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20 हजार की रिपेयरिंग के फेर में कबाड़ बन रहे 20 लाख के 20 ई-रिक्शा

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 27 Dec 2021 11:39 PM IST
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20 e-rickshaws worth 20 lakhs are becoming junk for repairing 20 thousand
नगर परिषद कार्यालय में जर्जर हो रही ई-रिक्शा । - फोटो : CharkhiDadri
चरखी दादरी। तंग गलियों से कचरा उठान के लिए खरीदी गईं ई-रिक्शा नप कार्यालय में खड़ीं कबाड़ बन रही हैं। इनमें आईं खराबी को दूर करवाने की तरफ अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं और दिनोंदिन इनकी हालत बदतर होती जा रही है। वहीं, दूसरी ओर इसका असर कचरा उठान व्यवस्था पर भी पड़ रहा है। हालांकि नप अधिकारियों का तर्क है कि जिन गलियों में पहले ई-रिक्शा जाती थीं, वहां अब तीन पहिया रेहड़ी भेजी जा रही हैं। लेकिन इस वैकल्पिक व्यवस्था से हटकर देखें तो 20 लाख से खरीदी गईं ई-रिक्शा अधिकारियों ने कबाड़ बनने के लिए छोड़ दी हैं।
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नगर परिषद ने सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए प्रत्येक वार्ड के लिए एक ई-रिक्शा खरीदी थी। एक ई-रिक्शा की कीमत करीब एक लाख रुपये थी और लॉकडाउन लगने के कारण शुरुआती छह माह तक तो इन्हें प्रयोग ही नहीं किया जा सका। वहीं, प्रशासन के निर्देशों पर नई ई-रिक्शा को आवश्यक वस्तुओं की वार्डों में आपूर्ति के लिए प्रयोग किया गया। लॉकडाउन हटने के बाद इनसे कचरे का उठान किया गया और कुछ माह में ही इनमें खराबी आने से कर्मचारी इन्हें नप कार्यालय में खड़ा करते रहे।
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सूत्रों के अनुसार कोई रिक्शा दो माह से तो कोई चार माह से खराब खड़ी है, लेकिन अधिकारी इनकी खामियों को दूर करवाकर इन्हें सड़कों पर दौड़ाने की तरफ ध्यान नहीं दे रहे। ऐसे में लाखों खर्च कर खरीदी गईं ये ई-रिक्शा नकारा बनी हैं। दूसरी ओर इसका सीधे तौर पर असर सफाई व्यवस्था पर पड़ रहा है।
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शहर में 50 से अधिक हैं तंग गलियां
शहर के 21 वार्डों में करीब 50 से अधिक तंग गलियां हैं और अब इनमें से कुछ में कचरे का उठान अभी भी प्रभावित है। तंग गलियों में रहने वाले कचरे का नियमित उठान न होने से परेशान हैं। लोग इस समस्या को लेकर नप अधिकारियों से शिकायत भी कर चुके हैं, लेकिन आज तक ई-रिक्शा को ठीक नहीं करवाया गया।
किसी की सीट फटी तो किसी की बैटरी हुई चोरी
नप कार्यालय में जो ई-रिक्शा खराब खड़ी हैं उनकी खामियां बढ़ती ही जा रही हैं। खराब खड़ीं पांच ई-रिक्शा की तो चालक सीट तक फट चुकी हैं। आठ के शीशे जबकि दो की छत टूटी हुई है। चार ई-रिक्शा के तो कचरा डालने के लिए बनाए गए कंपार्टमेंट ही कंडम हो चुके हैं। एक ई-रिक्शा की बैटरी चोरी हो चुकी है।
निवर्तमान पार्षद बोले : तंग गलियों में प्रभावित है व्यवस्था
वार्ड 11 में नौ तंग गलियां है जिनमें डोर-टू डोर कचरा उठाने के लिए नप ने ई-रिक्शा खरीदी थी। लंबे समय से ये ई-रिक्शा नप कार्यालय में खराब खड़ी हैं, लेकिन इन्हें ठीक नहीं करवाया जा रहा।
विनोद वाल्मीकि, निवर्तमान पार्षद, वार्ड-11
कबीर नगर में करीब 15 तंग गलियां है, जिनमें से कचरा उठान के लिए ई-रिक्शा एकमात्र साधन था। नप की लापरवाही से ज्यादातर ई-रिक्शा खराब हो चुकी हैं, जिसके कारण वार्ड के लोगों परेशान हैं।
ज्योति देवी, निवर्तमान पार्षद ,वार्ड- 12
ई-रिक्शा के तंग गलियों में न आने से कई जगहों पर लोग खुले में ही कचरा फेंक रहे हैं। अधिकारियों को जल्द से जल्द खराब ई-रिक्शा को ठीक करवाकर वार्डों की तंग गलियों में भेजा चाहिए।
उषा चौहान, निवर्तमान पार्षद, वार्ड-14
वार्ड 19 में तीन ऐसी गलियां हैं जिनमें केवल ई-रिक्शा ही कचरा उठान के लिए जा सकती है। ई-रिक्शा खराब होने के कारण इन तंग गलियों से कचरे का उठान नही हो रहा है । शिकायत के बाद भी हालात नहीं बदले।

विरेंद्र पप्पू, निवर्तमान पार्षद, वार्ड-19
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वर्जन
खराब ई-रिक्शा को ठीक करवाने के लिए इंजीनियर को हमने बुलाया था। इन्हें ठीक करवाने के लिए एस्टीमेट बनाकर हमने उच्च अधिकारियों के पास भेज दिया है और जल्द ही इन्हें ठीक करवा दिया जाएगा ।
प्रशांत पाराशर, सचिव, नगर परिषद
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