुख्यालय से नई गाइडलाइन जारी होने की उम्मीद है। ऐसे में वंचित रहे पात्र किसान अब अपनी बाजरा की बिक्री कर सकेंगे।
16 नवंबर से बंद कर रखी है खरीद
मार्केट कमेटी कार्यालय ने 16 नवंबर से बाजरा की सरकारी खरीद बंद कर रखी है। 14 नवंबर को 437 किसानों को टोकन जारी हो चुके हैं, लेकिन इन किसानों का बाजरा खरीदा नहीं जा सका है। इसे लेकर आढ़ती और किसानों ने रोष प्रदर्शन किया था। बाद में एसडीएम ने मौके पर किसानों और आढ़तियों को आश्वासन दिया था। अब टोकन कट चुके इन 437 किसानों में भी बाजरा बिक्री होने की उम्मीद भी जगी है।
सोमवार तक मुख्यालय से बाजरा खरीद के लिए गाइडलाइन मिलने की संभावना है। सत्यापन का कार्य पूरा हो चुका है। सत्यापन के दौरान अब 27 सौ किसान बिक्री के लिए अपात्र पाए गए हैं। जैसे ही सरकार की ओर से गाइडलाइन आएगी, मार्केट कमेटी की ओर से गेट पास जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
- सुरेश खोखर, सचिव, चरखी दादरी मार्केट कमेटी
उपायुक्त के निर्देश पर कृषि विभाग ने बाजरा सत्यापन का कार्य पूरा कर रिपोर्ट डीसी कार्यालय भेज दी है। सत्यापन के दौरान कई किसान परिवारों ने तो तीन-तीन रजिस्ट्रेशन करवा रखे थे। इस प्रकार 2700 किसान अब बाजरा बिक्री के अपात्र पाए गए हैं।
डॉ. जितेंद्र सिहाग, टीए, कृषि विभाग
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बीते खरीफ सीजन में जिले में बाजरा बिक्री के लिए 28 हजार किसानों ने मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करवाया था। एक अक्तूबर से बाजरा की सरकारी खरीद शुरू हुई। इस दौरान मार्केट कमेटी की ओर से 8500 किसानों का बाजरा खरीदा नहीं खरीदा गया। बाद में सरकार ने इन 8500 किसानों के पंजीकरण को वेरिफाई करवाने का निर्णय लिया और कृषि विभाग के अधिकारियों का ड्यूटी लगाई। कृषि विभाग की टीमों ने गांवों मेें घर-घर जाकर बाजरा का सत्यापन किया। टीम ने संबंधित किसान से बाजरा का बिजित रकबा, बाजरा की पैदावार की विवरण जुटाया और मौके से बाजरा के साथ किसान या उसके परिवार के सदस्य की फोटो भी ली गई। करीब 20 क्विंटल से ज्यादा बाजरा की बिक्री करने वाले किसानों के फोटो लिए हैं। इस दौरान बहुत से ऐसे किसान भी पाए हैं, जिन्होंने बाजरा बोया ही नहीं था, जबकि रजिस्ट्रेशन करवा रखा था तो किसी ने एक ही परिवार के तीन सदस्यों ने अलग-अलग रजिस्ट्रेशन करवा रखे थे। कई किसान प्राइवेट तौर बाजरा की पहले से ही बेच चुके थे। कई किसान दूसरे किसान के साथ मिलकर बाजरा की बिक्री कर गए, जिन्होंने ज्यादा क्विंटल बाजरे का रजिस्ट्रेशन करवा रखा था और उनकी पैदावार कम रही थी।
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नई गाइडलाइन के मुताबिक होगी खरीद
जिला में सत्यापन कार्य पूरा होने के बाद 2700 किसानों के रजिस्ट्रेशन अपात्र पाए गए हैं। सत्यापन कार्य पूरा होने के बाद अब इन पात्र किसानों का बाजरा की सरकारी खरीद होने का रास्ता साफ हो गया है। विभाग सूत्रों के अनुसार सोमवार तक बाजरा खरीद के लिए
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मुख्यालय से नई गाइडलाइन जारी होने की उम्मीद है। ऐसे में वंचित रहे पात्र किसान अब अपनी बाजरा की बिक्री कर सकेंगे।
16 नवंबर से बंद कर रखी है खरीद
मार्केट कमेटी कार्यालय ने 16 नवंबर से बाजरा की सरकारी खरीद बंद कर रखी है। 14 नवंबर को 437 किसानों को टोकन जारी हो चुके हैं, लेकिन इन किसानों का बाजरा खरीदा नहीं जा सका है। इसे लेकर आढ़ती और किसानों ने रोष प्रदर्शन किया था। बाद में एसडीएम ने मौके पर किसानों और आढ़तियों को आश्वासन दिया था। अब टोकन कट चुके इन 437 किसानों में भी बाजरा बिक्री होने की उम्मीद भी जगी है।
सोमवार तक मुख्यालय से बाजरा खरीद के लिए गाइडलाइन मिलने की संभावना है। सत्यापन का कार्य पूरा हो चुका है। सत्यापन के दौरान अब 27 सौ किसान बिक्री के लिए अपात्र पाए गए हैं। जैसे ही सरकार की ओर से गाइडलाइन आएगी, मार्केट कमेटी की ओर से गेट पास जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
- सुरेश खोखर, सचिव, चरखी दादरी मार्केट कमेटी
उपायुक्त के निर्देश पर कृषि विभाग ने बाजरा सत्यापन का कार्य पूरा कर रिपोर्ट डीसी कार्यालय भेज दी है। सत्यापन के दौरान कई किसान परिवारों ने तो तीन-तीन रजिस्ट्रेशन करवा रखे थे। इस प्रकार 2700 किसान अब बाजरा बिक्री के अपात्र पाए गए हैं।
डॉ. जितेंद्र सिहाग, टीए, कृषि विभाग