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35 में से 25 उप स्वास्थ्य केंद्र कंडम घोषित
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रावलधी उप स्वास्थ्य केंद्र का जर्जर भवन व बाहर खड़ी झाड़ियां और लगा गोबर का ढेर।
- फोटो : CharkhiDadri
चरखी दादरी। पीडब्ल्यूडी ने करीब दो महीने की प्रक्रिया के बाद स्वास्थ्य विभाग के 35 में से 25 उप स्वास्थ्य केंद्रों (सामुदायिक-प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र) को कंडम घोषित कर दिया है। अब स्वास्थ्य विभाग ने कंडम भवनों को तोड़ने का एस्टीमेट तैयार करने के लिए पीडब्ल्यूडी को लिखा है। इसके अलावा बाकी बचे उप स्वास्थ्य केंद्रों के मरम्मत का एस्टीमेट भी तैयार करवाया जाएगा। खंडहर हो चुके इन भवनों में बैठने से जहां स्वास्थ्य कर्मी घबरा रहे हैं, वहीं मरीज भी इनमें आने से कतरा रहे हैं। यहीं कारण था कि कहीं पंचायत भवन में तो कही किराये के एक-एक कमरों में स्वास्थ्य कर्मी मरीजों का इलाज कर रहे है। अब इन खंडहर भवनों को कंडम घोषित किए जाने के बाद जल्द ही बनने की उम्मीद भी जगी है। 25 उप स्वास्थ्य केंद्रों के भवन बनने से करीब डेढ़ लाख की आबादी को फायदा होगा। आगामी एक से डेढ़ महीने में कंडम भवनों के निर्माण संबंधित प्रक्रिया शुरू होगी।
जिले में 30 से अधिक उप स्वास्थ्य केंद्रों के भवन जर्जर हैं। लंबे समय से इसके पुनर्निर्माण की दरकार है। स्वास्थ्य विभाग ने करीब दो माह पहले 35 भवनों को कंडम घोषित करने की फाइल पीडब्ल्यूडी के पास भेजी थी। पीडब्ल्यूडी टीम ने इन उप स्वास्थ्य केंद्रों के भवनों का निरीक्षण किया और उसके बाद रिपोर्ट तैयार की गई। पीडब्ल्यूडी ने 25 भवनों को कंडम मानते हुए रिपोर्ट जिला स्वास्थ्य विभाग के पास भेज दी है। रिपोर्ट में 10 भवनों में मरम्मत की दरकार बताई गई। इस पर स्वास्थ्य विभाग ने फिर से पीडब्ल्यूडी को पत्र लिखा है। इस बार पत्र में कंडम भवनों को गिराने में आने वाले खर्च का ब्योरा तैयार करवाने की बात कही गई है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार पीडब्ल्यूडी के एस्टीमेट तैयार करते ही भवनों के नवर्निर्माण की कवायद शुरू करवाने के लिए फाइल मुख्यालय भेजी जाएगी।
बैठने तक की जगह नहीं, स्टाफ व मरीज दोनों परेशान
उप स्वास्थ्य केंद्रों पर तैनात स्टाफ भी बेहद परेशान है। उन्हें बैठने तक की जगह मुहैया नहीं हो पा रही। सूत्रों के अनुसार उप स्वास्थ्य केंद्रों का स्टाफ किसी गांव में पंचायत घर में तो किसी में लोगों के घर एक कमरा लेकर बैठ रहा है। दूसरी ओर जगह का अभाव होने के कारण इन उप स्वास्थ्य केंद्रों की स्वास्थ्य सेवाएं भी बेपटरी हैं। करीब डेढ़ लाख की आबादी को इन 35 उप स्वास्थ्य केंद्रों पर निर्धारित मापदंडों के अनुसार चिकित्सीय सेवाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा। नए भवन बनने के बाद एक तरफ जहां स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार होगा तो दूसरी ओर स्टाफ को भी परेशानियों से राहत मिलेगी।
