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Charkhi Dadri News: नौकरी से हटाने पर 27 चालकों ने नगर परिषद कार्यालय में ही रोके रखे ऑटो टिप्पर
Fri, 11 Aug 2023 11:49 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Fri, 11 Aug 2023 11:49 PM IST
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नगर परिषद कार्यालय में ऑटो टिप्पर के आगे बैठे पार्षद और हटाए गए चालक।
चरखी दादरी। शहर में शुक्रवार को सफाई की नई व्यवस्था के पहले दिन ही बवाल हो गया। एजेंसी के काम संभालते ही नगर परिषद ने कौशल रोजगार निगम के तहत लगे 27 चालकों को बाहर का रास्ता दिखा दिया। इससे आक्रोशित चालकों ने नगर परिषद कार्यालय से एजेंसी का एक वाहन भी नहीं निकलने दिया।
वहीं, कर्मचारी यूनियनें भी उनके समर्थन में आ गईं। हालांकि दोपहर बाद एजेंसी प्रतिनिधियों ने उन्हें भर्ती करने का आश्वासन देकर शांत किया और इसके बाद ही कचरा उठान करने वाले वाहन नगर परिषद कार्यालय से बाहर निकले। बता दें कि शुक्रवार से शहर में सफाई की नई व्यवस्था लागू हो गई है। इसके तहत सड़कों और गलियों की सफाई नगर परिषद के कर्मचारी करेंगे जबकि डोर-टू-डोर और डंपिंग प्वाइंट से कचरा एजेंसी के कर्मचारी उठाएंगे। वीरवार को नगर परिषद ने अपने 22 वाहन एजेंसी को सौंप दिए थे।
वहीं, इन वाहनों को चलाने वाले 27 चालकों को अधिकारियों ने शुक्रवार सुबह बाहर का रास्ता दिखा दिया। इससे खफा चालकों ने नगर परिषद के मेन गेट के पास धरना शुरू कर दिया और नौकरी बहाल होने तक कचरा उठान करने वाले किसी भी वाहन को बाहर न निकलने देने की चेतावनी दी। इस हंगामे का असर सफाई व्यवस्था पर भी पड़ा।
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दूसरी ओर 12 वार्डाें के पार्षद भी हटाए गए चालकों के समर्थन में आ गए। गहमागहमी बढ़ती देख बस स्टैंड चौकी प्रभारी संदीप पिलानिया और सिटी थाना प्रभारी राजकुमार भी अपनी टीम के साथ नगर परिषद कार्यालय पहुंचे। उनके समक्ष कर्मचारी नेताओं ने दो टूक बात कही, जिसमें उन्होंने नौकरी बहाली न होने पर और कड़े कदम उठाने की चेतावनी दी। वहीं, विभिन्न यूनियनों के नेता भी इस मामले को लेकर ईओ अभे सिंह यादव से मिले।
दोपहर बाद 3: 35 पर निकले ऑटो टिप्पर
सुबह करीब साढ़े 10 बजे चालकों को हटाने पर बवाल शुरू हुआ था जो दोपहर करीब साढ़े तीन बजे शांत हुआ। 3:35 पर ऑटो टिप्पर और ट्रैक्टर-ट्रॉली नगर परिषद कार्यालय से निकले। हालांकि कई घंटे वाहन खड़े रहने से एजेंसी पहले दिन सभी वार्डाें को कवर नहीं कर पाई।
फिलहाल 27 वाहनों से होगा कचरा उठान, बाद में बढ़ेगी संख्या
एजेंसी अपने पांच वाहन लेकर नगर परिषद कार्यालय पहुंची। इनमें चार ऑटो टिप्पर और एक ट्रैक्टर-ट्रॉली शामिल हैं। इसके अलावा 22 वाहन नगर परिषद की ओर से दिए गए हैं। एजेंसी अधिकारियों के अनुसार फिलहाल 27 वाहनों से कचरे का उठान किया जाएगा। जल्द ही बेड़े में और वाहन शामिल किए जाएंगे।
ये पार्षद आए कर्मचारियों के समर्थन में
वार्ड-एक से पार्षद जय सिंह लांबा, वार्ड-2 से पार्षद प्रतिनिधि नरेंद्र दहिया, वार्ड-3 से पार्षद प्रतिनिधि जितेंद्र, वार्ड-6 से पार्षद नवीन बिंदल, वार्ड-8 से पार्षद विनोद प्रजापत, वार्ड-9 से पार्षद विनोद सिंहमार, वार्ड-10 से पार्षद मनोज वर्मा, वार्ड-14 से पार्षद सतबीर चौहान, वार्ड-17 से पार्षद सुधीर स्वामी, वार्ड-19 से पार्षद अजय सांगवान, वार्ड-20 से पार्षद प्रतिनिधि विरेंद्र चरखी व वार्ड-21 से पार्षद प्रतिनिधि सत्यवान पहल कर्मचारियों के समर्थन में आगे आए।