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दो सौ से अधिक मरीज प्रतिदिन हो रहे परेशान
एक उप स्वास्थ्य केंद्र की दैनिक ओपीडी आठ से दस के बीच रहती है। कुछ स्वास्थ्य केंद्र ऐसे भी हैं जहां ओपीडी 15 तक पहुंच जाती है। इन 25 उप स्वास्थ्य केंद्रों पर प्रतिदिन आने वाले 200 से अधिक मरीज इस समय परेशानी झेल रहे हैं। वहीं, यहां तैनात 80 से अधिक स्वास्थ्य कर्मी भी सुविधाओं के अभाव में परेशान हैं।
इन गांवों में बनेंगे नए भवन
चांगरोड, चंदेनी, मौड़ी, कलियाणा, घसोला, मकड़ाना, तिवाला, बिरही कलां, जीतपुरा, डुडीवाला किशनपुरा, रासीवास, रावलधी, मिसरी, सांजरवास, लोहरवाड़ा, बास, झिंझर, समसपुर, लाहरवाड़ा, मोरवाला, बिगोवा, सांतौर, बौंद खुर्द, कारी रूपा, उण, फतेहगढ़ आदि गांव में बने उप स्वास्थ्य केंद्रों के भवन पीडब्ल्यूडी ने कंडम माने हैं। इन गांवों में नए भवन बनाए जाएंगे।
एक भवन निर्माण पर 50 से 55 लाख रुपये आएगी लागत
स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों के अनुसार उप स्वास्थ्य केंद्रों के भवन निर्माण के लिए सरकार ने 50 से 55 लाख रुपये खर्च करने की स्वीकृति दी हुई है। अब इन कंडम भवनों को गिराने पर आने वाले खर्च का ब्योरा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मुख्यालय भेजेंगे और इसके साथ ही नए भवन निर्माण के लिए बजट की भी मांग की जाएगी।
उप स्वास्थ्य केंद्र के कंडम भवनों का हमारी टीमों ने निरीक्षण किया था। जो भवन कंडम थे उनकी सूची हमने स्वास्थ्य विभाग को भेज दी है। जल्द ही इन्हें गिराने का एस्टीमेट तैयार कर स्वास्थ्य विभाग को भेज देंगे।
सोमबीर दहिया, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी
पीडब्ल्यूडी द्वारा कंडम घोषित किए गए भवनों की सूची हमने मुख्यालय भेज दी है। वहां से हमें इन्हें गिराने का एस्टीमेट तैयार करवाने के निर्देश मिले थे, इसके लिए हमने पीडब्ल्यूडी को पत्र भेज दिया है। जल्द ही उप स्वास्थ्य केंद्रों के नए भवन निर्माण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
डॉ. संजय गुप्ता, डिप्टी सीएमओ
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जिले में 30 से अधिक उप स्वास्थ्य केंद्रों के भवन जर्जर हैं। लंबे समय से इसके पुनर्निर्माण की दरकार है। स्वास्थ्य विभाग ने करीब दो माह पहले 35 भवनों को कंडम घोषित करने की फाइल पीडब्ल्यूडी के पास भेजी थी। पीडब्ल्यूडी टीम ने इन उप स्वास्थ्य केंद्रों के भवनों का निरीक्षण किया और उसके बाद रिपोर्ट तैयार की गई। पीडब्ल्यूडी ने 25 भवनों को कंडम मानते हुए रिपोर्ट जिला स्वास्थ्य विभाग के पास भेज दी है। रिपोर्ट में 10 भवनों में मरम्मत की दरकार बताई गई। इस पर स्वास्थ्य विभाग ने फिर से पीडब्ल्यूडी को पत्र लिखा है। इस बार पत्र में कंडम भवनों को गिराने में आने वाले खर्च का ब्योरा तैयार करवाने की बात कही गई है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार पीडब्ल्यूडी के एस्टीमेट तैयार करते ही भवनों के नवर्निर्माण की कवायद शुरू करवाने के लिए फाइल मुख्यालय भेजी जाएगी।
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बैठने तक की जगह नहीं, स्टाफ व मरीज दोनों परेशान
उप स्वास्थ्य केंद्रों पर तैनात स्टाफ भी बेहद परेशान है। उन्हें बैठने तक की जगह मुहैया नहीं हो पा रही। सूत्रों के अनुसार उप स्वास्थ्य केंद्रों का स्टाफ किसी गांव में पंचायत घर में तो किसी में लोगों के घर एक कमरा लेकर बैठ रहा है। दूसरी ओर जगह का अभाव होने के कारण इन उप स्वास्थ्य केंद्रों की स्वास्थ्य सेवाएं भी बेपटरी हैं। करीब डेढ़ लाख की आबादी को इन 35 उप स्वास्थ्य केंद्रों पर निर्धारित मापदंडों के अनुसार चिकित्सीय सेवाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा। नए भवन बनने के बाद एक तरफ जहां स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार होगा तो दूसरी ओर स्टाफ को भी परेशानियों से राहत मिलेगी।
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दो सौ से अधिक मरीज प्रतिदिन हो रहे परेशान
एक उप स्वास्थ्य केंद्र की दैनिक ओपीडी आठ से दस के बीच रहती है। कुछ स्वास्थ्य केंद्र ऐसे भी हैं जहां ओपीडी 15 तक पहुंच जाती है। इन 25 उप स्वास्थ्य केंद्रों पर प्रतिदिन आने वाले 200 से अधिक मरीज इस समय परेशानी झेल रहे हैं। वहीं, यहां तैनात 80 से अधिक स्वास्थ्य कर्मी भी सुविधाओं के अभाव में परेशान हैं।
इन गांवों में बनेंगे नए भवन
चांगरोड, चंदेनी, मौड़ी, कलियाणा, घसोला, मकड़ाना, तिवाला, बिरही कलां, जीतपुरा, डुडीवाला किशनपुरा, रासीवास, रावलधी, मिसरी, सांजरवास, लोहरवाड़ा, बास, झिंझर, समसपुर, लाहरवाड़ा, मोरवाला, बिगोवा, सांतौर, बौंद खुर्द, कारी रूपा, उण, फतेहगढ़ आदि गांव में बने उप स्वास्थ्य केंद्रों के भवन पीडब्ल्यूडी ने कंडम माने हैं। इन गांवों में नए भवन बनाए जाएंगे।
एक भवन निर्माण पर 50 से 55 लाख रुपये आएगी लागत
स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों के अनुसार उप स्वास्थ्य केंद्रों के भवन निर्माण के लिए सरकार ने 50 से 55 लाख रुपये खर्च करने की स्वीकृति दी हुई है। अब इन कंडम भवनों को गिराने पर आने वाले खर्च का ब्योरा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मुख्यालय भेजेंगे और इसके साथ ही नए भवन निर्माण के लिए बजट की भी मांग की जाएगी।
उप स्वास्थ्य केंद्र के कंडम भवनों का हमारी टीमों ने निरीक्षण किया था। जो भवन कंडम थे उनकी सूची हमने स्वास्थ्य विभाग को भेज दी है। जल्द ही इन्हें गिराने का एस्टीमेट तैयार कर स्वास्थ्य विभाग को भेज देंगे।
सोमबीर दहिया, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी
पीडब्ल्यूडी द्वारा कंडम घोषित किए गए भवनों की सूची हमने मुख्यालय भेज दी है। वहां से हमें इन्हें गिराने का एस्टीमेट तैयार करवाने के निर्देश मिले थे, इसके लिए हमने पीडब्ल्यूडी को पत्र भेज दिया है। जल्द ही उप स्वास्थ्य केंद्रों के नए भवन निर्माण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
डॉ. संजय गुप्ता, डिप्टी सीएमओ