एजेंसी और चालकों के बीच समझौता हो गया और इसके तुरंत बाद सभी वाहन कचरा उठान के लिए रवाना कर दिए। सुबह कर्मचारियों के विरोध के चलते कचरे का उठान नहीं हो पाया।
विकास कुमार, सीएसआई, नगर परिषद
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वहीं, कर्मचारी यूनियनें भी उनके समर्थन में आ गईं। हालांकि दोपहर बाद एजेंसी प्रतिनिधियों ने उन्हें भर्ती करने का आश्वासन देकर शांत किया और इसके बाद ही कचरा उठान करने वाले वाहन नगर परिषद कार्यालय से बाहर निकले। बता दें कि शुक्रवार से शहर में सफाई की नई व्यवस्था लागू हो गई है। इसके तहत सड़कों और गलियों की सफाई नगर परिषद के कर्मचारी करेंगे जबकि डोर-टू-डोर और डंपिंग प्वाइंट से कचरा एजेंसी के कर्मचारी उठाएंगे। वीरवार को नगर परिषद ने अपने 22 वाहन एजेंसी को सौंप दिए थे।
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वहीं, इन वाहनों को चलाने वाले 27 चालकों को अधिकारियों ने शुक्रवार सुबह बाहर का रास्ता दिखा दिया। इससे खफा चालकों ने नगर परिषद के मेन गेट के पास धरना शुरू कर दिया और नौकरी बहाल होने तक कचरा उठान करने वाले किसी भी वाहन को बाहर न निकलने देने की चेतावनी दी। इस हंगामे का असर सफाई व्यवस्था पर भी पड़ा।
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दूसरी ओर 12 वार्डाें के पार्षद भी हटाए गए चालकों के समर्थन में आ गए। गहमागहमी बढ़ती देख बस स्टैंड चौकी प्रभारी संदीप पिलानिया और सिटी थाना प्रभारी राजकुमार भी अपनी टीम के साथ नगर परिषद कार्यालय पहुंचे। उनके समक्ष कर्मचारी नेताओं ने दो टूक बात कही, जिसमें उन्होंने नौकरी बहाली न होने पर और कड़े कदम उठाने की चेतावनी दी। वहीं, विभिन्न यूनियनों के नेता भी इस मामले को लेकर ईओ अभे सिंह यादव से मिले।
दोपहर बाद 3: 35 पर निकले ऑटो टिप्पर
सुबह करीब साढ़े 10 बजे चालकों को हटाने पर बवाल शुरू हुआ था जो दोपहर करीब साढ़े तीन बजे शांत हुआ। 3:35 पर ऑटो टिप्पर और ट्रैक्टर-ट्रॉली नगर परिषद कार्यालय से निकले। हालांकि कई घंटे वाहन खड़े रहने से एजेंसी पहले दिन सभी वार्डाें को कवर नहीं कर पाई।
फिलहाल 27 वाहनों से होगा कचरा उठान, बाद में बढ़ेगी संख्या
एजेंसी अपने पांच वाहन लेकर नगर परिषद कार्यालय पहुंची। इनमें चार ऑटो टिप्पर और एक ट्रैक्टर-ट्रॉली शामिल हैं। इसके अलावा 22 वाहन नगर परिषद की ओर से दिए गए हैं। एजेंसी अधिकारियों के अनुसार फिलहाल 27 वाहनों से कचरे का उठान किया जाएगा। जल्द ही बेड़े में और वाहन शामिल किए जाएंगे।
ये पार्षद आए कर्मचारियों के समर्थन में
वार्ड-एक से पार्षद जय सिंह लांबा, वार्ड-2 से पार्षद प्रतिनिधि नरेंद्र दहिया, वार्ड-3 से पार्षद प्रतिनिधि जितेंद्र, वार्ड-6 से पार्षद नवीन बिंदल, वार्ड-8 से पार्षद विनोद प्रजापत, वार्ड-9 से पार्षद विनोद सिंहमार, वार्ड-10 से पार्षद मनोज वर्मा, वार्ड-14 से पार्षद सतबीर चौहान, वार्ड-17 से पार्षद सुधीर स्वामी, वार्ड-19 से पार्षद अजय सांगवान, वार्ड-20 से पार्षद प्रतिनिधि विरेंद्र चरखी व वार्ड-21 से पार्षद प्रतिनिधि सत्यवान पहल कर्मचारियों के समर्थन में आगे आए।
एजेंसी और चालकों के बीच समझौता हो गया और इसके तुरंत बाद सभी वाहन कचरा उठान के लिए रवाना कर दिए। सुबह कर्मचारियों के विरोध के चलते कचरे का उठान नहीं हो पाया।
विकास कुमार, सीएसआई, नगर परिषद